Muj11W39 Sadhvi Prgya

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Dated: Thursday, September 29, 2011y

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प्रकाशनार्थ

साध्वी प्रज्ञा की याचिका निरस्त


सम्पादक महोदय, दैनिक जागरण.

आप के सम्मानित दैनिक के माध्यम से मै पाठकों का ध्यान सोनिया के रोम राज्य के वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश के लक्ष्य की ओर आकर्षित करता हूँ.

आधुनिक दुर्गा साध्वी पूर्ण चेतनानंद की ललकार| भायखला, मुंबई कारागार से!

काबा हमारा शिवमंदिर है, अजान ईश्वरनिन्दा है, मस्जिद सेनावास हैं और कुरान सारी दुनिया में फुंक रही है. क्यों रहे इस्लाम? हम खूनी संस्कृतियों को नहीं रहने देंगे.

http://www.aryavrt.com/Home/minority-voting-right

काबा परिसर की ३५९ मूर्तियां अली ने तोड़ दीं| हम अपनी काबा वापस लेंगे. अजान हमारे आस्था और ईश्वर का अपमान है. हम इस्लाम और मस्जिद नहीं रहने देंगे.

बाइबल और कुरान अपराध संहिताएं हैं व भारतीय संविधान इनका संरक्षक. हम इनको जब्त करेंगे. हम सेकुलर नहीं रहेंगे.

जहां हम ब्रह्म की संतति हैं, वहीं ईसाइयत और इस्लाम के अनुयायी अब्रहमिक (Abraham's) संततियां हैं. जहां हम अपने ईश्वर से स्वतंत्रता और बुद्धि के प्राप्ति के लिए प्रार्थना करते हैं. (गायत्री मंत्र) वहीं यह मूर्ख लोग [(बाइबलउत्पत्ति २:१७) व  (कुरान २:३५)]  दास बनने और बनाने के लिए गोलबंद हो कर मस्जिदों से चिल्लाते हैं. हमारा ईश्वर हमें उपासना  की स्वतंत्रता देता है, (गीता ७:२१). जब कि अल्लाह का हठधर्म यह है कि जो भी अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की पूजा करे,  उसे कत्ल करो. स्वयम अल्लाह के दास बनो और औरों को बनाओ! हमको आजादी का वचन दिया गया है. हम सोनिया के दास नहीं बनेंगे. लूट, हत्या, नारी बलात्कार और मानव मात्र को दास बनाना ईसाइयत और इस्लाम की फितरत है. धर्म रक्षा से ही मानव व राष्ट्र रक्षा सम्भव है| (मनुस्मृति ८:१५).

http://www.aryavrt.com/fatwa

मै नीचे भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ को उधृत करता हूँ:-

भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) जाति हिंसक, बलात्कारी व दासता पोषक है. देखें:-

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा." भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) भाग ३ मौलिक अधिकार.

दंड प्रक्रिया संहिता

धारा १९६. राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए और ऐसे अपराध करने के लिए आपराधिक षडयंत्र के लिए अभियोजन – (१) कोई न्यायालय, - 

भारतीय दंड संहिता (१८६० का ४५) के अध्याय ६ के अधीन या धारा १५३(क), धारा २९५(क) या धारा ५०५ की उपधारा (१) के अधीन दंडनीय किसी अपराध का; अथवा

ऐसा अपराध करने के लिए आपराधिक षडयंत्र का; अथवा                              

भारतीय दंड संहिता (१८६० का ४५) की धारा १०८(क) में यथावर्णित किसी दुष्प्रेरण का, संज्ञान केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जायेगा, अन्यथा नहीं. ....

यानी उपरोक्त धारा आप को उत्पीड़न के विरुद्ध शिकायत करने के अधिकार से भी वंचित करती है! वस्तुतः हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार से जुड़े बागियों ने ज्ञान के वृक्ष का फल खा लिया है. हमारे लिए मूर्खों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग का दरवाजा सदा के लिए बंद हो चुका है. {(बाइबलउत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५)}. हमें ज्ञात हो गया है कि भारतीय संविधान वैदिक सनातन धर्म सहित मानव जाति को मिटाने व मानव मात्र को दास बनाने के लिए संकलित किया गया है. इंडिया में मुसलमानों और ईसाइयों को इसलिए रोका गया है कि दोनों ने स्वेच्छा से शासकों की दासता स्वीकार कर ली है. यदि आप अपनी, अपने देश व अपने वैदिक सनातन धर्म की रक्षा करना चाहते हैं तो समस्या की जड़ ईसाइयत और इस्लाम के पोषक भारतीय संविधान कोनिजहित में, मिटाने में हमारा सहयोग कीजिए.

जो भारतीय संविधान की शपथ लेता है, आत्मघाती व मानवता का शत्रु है. राज्यपालों और प्रेसिडेंट को भारतीय संविधान के संरक्षण, संवर्धन व पोषण का अनुच्छेदों १५९ व ६० के अंतर्गत भार सौंपा गया है. लोकसेवकों को संरक्षण देने के लिए भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ बनाई गई है. और ईसाइयत और इस्लाम को संरक्षण देने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६. जो भी लूट का विरोध करे उसे उत्पीड़ित करने की भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अंतर्गत व्यवस्था की गई है. निर्णय करें! सोनिया के हाथों मौत चाहते हैं या सम्माननीय जीवन?

भारतीय संविधान ने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है. दया के पात्र विधायकों, सांसदों, जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है. या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें. इनके अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है. हम भारतीय संविधान का उन्मूलन करेंगे..

