Jativadi Indians

वाशिंगटन पोस्ट समाचार पत्र ने कहा:- 

"इंडियन सबसे बड़े जातिवादी हैं!"

सचमुच? क्या वाशिंगटन पोस्ट का यही दृढ़ विश्वास है? क्या हम या हमारे पुजारी मन्दिरों से प्रसारण करते हैं कि मात्र ईश्वर की पूजा हो सकती है? क्या हमारे उत्साही भगवा आतंकी ईसाई व मुसलमान के विरुद्ध जिहाद करने के लिए कहते हैं? क्या हमारे उत्साही भगवा आतंकी कहते हैं कि ईसाइयत और इस्लाम छोड़ दो, जजिया दो अन्यथा हम तुम्हें कत्ल कर देंगे? क्या हमारा ईश्वर कहता है कि जो मुझे राजा स्वीकार न करे उसे उत्साही भगवा आतंकी कत्ल कर दें? (बाइबल, लूका १९:२७). वाशिंगटन पोस्ट बताए कि जातिवादी कौन है?

क्या वाशिंगटन पोस्ट को मालूम है कि जहां हिंदुओं ने सभी देशों और मजहबों के पीडितों को शरण दिया, वहीं अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम को वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए|

क्या वाशिंगटन पोस्ट को मालूम है कि केवल वे ही संस्कृतियां जीवित बचीं, जिन्होंने भारत में शरण लिया| इसीलिए परभक्षी संस्कृतियां ईसाइयत और इस्लाम वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाना चाहती हैं, ताकि सबको अपना दास बना कर निर्ममता पूर्वक लूटा जा सके|

वाशिंगटन पोस्ट यह नहीं देख पा रहा है कि मस्जिदों से ईमाम अजान द्वारा काफिरों के इष्ट देवताओं की निंदा करता है| ईमाम मस्जिदों से वाशिंगटन पोस्ट सहित सभी काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा देता है| ईसा ने दस करोड से अधिक अमेरिका के लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल लिया और अब विश्व के सभी धर्मों को नष्ट कर केवल अपनी पूजा कराएगा!

http://en.wikipedia.org/wiki/Armageddon

मुहम्मद ने अपना पैशाचिक इस्लाम तमाम गज़वों द्वारा फैलाया| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) और कुरान के सहयोग से उनका जिहाद दिन दूना रात चौगुना फल फूल रहा है| ईसाइयत और इस्लाम ने हमारे पूर्वजों का नरसंहार किया| नारियों का बलात्कार किया| धर्मान्तरण किया और कर रहे हैं| लेकिन वाशिंगटन पोस्ट को भारतीय  दंड संहिता की धारा १०२ के अंतर्गत हमारा प्राइवेट प्रतिरक्षा का प्रयत्न जातिवाद दिखाई दे रहा है!

क्या एक ईसाई व मुसलमान, जो ईसाई व मुसलमान नहीं रहना चाहता, अपना मजहब त्याग सकता है? ऐसा करने वाला ईसाई व मुसलमान क्या जीवित बचेगा? वाशिंगटन पोस्ट को (कुरान ४:८९, ५:१०२ और ५:१०२) और (बाइबल, व्यवस्था विवरण १३:६-११) पढ़ना चाहिए| क्या भारतीय संविधान के अनुच्छेद २५ से प्राप्त नागरिक की यही उपासना की आजादी है? क्या वाशिंगटन पोस्ट किसी ईसाई या मुसलमान के विरुद्ध ईशनिंदा और कत्ल करने के लिए शिक्षा देने के अपराध में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन अभियोग चलाने की मांग कर सकता है? क्या वाशिंगटन पोस्ट अपने बुद्धि का प्रयोग करने के लिए स्वतन्त्र है? क्या एक काफ़िर किसी मुसलमान देश में अपना धर्म पालन कर सकता है? क्या वाशिंगटन पोस्ट ने शिया और सुन्नी के बीच दंगों के बारे में सुना है? क्या वाशिंगटन पोस्ट ने ईशनिंदा के अपराध में मुसलमान द्वारा मुसलमान के हत्या की खबर सुनी है?

