HelpUs Arrest Sonia

असली अपराधिनी सोनिया

सोनिया बताए कि सबकी सम्पत्ति लूटने वाले भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के विरुद्ध कब कार्यवाही होगी? भ्रष्टाचारियों के संरक्षक दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के विरुद्ध कब कार्यवाही होगी?

ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति को निगल रही है| सोनिया के सहयोग से अर्मगेद्दन के पश्चात ईसा जेरूसलम को अपनी अंतर्राष्ट्रीय राजधानी बनाएगा| ममता व भूत पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम के प्रिय इस्लाम सहित सभी मजहबों और संस्कृतियों को निषिद्ध कर देगा| केवल ईसा और उसके चित्र की पूजा हो सकेगी| बाइबल के अनुसार ईसा यहूदियों के मंदिर में ईश्वर बन कर बैठेगा और मात्र अपनी पूजा कराएगा| हिरण्यकश्यप की दैत्य संस्कृति न बची और केवल उसी की पूजा तो हो सकी, अब ईसा की बारी है| विशेष विवरण नीचे की लिंक पर पढ़ें,

http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

राज्यपालों ने संविधान के अ० १५९ के अधीन नागरिकों से सम्पत्ति पूँजी छीनने की शपथ ली है न्यायपालिका ने संविधान और कानूनों को बनाये रखने की शपथ ली है| लोकसेवकों को राज्य नागरिकों की सम्पत्ति पूँजी लूटने के लिए नियुक्त करते हैं| लोकसेवक लूटें तो जेल जाएँ और न लूटें तो जेल जाएँ| इंडिया में कोई लोकतंत्र नहीं है| इंडिया में गणतंत्र नहीं जेसुइट सोनिया केलिए, सोनिया द्वारा चुनागया सोनियातंत्र है. ईसाईयों सहित इंडिया के नागरिक सोनिया की भेंड़े हैं| हमारे पास जीने का अधिकार है और पूँजी सम्पत्ति रखने का| सर्वविदित है कि प्रेसिडेंट प्रतिभा का मनोनयन सोनिया ने किया. प्रधानमंत्री, सभी राज्यपाल सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैं. अब नए प्रेसिडेंट भी सोनिया द्वारा मनोनीत होंगे! फिर चुनाव की नौटंकी किसलिए? यदि सोनिया को ही देश का सुपर प्रधानमंत्री बनना था तो विक्टोरिया में क्या बुराई थी? एलिजाबेथ में क्या बुराई है? क्यों बहाए हमारे पूर्वजों ने रक्त?

कौन है सोनिया?

देश की छाती पर सवार जेसुइट सोनिया ने निम्नलिखित शपथ ली हुई है:-

मै यह भी प्रतिज्ञा करती हूँ कि जब भी अवसर आएगा, मै खुले रूप में पंथद्रोहियों से, फिर वे प्रोटेस्टैंट हों या उदारवादी, पोप के आदेश के अनुसार, युद्ध करूंगी और विश्व से उनका सफाया करूंगी और इस मामले में मै उनकी आयु का विचार करूंगी, लिंग का, परिस्थिति का. मै उन्हें फांसी पर लटकाऊंगी, उन्हें बर्बाद करूंगी, उबालूंगी, तलूंगी और (उनका) गला घोटूंगी| इन दुष्ट पंथ द्रोहियों को जिन्दा गाडून्गी| उनकी स्त्रियों के पेट और गर्भाशय चीर कर उनके बच्चों के सिर दीवार पर टकराऊँगी, जिससे इन अभिशप्त लोगों की जाति का समूलोच्छेद हो जाये| और जब खुले रूप से ऐसा करना सम्भव हो तो मै गुप्त रूप से विष के प्याले, गला घोटने की रस्सी, कटार या सीसे की गोलियों का प्रयोग कर इन लोगों को नष्ट करूंगी| ऐसा करते समय मै सम्बन्धित व्यक्ति या व्यक्तियों के पद, प्रतिष्ठा, अधिकार या निजी या सार्वजनिक स्थिति का कोई विचार नहीं करूंगी| पोप, उसके एजेंट या जीसस में विश्वास करने वाली बिरादरी के किसी वरिष्ठ का जब भी, जैसा भी निर्देश होगा, उसका मै पालन करूंगी|”

http://www.reformation.org/jesuit_oath_in_action.html

मै डेनिअल वेबस्टर के कथन से पूरी तरह सहमत हूँहमको मिटाने के लिए किसी भी राष्ट्र के पास शक्ति नहीं है. हमारा विनाश, यदि आएगा तो वह दूसरे प्रकार से आएगा. वह होगा सरकार के षड्यंत्र के प्रति जनता की लापरवाही. ... मुझे भय है कि जनता अपने उन लोकसेवकों पर अत्यधिक विश्वास करेगी, जिन्हें स्वयं अपने ही सर्वनाश के लिए (सोनिया द्वारा) हथियार बना लिया गया है.

लोकसेवक सोनिया के हाथों की कठपुतली बन कर लोकसेवकों को ही मिटा रहे हैं| वे यह भूल रहे हैं कि सोनिया का अगला हमला उन पर ही होगा|

दया के पात्र लोकसेवकों ने जीविका, पद और प्रभुता हेतु अपनी सम्पत्ति पूँजी रखने का अधिकार स्वेच्छा से त्याग दिया है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ ३९(). अपने जीवन का अधिकार खो दिया है| [बाइबल, लूका, १९:२७ और कुरान :१९१, भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९() के साथ पठित|] अपनी नारियां ईसाइयत और इस्लाम को सौँप दी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) और (कुरान २३:). इसके बदले में लोकसेवकों के पास बेटी (बाइबल , कोरिन्थिंस :३६) से विवाह पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह करने का अधिकार मिला है| जहां ईसाइयत और इस्लाम को अपनी संस्कृतियों को बनाये रखने का असीमित मौलिक अधिकार है, वहीँ लोकसेवकों को वैदिक सनातन धर्म को बनाये रखने का कोई अधिकार नहीं है|

दया के पात्र लोकसेवकों के पास कोई विकल्प नहीं है. या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें अपनी संस्कृति मिटायें अथवा जेल जाएँ| लोकसेवकों के अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है. ऐसे भारतीय संविधान को रद्दी की टोकरी में डालना अपरिहार्य है| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग आतताई ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रखने वाले भारतीय संविधान को रद्द करने की मुहिम में लगे हैं| सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही सारी मानव जाति ईसा की भेंड़ हैं||

http://www.aryavrt.com/Home/aryavrt-in-news

बचना चाहते हों तो आर्यावर्त सरकार को सोनिया को बंदी बनाने में सहयोग दें|


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