हमने बाबरी ढांचा गिराया है. क्यों कि विवाद का मूल बिंदु है कि अपराध स्थल मस्जिद धरती पर क्यों रहें? मस्जिद बचाने वाले अपराधी हैं. स्वयं मैकाले के कथनानुसार १८३५ ई० तक मैकाले को पूरे इंडिया में एक भी भिखारी या चोर नहीं मिला क्यों कि तब वैदिक सनातन धर्म आधारित राजतंत्र था. पढ़ें मेरी पुस्तक ‘अजान’. हमारे १२ अधिकारी मक्कामालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं. मनुष्य के पुत्र का मांस खाने वाली और लहू पीने वाली सोनिया (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) द्वारा हम इसलिए सताए जा रहे हैं कि हम आपको दास बनने से रोकना चाहते हैं. हम नहीं चाहते कि आप के घर लूटे जाएँ| आप के दुधमुहें पटक कर मार डाले जाएँ| आप की नारियों का आप की आँखों के सामने बलात्कार हो और अंत में आप कत्ल कर दिए जाएँ. (बाइबल, याशयाह १३:१६). वह भी जजों के समर्थन से! (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). हम जानना चाहते हैं कि नारियों की लूट व उनके बलात्कार को निंदनीय न मानने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान ४:२४; २३:६; ३३:५० व ७०:३०). मुहम्मद की अपनी ही पुत्रवधू जैनब के साथ मुहम्मद का निकाह कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, ३३:३७-३८). लुटेरा व हत्यारा अल्लाह ईश्वर कैसे है? मूर्ति भंजन कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरान, सूरह अल-अम्बिया २१:५८). हत्या, लूट, बलात्कार, धर्मान्तरण और राष्ट्रांतरण की संहिता कुरान धर्मपुस्तक कैसे है?

इसी प्रकार सबको अपने अधीन कराने वाला, (बाइबल, लूका १९:२७), मनुष्य के पुत्र का मांस खाने व लहू पीने की शिक्षा देने वाला (बाइबल, यूहन्ना ६:५३), तलवार चलवाने वाला (बाइबल, मत्ती १०:३४), धरती पर आग लगवाने वाला (बाइबल, लूका १२:४९), परिवार में शत्रुता पैदा कराने वाला {(बाइबल, मत्ती १०:३५-३६) व (बाइबल, लूका १२:५१-५३)}, बेटी से विवाह कराने वाला (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) व मनुष्य को भेंड़ बनाने वाला ईशा ईश्वर का पुत्र कैसे है?

इसी प्रकार पूजा स्थल तोड़वाने वाला, (बाइबल, व्यवस्था विवरण १२:१-३), लूट व दूसरे के नारी के अपहरण की शिक्षा देने वाला (बाइबल, व्यवस्था विवरण २०:१३-१४), दुधमुहों की हत्या कराने वाला और नारियों का उनके पुरूषों के आँखों के सामने बलात्कार कराने वाला जेहोवा ईश्वर कैसे है? (बाइबल, याशयाह १३:१६)

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें हमारी वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं. बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का ८ करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और न कोई जाँच आयोग. ४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हम भगवा आतंकवादी हैं! हम जानना चाहते हैं कि १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है? आतंकवादी भगवा धारी हैं या सरकार? हमारे मंदिरों पर सोनिया सरकार का कब्जा है, क्या किसी मस्जिद या चर्च पर भी सोनिया सरकार का कब्जा है?

ईसाइयत और इस्लाम का लक्ष्य क्रमशः अर्मगेद्दन (armageddon) द्वारा ईसा के द्वितीय आगमन पर संसार को दास बना कर ईसा का राज्य स्थापित करना है और जिहाद द्वारा धरती पर इस्लामी शरियत का राज्य स्थापित करना है. यदि  ईसाइयत रहेगी तो सबको ईसा की बुद्धिहीन भेंड़ बन कर ईसा की दासता स्वीकार करनी पड़ेगी (बाइबल, लूका १९:२७) और इस्लाम धरती पर रहेगा तो सबका खतना होगा| (कुरान ८:३९). ईसाइयत और इस्लाम रहेगा तो कोई मंदिर नहीं बच सकता. किसी नारी की मर्यादा नहीं बच सकती है. इस्लाम सदा सदा के लिए काफिरों के गले पर रखी हुई तलवार है. अजान गैर-मुसलमान मानव जाति के आराध्य देवों का अपमान और भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन संज्ञेय गैर-जमानती अपराध है-जिसके बदले दण्डित करने के स्थान पर भारतीय संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर १० अरब रुपयों वार्षिक से अधिक ईमामों को वेतन दिया जा रहा है. (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६).

लोकपाल अन्ना लायेंगे व विदेशों में जमा धन योगगुरू. भारतीय संविधान इनके पूज्य हैं. आर्यावर्त सरकार आतताई संस्कृतियों की संरक्षक भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व अनुच्छेद ३९(ग) मिटाएगी. किसके साथ हैं आप?

हम ईसाई व मुसलमान, जो मजहब के नाम पर एक दूसरे का गला काटने पर उतारू हैं व मानवजाति को डायनासोर की भांति मिटाने के लिए कटिबद्ध हैं, सहित मानव जाति के लिए लड़ रहे हैं और आप के पास अपने शत्रु व मित्र की पहचान तक नहीं है| एक ओर सोनिया का रोम राज्य है और दूसरी ओर आर्यावर्त सरकार| निर्णय आप के हाथों में है. आप दासता और मृत्यु चाहेंगे या आजादी और सम्मान?

http://www.youtube.com/watch?v=yutaowqMtd8

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी.

 

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AyodhyaP Tripathi,
Sep 29, 2011, 1:42 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Sep 29, 2011, 1:47 AM
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