धर्मान्तरण

हर मुसलमान  ईसाई खूनी है| एलिजाबेथ कैथोलिक ईसाई है| धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्ल करने की बाइबल की आज्ञा है| (व्यवस्था विवरण१३:-११ धर्मपरिवर्तन करने वाले को कत्ल करने की कुरान की आज्ञा है| (कुरान :८९). २०१४ वर्ष पूर्व ईसाई नहीं थे| १४३५ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे| अतएव धर्मत्यागी एलिजाबेथ  हामिद को उनके ही मजहब के अनुसार कत्ल करने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है| क्यों कि बाइबललूका १९:२७ के ईसा के आदेश से एलिजाबेथ हमे कत्ल करेगी और कुरान २१:९८ के आदेश से हामिद अंसारी कत्ल करेगा| इनसे अपनी रक्षा का हमारे पास और कोई मार्ग नहीं है|

वाशिंगटन पोस्ट को ज्ञात होना चाहिए कि हमारे पूर्वज इंजीलवादी ईसाई व लुटेरे मुसलमान द्वारा कत्ल किये गए और नारियों का बलात्कार किया गया| अब वाशिंगटन पोस्ट अपने अपमान कर्ता उन्हीं असभ्य विश्वासी मजहबों के बचाव का अपराध कर रहा है| हम वैदिक पंथी अथवा वाशिंगटन पोस्ट अपने पूर्वजों के हत्यारे मजहबों के निष्ठावान या आभारी नहीं हैं| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) की शर्त और संरक्षण में चर्च व मस्जिदों से वे हमारी हत्या व धर्मांतरण की खुल्लमखुल्ला घोषणा करते हैं|

वाशिंगटन पोस्ट सावधान हो| अपने लोगों, अपनी नारियों, अपने पूर्वजों और अपने मूल वैदिक सनातन संस्कृति के साथ विश्वासघात न करे| क्या वाशिंगटन पोस्ट को उन सम्प्रदायों का बचाव करने में लज्जा नहीं आती, जिन्होंने उसके पूर्वजों को दारुण दुःख दिए और वाशिंगटन पोस्ट को मिटाने का कोई अवसर नहीं गवाने वाले? इन दैत्य गंदे मजहबों का बचाव करने के स्थान पर वाशिंगटन पोस्ट को वैदिक सनातन संस्कृति का बचाव करना चाहिए| वाशिंगटन पोस्ट आज चाहे मुसलमान या ईसाई जो हो, पूर्व में वह वैदिक सनातन संस्कृति का अनुयायी ही था| वाशिंगटन पोस्ट को अपने पूर्वजों के वैदिक सनातन संस्कृति के वरासत पर गर्व होना चाहिए, जिसने मानव जाति को इतना कुछ दिया है| वाशिंगटन पोस्ट यह देख पाने में असमर्थ है कि दास जेसुइट और जिहादियों ने उसको ईसा और अल्लाह की आड़ में अपना मातहत और उपकरण बना रखा है और जिहाद और मिशन के बल पर अपना साम्राज्य थोप रखा है| वाशिंगटन पोस्ट के पूर्वज दास जेसुइट और जिहादियों द्वारा कत्ल किये गये, धर्मान्तरित किये गये और नारियों का बलात्कार किया गया|

वीर्य ईश्वरीय उर्जा का अनंत स्रोत है| वीर्यवान सांड को बांधा भी नहीं जा सकता| दास (बैल) बनानेकेलिए किसान सांड़को वीर्यहीन करदेताहै| वीर्यहीन होते ही वह बैल बन कर किसान के लिए अन्न पैदा करता है, जिसे किसान स्वयं खा जाता है और बैल को भूसा खिलाता है| दास बनानेहेतु पैगम्बरोंने बलात्कार, खतना कुमारी मरियम को मजहबसे जोड़दिया| वीर्यहीन व्यक्ति अपनी इन्द्रियों और शक्तिवान का दास ही बन सकता है, स्वतन्त्र नहीं रह सकता|

