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जनता की अदालत में:-

विषय: प्राथमिकी सं० ४४०/१९९६, ४८४/१९९६ और १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली व ४०६/२००३ और १६६/२००६ थाना 

नरेला, दिल्ली.

जिसे भी आजादी चाहिए!

भारतीय संविधान का अनुच्छेद(१) जाति हिंसक, बलात्कारी व दासता पोषक है. देखें:-

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा." भारतीय संविधान भाग ३ मौलिक अधिकार.

१९९४ से आज तक किसी एलजी ने न मुझे मिलने का समय दिया और न मेरे पत्रों का उत्तर ही दिया.

मुसलमान और ईसाई अल्पसंख्यक नहीं हैं

मुसलमान और ईसाई अल्पसंख्यक नहीं, बल्कि क्रमशः विश्व की द्वितीय व प्रथम आबादी हैं. अल्पसंख्यक तो हम वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी हैं. भारतीय संविधान के अधिकार से सोनिया हमे मिटा रही है. जिन मुसलमानों व ईसाइयों को पाकपिता गाँधी ने रोका है वे भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से मिले असीमित मौलिक अधिकार और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन सरकार से प्रायोजित संरक्षण मे भारत को दार उल इस्लाम व ईसा का राज्य बनाना चाहते हैं. रोकना चाहते हों तो आर्यावर्त सरकार को छिप कर सहयोग दें. क्योंकि हमें खुलकर मदद नहीं कर सकते|

ईसाइयत और इस्लाम के फलने-फूलने का कारण नारी शोषण है. ईसाइयत और इस्लाम को बनाये रखने का भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) असीमित मौलिक अधिकार देता है. अल्लाह पुत्र वधू से निकाह कराता  है (कुरान ३३:३७-३८) और ईसा बेटी से विवाह कराता है. (बाइबल, १ कोरिंथियन ७:३६). संवैधानिक अधिकार से {भारतीय संविधान अनुच्छेद २९(१)} नारी का बलात्कार या तो ईसाई करेगा (बाइबल, याशयाह १३:१६) या मुसलमान. (कुरान, २३:६}. यदि आप ने ऐसा कहा तो मुसलमान व ईसाई आप को ईश निंदा के लिए कत्ल कर देंगे. सोनिया सरकार आप पर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अंतर्गत अभियोग चलवाएगी. सोनिया और हामिद अंसारी सदा सुरक्षित रहेंगे. जजों ने इसकी पुष्टि की है. (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). क्या जज कुछ कर पायेगे? आप को इसका उत्तर देना है!

हम ने कब कहा कि या तो वेदिकपंथ स्वीकार करो, अथवा जजिया दो अन्यथा हम तुम्हें कत्ल करेंगे. हमने गैर हिंदुओं के साथ नहीं रह पाने की घोषणा कर के देश का बंटवारा कब कराया? कत्ल करने, लूटने और नारी बलात्कार के बदले ईश्वर ने हमें स्वर्ग कब दिया? गैर मुसलमानों के विरुद्ध मुसलमानों का जिहाद और जाति हिंसा तो कश्मीर में आज भी जारी है. आतंकवादी सोनिया सरकार है या भगवा धारी?

क्या हम ईमामों की भांति बांग लगाते हैं या नमाज पढ़ते हैं कि मात्र ईश्वर ही पूज्य है?

अपनी खैर मनाओ लोकसेवकों! आप लोगों से राम राज्य का वादा किया गया था, सोनिया के रोम राज्य में नौकरी करते हुए आप लोगों को लज्जा क्यों नहीं आती? ईमाम आप को गाली देता है. आप की आजादी छीनता है. क्या आप को नहीं मालूम कि संविधान ने आप को आजादी का वचन दिया है? ईमामों को दंडित करने के स्थान पर सोनिया ईमामों को वेतन दिलवा रही है. वह भी सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से! एआईआर, एस सी १९९३, २०८६. ईमाम के लिए आप काफ़िर हैं. इस्लाम है तो काफ़िर नही. हम आप के लिए लड़ रहें हैं और आप लोग अपने सर्वनाश की जड़ मस्जिदों और ईमामों को बचाने के लिए हमें प्रताडित कर रहे हैं. ईश्वर से डरिये.

