Muj11W37 Vote for Note

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Dated: Monday, September 19, 2011y

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 मुजहना-MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

Price this issue: Rs. 2/- Yearly Rs. 100/-. Life member Rs. 1000/-.

 Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 16 Year 16 ISSUE 37, Sep 09-Sep 15, 2011. Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9696305857 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com Muj11W37 Vote for Note 11915




प्रकाशनार्थ

नोट के बदले वोट

सम्पादक महोदय, दैनिक जागरण.

आप के सम्मानित दैनिक के माध्यम से मै पाठकों का ध्यान सोनिया के रोम राज्य को बचाने के लिए सांसदों को घूस बाँटने की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है – शत्रु की रणनीति जानो. हम ईसाइयत और इस्लाम की रणनीति को नहीं जानते, अतएव मानव जाति ही समाप्त हो जायेगी. क्यों कि मुसलमान गैर-मुसलमान को कत्ल करेगा (कुरान ८:३९) और ईसाई गैर-ईसाई को. (बाइबल, लूका १९:२७). इस प्रकार जो भी ईसाइयत और इस्लाम, बाइबल और कुरान और भारतीय संविधान का समर्थक है, मानवता का शत्रु है.

इंडिया में लोकतंत्र नहीं सोनिया केलिए, सोनिया द्वारा चुनागया सोनियातंत्र है. सर्वविदित है कि प्रेसिडेंट प्रतिभा का मनोनयन सोनिया ने किया. प्रधानमंत्री, सभी राज्यपाल व सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैं. 

कांग्रेस ने जिन ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन वैदिक सनातन धर्म और उसके अनुयायियों को मिटाने के लिए किया है. ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों व उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति को निगल रही है.

यदि सोनिया को ही देश का सुपर प्रधानमंत्री बनना था तो विक्टोरिया में क्या बुराई थी? एलिजाबेथ में क्या बुराई है? क्यों बहाए हमारे पूर्वजों ने रक्त?

भारतीय संविधान ने राज्यपालों, जजों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है. भारतीय संविधान के संरक्षक, प्रतिरक्षक और आस्थावान लोग वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए विवश हैं|

हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग जानते हैं कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) ने मुसलमान और ईसाई सहित मानव मात्र को अपराधी घोषित करने वाले ईसाइयत और इस्लाम संस्कृतियों को बनाये रखने का ईसाइयों व मुसलमानों को असीमित मौलिक अधिकार दे रखा है| वस्तुतः हम ने ज्ञान के वृक्ष का फल खा लिया है. (बाइबल, उत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५). हमारे लिए मूर्खों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग का दरवाजा सदा के लिए बंद हो चुका है. हमें ज्ञात हो गया है कि भारतीय संविधान वैदिक सनातन धर्म सहित मानव जाति को दास बनाने या मिटाने के लिए संकलित किया गया है. इंडिया में मुसलमानों और ईसाइयों को इसलिए रोका गया है कि दोनों ने स्वेच्छा से शासकों की दासता स्वीकार कर ली है. हमारा कथन है कि यदि आप अपनी, अपने देश व अपने वैदिक सनातन धर्म की रक्षा करना चाहते हैं तो समस्या की जड़ ईसाइयत और इस्लाम के पोषक भारतीय संविधान कोनिजहित में, मिटाने में हमारा सहयोग कीजिए. भारतीय संविधान, जिसके अनुच्छेद ३९(ग) के संरक्षण, संवर्धन व पोषण की राज्यपालों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन शपथ ले कर, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ द्वारा जो राज्यपाल भ्रष्ट लोक सेवकों को संरक्षण देने के लिए विवश हैं और जजों ने भी जिस अनुच्छेद ३९(ग) को बनाये रखने की शपथ ली है, (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८), से निकृष्ट भ्रष्टाचारी कौन हो सकता है?

भ्रष्टाचार सोनिया करती है, नौकरी थोमस की जाती है जेल राजा जाते हैं. इस सच्चाई को छिपाते हुए मीडिया को लज्जा क्यों नहीं आती? जज, मीडिया व सरकार सोनिया को संरक्षण देने के अपराधी हैं.

वोट के बदले वोट कांड द्वारा अमरसिंह ने सोनिया की सरकार बचाई है. भ्रष्ट जजों में साहस हो तो सोनिया को बंद कर के दिखाएँ. इतना ही नहीं, सोनिया ने सिंधी जेठमलानी से सिंधी अडवाणी को भी फंसाया है.

जुलाई, 2008 में भाजपा के सांसद फगन सिंह कुलस्ते, महावीर सिंह भगौरा और अशोक अर्गल ने संसद में नोटों की गड्डियां दिखाते हुए बताया था कि संप्रग सरकार को विश्वासमत से बचाने के लिए उन्हें खरीदने की कोशिश की गई।

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों में से फगन सिंह कुलस्ते और महावीर भगौरा को हाल में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया| जिन्होंने सांसद खरीद कांड का खुलासा कर न केवल अपनी ईमानदारी का परिचय दिया, बल्कि लोकतंत्र की सेवा करने के साथ सार्वजनिक जीवन में शुचिता की भी रक्षा की। क्योंकि सोनियातन्त्रमें भ्रष्टाचार करना अपराध नहीं भ्रष्टाचार को उजागर करना अपराध है| इसीलिए ये बंदी बने.

भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे के आंदोलन का प्रथम चरण 'तंत्र पर लोक' की जीत के साथ खत्म हुआ है, किंतु इससे सत्ता अधिष्ठान ने संभवत: कोई सबक नहीं लिया है। बाबा रामदेव के बाद सरकार ने अन्ना हजारे के दमन का भी निर्णय लिया था, किंतु व्यापक जनाक्रोश को देखते हुए उसे अपने कदम पीछे करने पड़े। वस्तुत: सरकार अपने भ्रष्ट आचरण के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को कुचलना चाहती है। नोट के बदले वोट कांड का खुलासा करने वालों की गिरफ्तारी सरकार के इसी निरंकुश व अलोकतांत्रिक रवैये को रेखांकित करती है। जिन्होंने लोकतंत्र को शर्मसार करने वाले इस कांड का खुलासा किया उन्हें तो गिरफ्तार कर लिया गया और जो इसके असली लाभार्थी थे, वे मलाई खा रहे हैं। यदि व्यवस्था तंत्र ईमानदार होता तो सार्वजनिक जीवन में शुचिता की रक्षा करने वालों को सम्मानित किया होता। प्रजातांत्रिक देशों में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को कानून संरक्षण प्रदान करता है। इसके विपरीत, भारत का सत्ता अधिष्ठान ऐसे लोगों को इस दलील पर दंडित करना चाहता है कि उन्होंने पुलिस को सूचित करने की जगह रिश्वत स्वीकार कर ली। जब कि सांसदों ने सोनिया सरकार को नंगा किया था.

संप्रग सरकार के दूसरे कार्यकाल में सार्वजनिक धन की लूट लाखों करोड़ में है, किंतु सन 2008 के 'नोट के बदले वोट' से लोकतांत्रिक मूल्यों को जो क्षति पहुंची और उसकी व्यूहरचना व क्रियान्वयन में जिन ताकतवर लोगों की संलिप्तता है उसके कारण यह इन घोटालों में सबसे बड़ा घोटाला है। किसी अनसुलझे अपराध में असली लाभार्थी को ही प्रमुख कसूरवार माना जाता है। इस कांड की असली लाभार्थी सोनिया है| अपनी पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करते हुए 19 सांसदों ने क्यों पाला बदल लिया, जिसके कारण विश्वासमत जीतने में सरकार कामयाब हो पाई? लोकनायक जयप्रकाश नारायण की तरह केजरीवाल, रामदेव, भूषणद्वय, कुलस्ते, भगौरा और अर्गल के पीछे सरकारी जांच एजेंसियों का पड़ना दमनकारी सरकार का परिचायक है। इनका दमन वस्तुत: संविधान और गणतंत्र का गला घोंटना है।

गिरफ्तारी तो सोनिया की होनी चाहिए. लेकिन गिरफ्तार हुए वे जिन्होंने सोनिया के रोम राज्य को नंगा किया.

गिरफ्तारी होनी चाहिए पुलिस अधिकारियों की जिन्होंने सत्य पर पर्दा डाला. गिरफ्तारी होनी चाहिए जज संगीता की जिन्होंने न्याय की आड़ में अमर सिंह के हत्या की कोशिश की.

ऐसा तभी सम्भव है जब इस देश का नौजवान सोनिया के विरुद्ध खड़ा हो. आर्यावर्त सरकार को सहयोग दे. आर्यावर्त सरकार स्वामी अमृतानंद के सपनों को साकार करना चाहती है और स्वामी जी का सपना है, ईसाइयत और इस्लाम के समूल नाश का.

आधुनिक दुर्गा साध्वी पूर्ण चेतनानंद की ललकार| भायखला, मुंबई कारागार से! काबा हमारा शिवमंदिर है, अजान ईश्वरनिन्दा है, मस्जिद सेनावास हैं और कुरान सारी दुनिया में फुंक रही है. क्यों रहे इस्लाम?

http://www.aryavrt.com/Home/minority-voting-right

काबा परिसर की ३५९ मूर्तियां अली ने तोड़ दीं| हम अपनी काबा वापस लेंगे. अजान हमारे आस्था और ईश्वर का अपमान है. हम अजान के विरुद्ध मुकदमा जीत चुके हैं. हम इस्लाम और मस्जिद नहीं रहने देंगे. बाइबल और कुरान अपराध संहिताएं हैं. हम इनको जब्त करेंगे.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी. 


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AyodhyaP Tripathi,
Sep 19, 2011, 10:03 AM
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