हम वीर्यहीन बनने के लिए तैयार नहीं हैं| विद्या, स्वतंत्रता और विवेक के लिए ईसाइयत और इस्लाम मजहबों में कोई स्थान नहीं है| कुरान २:३५ व बाइबल, उत्पत्ति २:१७| हम गायत्री मंत्र द्वारा ईश्वर से बुद्धि को सन्मार्ग पर ले जाने की प्रार्थना करते हैं| हमारी गीता मानव मात्र को उपासना की आजादी देती है| (गीता ७:२१), हम जेहोवा और अल्लाह के उपासना की दासता स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं| बपतिस्मा, अजान व नमाज को पूजा मानने के लिए तैयार नहीं हैं| मैं आतताई अल्लाह व जेहोवा को भगवान मानने के लिए तैयार नहीं हूँ और न अजान व नमाज को पूजा मानता हूँ|

हम बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह कराने वाले ईसा व पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह कराने वाले अल्लाह और धरती के किसी नारी के बलात्कार के बदले स्वर्ग देने वाले (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६) जेहोवा और अल्लाह को ईश्वर मामने के लिए तैयार नहीं हैं|

जड़ (निर्जीव) और चेतन परमाणु उर्जा

जिसे आज के वैज्ञानिक परमाणु कहते हैं| उसे हमारे पूर्वज ब्रह्म कहते थे| आज का परमाणु ऊर्जा विज्ञान निर्जीव परमाणु ऊर्जा विज्ञान है| जब कि हमारे पूर्वजों का विज्ञान जैविक परमाणुओं के भेदन पर आधारित था| हमारा ज्ञान और विज्ञान आज के जड़ परमाणु उर्जा से अत्यधिक विकसित था| आज की परमाणु उर्जा जड़ परमाणुओं के भेदन पर आश्रित है| लेकिन महाभारत काल में अश्वश्थामा के ब्रह्मास्त्र के संधान और लक्ष्य भेदन के प्रकरण से स्पष्ट होता है कि ब्रह्मास्त्र स्वचालित नहीं थे| एक बार छोड़ देने के बाद भी उनकी दिशा और लक्ष्य भेदन को नियंत्रित किया जा सकता था| इतना ही नहीं लक्ष्य पर वार कर ब्रह्मास्त्र छोड़ने वाले के पास वापस भी आ जाते थे| उनके मलबों को ठिकाने लगाने की समस्या नहीं थी| विकिरण से होने वाली हानि की समस्या नहीं थी|

भिखारियों और चोरों का जनक मैकाले!

जो उपलब्धि इस्लाम ई० स० ७१२ से ई० स० १८३५ तक अर्जित कर सका, उससे अधिक ईसाइयत ने मात्र ई० स० १८३५ से ई० स० १९०५ के बीच अर्जित कर लिया| एलिजाबेथ वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने की दौड़ में सबसे आगे है| मात्र वर्षों की अवधि में एलिजाबेथ ने वैदिक सनातन संस्कृति की जड़ें ही नष्ट कर दी हैं| कुमारी माताओं को सम्मानित किया जा चुका है| लव जेहाद, बेटी व पुत्रवधू से विवाह, सहजीवन समलैंगिक मैथुन, सगोत्रीय विवाह को कानूनी मान्यता मिल गई है| बारमें दारूपीने वाली बालाओं कासम्मान हो रहा है! विवाह सम्बन्ध अब बेमानी हो चुके हैं| स्कूलों में यौन शिक्षा लागू हो गई है| अब एलिजाबेथ टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि को लूटने के लिए एफडीआई लागू कर चुकी है|

विद्या मात्र ब्रह्मविद्या है और ज्ञान मात्र ब्रह्मज्ञान| वीर्यरक्षा के बिना ब्रह्मज्ञान सम्भव नहीं| वीर्य के रक्षा की शिक्षा गुरुकुलों में निःशुल्क दी जाती थी, जिसे मैकाले ने मिटा दिया| भारतीय संविधान की शपथ लेने वाले वैदिक सनातन धर्म और मानव जाति की रक्षा नहीं कर सकते| दास संस्कृतियों ईसाइयत और इस्लाम को मिटाने में अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग दें|

हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के प्रतिक्रिया वादी हैं| हमें यह लिखने में तनिक संकोच नहीं कि हम मानव जाति के हित में ईसाइयत और इस्लाम को मिटाना चाहते हैं| हमारी शक्ति आप हैं| निर्णय आप को करना है कि आप मानव जाति को बचाना चाहते हैं या मिटाना| स्वस्ति!

    सम्पादक.


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AyodhyaP Tripathi,
May 25, 2013, 5:20 AM
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