Muj11W25

वैदिक सनातन धर्म पर संकट

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Dated: Thursday, June 23, 2011

२६ नवम्बर १९४९ को हमारे साथ छल हुआ था. संविधान सभा के लोग अंग्रेजों के सत्ता हस्तांतरण के बाद जनता के चुने प्रतिनिधि नहीं थे. क्यों कि पहला चुनाव ही १९५२ में हुआ. संविधान का संकलन कर उसे जनता के सामने नहीं रखा गया और न जनमत संग्रह हुआ. फिर हम भारत के लोगों ने संविधान को आत्मार्पित कैसे किया? मानवता की रक्षा के लिए हम अभिनव भारत और आर्यावर्त के लोगों ने यही पूछने का दुस्साहस किया है. इससे बड़ा दुस्साहस यह किया है कि हमने आर्यावर्त सरकार का गठन कर लिया है. इस प्रकार हमने सोनिया के रोम राज्य को चुनौती दी है. बंदा बैरागी, सिक्खों के दसो गुरुओं, गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों, भाई सती और मती दास की भांति हम सोनिया द्वारा सताए जा रहे हैं. इससे भी भयानक बात यह है कि आज हमें तब की भांति मुसलमान नहीं सता रहे, बल्कि वे सता रहे हैं, जिनकी जान, संस्कृति, सम्पत्ति और नारियों की रक्षा के लिए हम लड़ रहे हैं|

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हम आर्यावर्त के लोग आमने सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं. ईसा अपने लक्ष्य को कभी नहीं छिपाता. केवल उन्हें ही जीवित रहने का अधिकार है, जो ईसा का दास बने. (बाइबल, लूका १९:२७) और अल्लाह व उसके इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है. (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब भारत को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी व संवैधानिक अधिकार है.

काबा हमारी है, अजान गाली है, मस्जिद सेनावास हैं और कुरान सारी दुनिया में फुंक रही है. क्यों रहे इस्लाम?

हम से पाकपिता गाँधी ने राम राज्य का वादा किया था, भारतीय संविधान ने हमे उपासना की स्वतंत्रता दी है. हम मनुष्य के पुत्र का मांस खाने

और लहू पीने (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) वाली सोनिया को सत्ता में क्यों रहने दें? हम अजान देने व नमाज़ पढ़ने वाले को धरती पर क्यों रहने दें?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई. मैंने पत्रक ‘मुसलमानों भारत छोड़ो’ और ‘ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था. जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया. बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ. अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं. मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है. इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है. मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ.

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप हमारी वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं. लेकिन सोनिया के रोम राज्य में मंदिर तोड़ना अपराध नहीं माना जाता! यह बाइबल और कुरान की आज्ञा है. (कुरान १७:८१) व (बाइबल, व्यवस्था विवरण १२:१-३)| बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का करोड़ रुपया डकार गया.

४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हम भगवा आतंकवादी हैं! मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है? क्या सोनिया बताएगी?

हमारे पूर्वजों से भूल हुई है. हमारे पूर्वजों ने ईसाइयत और इस्लाम की हठधर्मी को ईसाइयों व मुसलमानों पर लागू कर उनको कत्ल नहीं किया. हम अपने पूर्वजों की गलती को सुधारना चाहते हैं. हमें आप के सहयोग की नितांत आवश्यकता है. आप से अनुरोध है कि बहुत हो चुका, असीमानंद के पीछे पड़ने के स्थान पर सोनिया से पूछिए, कि मात्र कश्मीर में १९९२ तोड़े गए १०८ मंदिरों की जांच कौन करेगा? वर्ष पूरे हो चुके हैं.

हर मुसलमान व ईसाई खूनी है. सोनिया कैथोलिक ईसाई है. धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्ल करने की बाइबल की आज्ञा है. (व्यवस्था विवरण१३:६-११). व धर्मपरिवर्तन करने वाले को कत्ल करने की कुरान की आज्ञा है. (कुरान ४:८९). २०११ वर्ष पूर्व ईसाई नहीं थे. न १४३१ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे. अतएव धर्मत्यागी सोनिया व हामिद को उनके ही मजहब के अनुसार कत्ल करने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है. क्यों कि बाइबललूका १९:२७ के ईसा के आदेश से सोनिया हमे कत्ल करेगी और कुरान २१:९८ के आदेश से हामिद अंसारी कत्ल करेगा. इनसे अपनी रक्षा का हमारे पास और कोई मार्ग नहीं है.

भ्रष्टाचार की जड़ भारतीय संविधान है.

भ्रष्टाचार के लिए भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) उत्तरदायी है; इसका विवरण हम muj11w15c-jan-lokpal के अंक में कर चुके हैं. जिसका १९५० से आज तक कोई विरोधी नहीं है. आप ईसा को राजा स्वीकार नहीं करते. (बाइबल, लूका १९:२७) अतएव सोनिया के पास आप को कत्ल करने का संवैधानिक असीमित मौलिक अधिकार है. [(भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)]. भारत में कोई लोकतंत्र नहीं है. भारत में सोनिया के लिए, सोनिया द्वारा चुना गया सोनिया तंत्र है. सर्व विदित है कि प्रेसिडेंट प्रतिभा का मनोनयन सोनिया ने किया. प्रधानमंत्री का मनोनयन सोनिया ने ही किया है. सभी राज्यपालों का मनोनयन सोनिया ही करती है और सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैं. 

सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही आप ईसा की भेंड़ हैं. भेंड़ सम्पत्ति नहीं रखते. आप के पास क्यों रहे? ईसा १० करोड़ लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और वेदिक संस्कृति पर भिड़ी है. संविधान के अनुच्छेद ३१ के संशोधन को मान्यता, समलैंगिक सम्बन्ध, सहजीवन, कन्याओं को पब में शराब पीने और नंगे नाचने का अधिकार, सगोत्रीय विवाह के कानून तो सोनिया के जजों ने ही पास किये हैं. बचना हो तो सोनिया को जेल भेजने में हमें सहयोग दीजिए.

यदि मीडिया व्यक्तिगत लाभ के लिए किसी को सरकारी खजाने को हानि पहुंचाते हुए दलाली या हेराफेरी का दोषी मानती है, तो उसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ पर स्पष्ट रूप से अपने विचार रखना चाहिए.

मै डेनिअल वेबस्टर के कथन से पूरी तरह सहमत हूँहमको मिटाने के लिए किसी भी राष्ट्र के पास शक्ति नहीं है. हमारा विनाश, यदि आएगा तो वह दूसरे प्रकार से आएगा. वह होगा सरकार के षड्यंत्र के प्रति जनता की लापरवाही. ... मुझे भय है कि जनता अपने उन लोकसेवकों पर अत्यधिक विश्वास करेगी, जिन्हें स्वयं अपने ही सर्वनाश के लिए (सोनिया द्वारा) हथियार बना लिया गया है.

मुझे इस बात से मतलब नहीं कि आप हिंदू हैं या मुसलमान अथवा ईसाई. आप के सामने मै भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के उत्तर में उपनिषद के अंश रखता हूँ. निर्णय करें किसे चाहेंगे?

 न मे स्तेनो जनपदे न कर्दर्यो न मद्यपो नानाहिताग्निर्नाविद्वान्न स्वैरी स्वैरिणी कुतो

छान्दोग्योपनिषद, पंचम प्रपाठक, एकादश खंड, पांचवां श्लोक

अर्थ: कैकेय देश के राजा अश्वपति ने कहा, मेरे राज्य में कोई चोर नहीं है, कंजूस नहीं, शराबी नहीं, ऐसा कोई गृहस्थ नहीं है, जो बिना यज्ञ किये भोजन करता हो, न ही अविद्वान है और न ही कोई व्यभिचारी है, फिर व्यभिचारी स्त्री कैसे होगी?

वैदिक राज्य में चोर, भिखारी और व्यभिचारी नहीं होते थे. स्वयं मैकाले ने २ फरवरी १८३५ को इस बात की पुष्टि की है. लेकिन भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) ही चोर है. भारतीय संविधान को चोर कहना सोनिया के रोम राज्य के विरद्ध भारतीय दंड संहिता के धारा १५३ व २९५ के अंतर्गत अपराध है और संसद व विधानसभाओं के विशेषाधिकार का हनन भी. जो भी इस सच्चाई को कहे या लिखेगा, उसे सोनिया दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ में जेल भेजवा देंगी. मुसलमान ईश निंदा में कत्ल करेगा. मै ४२ बार हवालात और जेल गया हूँ| और हमारे १२ अधिकारी जेलों में बंद हैं.

मैं इसलिए लड़ रहा हूँ कि आप धूर्त पुरोहितों और शासकों के दास न बनें. मुसलमान और ईसाई आप की आँखों के सामने आप की नारियों का बलात्कार न करने पायें. आप के घर न लूट लिए जाएँ और आप कत्ल न कर दिए जाएँ. मैं आतताई अल्लाह व जेहोवा को भगवान मानने के लिए तैयार नहीं हूँ. और न कुरान व बाइबल को धर्म पुस्तक स्वीकार करता हूँ. मै भारतीय संविधान, कुरान व बाइबल को मानवता का शत्रु मानता हूँ. जो ऐसा नहीं मानता, वह दया का पात्र है.

एक ओर सोनिया का रोम राज्य है और दूसरी ओर आर्यावर्त सरकार का राम राज्य, जिसका पाकपिता गाँधी ने वादा तो किया था, लेकिन आप को दिया नहीं| किसके साथ हैं आप?

दूसरी ओर सोनिया आप के दुधमुहों को पटक कर मरवा डालेगी. आप के नारियों का आप की आँखों के सामने बलात्कार कराएगी, आप के घर लूटेगी और अंत 

में आप को कत्ल कराएगी. (बाइबल, यश्याह १३:१६) आप के पूजा स्थल तोड़वायेगी, (बाइबल, व्यवस्था विवरण १२:१-३). किसके साथ हैं आप?      सम्पादक
Ċ
ap tripathi,
Jun 27, 2011, 11:32 AM
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