मालेगांव और मक्का के लिए बेचैनी क्यों?

जब हमने बाबरी ढांचा गिराया था तो मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड़े गए, जिनमे से ३८ की विधिवत प्राथमिकियां पंजीकृत हैं. जिसका विवरण हमारी पुस्तक 'अजान' के १० वें संलग्नक में उपलब्ध है. इन्हें आप हमारी वेब साईट http://www.aryavrt.com/azaan पर निः शुल्क पढ़ सकते हैं. बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा. हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया. जनता का करोड़ रुपया डकार गया. लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और कोई जाँच आयोग. आतंकवादी भगवा धारी हैं या सोनिया?

हमने अपनी स्थिति साध्वी प्रज्ञा के बंदी बनते ही स्पष्ट कर दी थी. असीमानंद जी ने जज को जो बताया उससे अधिक हमने पहले ही बता दिया था. लेकिन तब सोनिया ने उसे मीडिया को प्रकाशित करने से मना कर दिया था. अब इन्द्रेश को लूटना है, अतः प्रकाशित किया जा रहा है. प्रमाण के लिए निम्नलिखित वेबसाइट पढ़ें:-

http://www.aryavrt.com/Home/aryavrt-in-news

जी हाँ! हम अभिनव भारत और आर्यावर्त के लोग मस्जिदें नहीं रहने देंगे. हमने बाबरी ढांचा गिराया है. हम ईसाइयत और इस्लाम के विरोधी हैं. हमारे १२ अधिकारी मक्कामालेगांव 

आदि के विष्फोट में बंद हैं. यदि ईसाइयत और इस्लाम धरती पर रहेंगे कोई मंदिर नहीं बच सकता. किसी नारी की मर्यादा नहीं बच सकती. क्यों कि इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों 

मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है. (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब 

भारत को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी और संवैधानिक अधिकार है. अनुच्छेद २९(१). संघ सरकार और संघ परिवार मस्जिद गिराना अपराध 

मानते हैं और आर्यावर्त सरकार भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधीन अपना कानूनी अधिकार. सोनिया को भी ईसा ने हमे कत्ल करने की आज्ञा दे रखी है. 

(बाइबल, लूका १९:२७). हम से पाकपिता गाँधी ने राम राज्य का वादा किया था, हम मनुष्य के पुत्र का मांस खाने और लहू पीने (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) वाली सोनिया 

के रोम राज्य को नहीं रहने देंगे. जीवित रहना हो हमसे जुड़ें.

कहाँ है आप की आजादी?

यहां पूरी अज़ान के बोल उल्लिखित कर देना उचित महसूस होता है :

●  अल्लाहु अकबर-अल्लाहु अकबर (दो बार), अर्थात् अल्लाह सबसे बड़ा है।

●  अश्हदुअल्ला इलाह इल्ल्अल्लाह (दो बार), अर्थात् मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवाय कोई पूज्य, उपास्य नहीं।

●  अश्हदुअन्न मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह (दो बार), अर्थात् मैं गवाही देता हूं कि (हज़रत) मुहम्मद (सल्ल॰) अल्लाह के रसूल (दूत, प्रेषित, संदेष्टा, नबी, Prophet) हैं।

●  हय्या अ़लस्-सलात (दो बार), अर्थात् ‘(लोगो) आओ नमाज़ के लिए।

●  हय्या अ़लल-फ़लाह (दो बार), अर्थात् ‘(लोगो) आओ भलाई और सुफलता के लिए।

●  अस्सलातु ख़ैरूम्-मिनन्नौम (दो बार, सिर्फ़ सूर्योदय से पहले वाली नमाज़ की अज़ान में), अर्थात् नमाज़ नींद से बेहतर है।

●  अल्लाहु अकबर-अल्लाहु अकबर (एक बार), अर्थात् अल्लाह सबसे बड़ा है।

●  ला-इलाह-इल्ल्अल्लाह (एक बार), अर्थात् कोई पूज्य, उपास्य नहीं, सिवाय अल्लाह के।

अज़ान यद्यपि सामूहिक नमाज़ के लिए बुलावाहै, फिर भी इसमें एक बड़ी हिकमत यह भी निहित है कि विशुद्ध एकेश्वरवादकी निरंतर याद दिहानी होती रहे, इसका

