Muj11W26 LG

Your Request/Grievance Registration Number is : PRSEC/E/2011/10161 Dated June 27, 2011.

जनता की अदालत में...

विषय: प्राथमिकी सं० ४४०/१९९६, ४८४/१९९६ और १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली व ४०६/२००३ और १६६/२००६ थाना नरेला, दिल्ली.

अपने Muj11W22a LG RTI HD 11530y के संस्करण में मैंने देश के काले कानूनों की चर्चा की है. सूचना के अधिकार के अंतर्गत मैने राष्ट्रपति को पत्र लिखा. मेरे पास उत्तर आया कि मैंने सूचना ही नहीं मांगी है. मांगी गई सूचना निम्नलिखित (एक पैरा में) है:-

४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हमारे १२ अधिकारी जेलों में हैं. मात्र कश्मीर में १९९२ में तोड़े गए १०८ मंदिरों की जांच सोनिया क्यों नहीं कराएगी? हमे सरकार व विश्व से उत्तर चाहिए| बाइबल और कुरान कब जब्त होगी?

मानवता के हत्यारे सोनिया ने उप राज्यपाल महामहिम श्री तेजेन्द्र खन्ना का मनोनयन किया है और उन्होंने भारतीय संविधान और कानूनों के रक्षा की शपथ ली है, भारतीय संविधान अल्पसंख्यकों में अल्पसंख्यक हम वैदिक पंथियों को अल्पसंख्यक नहीं मानता, अल्पसंख्यक मानता है विश्व की सबसे बड़ी आबादी ईसाई और भारत व विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादी मुसलमान को! इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है. (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब भारत को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी और संवैधानिक अधिकार है. सोनिया के ईसा ने सोनिया को हमे कत्ल करने की आज्ञा दे रखी है. (बाइबल, लूका १९:२७). स्पष्टतः ईसाइयत और इस्लाम दोनों खूनी मजहब हैं. परभक्षी, हत्यारी संस्कृतियों को संरक्षण देने के लिए प्रेसिडेंट और राज्यपाल विवश हैं. इनसे हमारी जान को खतरा है. आप सहयोग दें – हम इन्हें भारत में नहीं रहने देंगे.

इनको संरक्षण देने वाले भारतीय संविधान और उप राज्यपाल महामहिम खन्ना मानव जाति के शत्रु है.

प्रेसिडेंट, प्रधानमंत्री और राज्यपाल सोनिया द्वारा मनोनीत मातहत व उपकरण है. लुटेरे संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) व्यक्ति को सम्पत्ति का अधिकार ही नहीं देता. भारतीय संविधान को कोई भ्रष्टाचारी नहीं मानता. जज व नागरिक दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं १९६ व १९७ के अधीन, सोनिया के मनोनीत, राज्यपालों द्वारा शासित हैं. अहिंसा, सांप्रदायिक एकता और शांति प्रक्रिया की आड़ में ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं. वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो." (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये." (सूरह  अल अनफाल ८:३९). वैदिक सनातन धर्म को मिटाना दोनों का संवैधानिक अधिकार, ईश्वरीय आदेश व घोषित कार्यक्रम है.

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप हमारी वेब साईट

 http://www.aryavrt.com/azaan

पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं. बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का ८ करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और न कोई जाँच आयोग. ४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हम भगवा आतंकवादी हैं! १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है? क्या इस देश का वकील वर्ग पूछेगा?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई. मैंने पत्रक ‘मुसलमानों भारत छोड़ो’ और ‘ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था. जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया. बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ. अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं. मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है. इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है. मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ.

हमारे मंदिरों पर सोनिया सरकार का कब्जा है, क्या किसी मस्जिद या चर्च पर भी सोनिया सरकार का कब्जा है? आतंकवादी भगवा धारी हैं या सोनिया सरकार?