 सार्वजनिक एलान होता रहे। हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) के ईशदूतत्व के, लगातारदिन प्रतिदिनएलान के साथ यह संकल्प ताज़ा होता रहे कि कोई भी मुसलमान 

(और पूरा मुस्लिम समाज) मनमानी जीवनशैली अपनाने के लिए आज़ाद नहीं है बल्कि हज़रत मुहम्मद (सल्ल॰) के आदर्श के अनुसार एक सत्यनिष्ठ, नेक, ईशपरायण 

जीवन बिताना उसके लिए अनिवार्य है।

भारतीय संविधान हमे आजादी का वचन देता है. पाकपिता गाँधी ने भी हमसे रामराज्य का वादा किया था. मुस्लिम समाज अपनी आजादी गवां चुका है और आप को अल्लाह 

(शासक) का दास बनाने के लिए ललकार रहा है. राज्यपाल ने इसी इस्लाम संस्कृति को भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन शपथ ले रखी है. राज्यपाल अपने कर्तव्य का दंड प्रक्रिया 

संहिता की धारा १९६ के अधीन पालन कर मुझे ४२ बार जेल या हवालात भेजवा चुका है. ऐसे राज्यपाल से बड़ा आतंकवादी कौन हो सकता है? इस्लाम का हठधर्म इसका विरोध करने वाले को 

ईशनिन्दक मानता है, जिसके लिए मृत्यु दंड है और सोनिया सरकार अपने रोम राज्य के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अधीन दंडनीय अपराध.

मुहम्मद का कार्टून बनाने वाले को कत्ल करने वाले मुसलमान सरकार के संरक्षण में हमारे ईश्वर का अपमान क्यों करते हैं? १९५० से आज तक ईमामों के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई? 

जब कि इस्लाम व मस्जिद का विरोध करने के कारण हम प्रताड़ित हो रहे हैं.

सोनिया कैथोलिक ईसाई है. धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्ल करने की बाइबल की आज्ञा है. (व्यवस्था विवरण, १३:६-११). व धर्मपरिवर्तन करने वाले को 

कत्ल करने की कुरान की आज्ञा है. (कुरान ४:८९). २०११ वर्ष पूर्व ईसाई नहीं थे. न १४३१ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे. अतएव धर्मत्यागी सोनिया व हामिद को उनके ही 

मजहब के अनुसार कत्ल करने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है. क्यों कि बाइबल, लूका १९:२७ के ईसा के आदेश से सोनिया हमे कत्ल 

करेगी और कुरान २१:९८ के आदेश से हामिद अंसारी कत्ल करेगा. इनको सत्ता में बैठा कर सरकार राजनीति के अपराधीकरण को कैसे मिटायेगी? जो हत्या के योग्य हैं, 

उन्हें सत्ता सौंप कर संघ सरकार जनता को क्या सन्देश दे रही है?

अंग्रेजो की कोंग्रेस ने हमारा भारत चुराकर ईसाइयत व इस्लाम को सौंप दिया है. सोनिया ने राज्यपालों का मनोनयन स्वयं राज्यपालों व नागरिकों को भेंड़ बनाने के लिए किया है. राज्यपाल आप 

को उन ईसाइयत व इस्लाम मजहबों का सम्मान करने के लिए विवश कर रहे हैं, जो आप को काफ़िर व सैतान मानते हैं और आप की हत्या के लिए स्थापित किये गए हैं. राज्यपालों को इस 

बात के लिए लज्जा नहीं है कि उनके शासक सोनिया व हामिद अंसारी का मजहबी दायित्व ही राज्यपालों की नारियों का बलात्कार और सम्पत्ति की लूट राज्यपालों की आँखों के सामने कराना है. 

अंत में राज्यपालों की हत्या करानी है.

इस पत्र की प्रति महामहिम तेजेन्द्र खन्ना व प्रतिभा को भी भेज रहा हूँ, क्यों कि वे दोनों ही सोनिया द्वारा मनोनीत मातहत हैं. वे दोनों आतंकवादी और भ्रष्ट आपस में बैठ कर हमारे अभियोगों 

के बारे में निर्णय कर लें.

(अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी)


 

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