मस्जिदों से हमारे वैदिक सनातन धर्म का और ईश्वर का, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन सरकार द्वारा दिए गए संरक्षण में, अपमान होता है, मुहम्मद के कार्टून बनाने पर ईशनिंदा के लिए मौत का  फतवा देने वाले सरकारी संरक्षण में अजान द्वारा हमारे ईश्वर का अपमान क्यों करते हैं? ईश निंदा के अपराध में हम मुसलमानों को कत्ल क्यों न करें? हमसे उपासना की स्वतंत्रता का वादा किया गया है, ईमाम मस्जिदों से, "ला इलाहलिल्लाहू मुहम्मद्दुर रसुल्ल्लाहू" क्यों चिल्लाते हैं? हम अल्लाह के उपासना की दासता क्यों स्वीकार करें? ईश्वर का अपमान कराने वाली सरकार को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं.

आप लोगों से राम राज्य का वादा किया गया था, सोनिया के रोम राज्य में रहते आप लोगों को लज्जा क्यों नहीं आती? ईमाम आप को गाली देता है. स्वयं दास है और आप की स्वतंत्रता छीनता है. क्या आप को नहीं मालूम कि संविधान ने आप को स्वतंत्रता का वचन दिया है? ईमामों को दंडित करने के स्थान पर सोनिया ईमामों को वेतन दिलवा रही है. वह भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से! (एआईआर, एस सी १९९३, २०८६). जज शीघ्र ही कुमारी माताओं को इनाम देने का आदेश पारित करेंगे. संयुक्त राष्ट्र संघ इसका कानून पहले ही बना चुका है. [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा. अनुच्छेद २५(२)]. जजों ने मानवता के हत्यारों जेहोवा अल्लाह को ईश्वर घोषित कर रखा है. कुरान बाइबल को धर्मपुस्तक घोषित कर रखा है. (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). ईमाम के लिए आप काफ़िर हैं. इस्लाम है तो काफ़िर नही. हम आप के लिए लड़ रहें हैं और आप लोग अपने सर्वनाश की जड़ चर्चों, मस्जिदों और ईमामों को बचाने के लिए हमें प्रताडित कर रहे हैं. ईश्वर से डरिये.

काबा हमारी है, अजान गाली है, मस्जिद सेनावास हैं और कुरान सारी दुनिया में फुंक रही है. धरती पर क्यों रहे इस्लाम? लोकपाल अन्ना लायेंगे व विदेशों में जमा धन बाबा. आर्यावर्त सरकार धर्म की स्थापना हेतु भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) व अनुच्छेद ३९(ग) मिटाएगी. किसके साथ हैं आप?

ईसाइयत और इस्लाम ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, उन्होंने वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. भारतीय संविधान का संकलन वैदिक सनातन धर्म और उसके अनुयायियों को मिटाने के लिए हुआ है. ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति को निगल रही है.

जिसने भी भारतीय संविधान में निष्ठा की शपथ ली है, वह वैदिक पंथियों के मानवाधिकारों की अवहेलना का दंडनीय अपराध कर रहा है और मानवता का शत्रु है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) ने हमसे जीने और धरती पर शासन करने व ३९(ग) ने नागरिकों से सम्पत्ति रखने का अधिकार २६ जनवरी, १९५० से ही छीन लिया है. वोट द्वारा भी नागरिक इस अधिकार को नहीं बदल सकते. स्वयं लोकसभा व सर्वोच्च न्यायलय भी कुछ नहीं कर सकती.

मालेगांव व अन्य मस्जिदों में विष्फोट के बाद मीडिया ने हमें आर्यावर्त सरकार के गठन का अपराधी बताया है, हमारी मांग है कि अजान बंद हो. कुरान जब्त हो और मस्जिदें ध्वस्त हों. इस्लाम विरोधी हमारे सभी अभियुक्त आरोप मुक्त हों.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी.


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ap tripathi,
Jun 27, 2011, 2:56 AM
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