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अफजल के फांसी के विरोध में हैदराबाद ब्लास्ट|

मीडिया के अनुसार हैदराबाद ब्लास्ट अफज़ल को फांसी देने के विरोध में किया गया है| क्यों कि अफजल ने अल्लाह की आज्ञानुसार संसद पर आक्रमण दार-उल-हर्ब इंडिया को दार-उल-इस्लाम बनाने के लिए किया था|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन कर ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में वैदिक सनातन धर्म को मिटाने व सबको अपना दास बनाने के लिए रखा गया है| अल्लाह व उसके साम्प्रदायिक साम्राज्य विस्तारवादी इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी अधिकार है| इंडिया का राष्ट्रपति ईसाइयत और इस्लाम का संरक्षण, संवर्धन और पोषण करने की भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६० के अधीन और हर राज्यपाल भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन शपथ लेने के लिए विवश है| जज भारतीय संविधान और कानूनों को भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८ के अधीन बनाये रखने की शपथ लेते हैं और जजों ने समय समय पर ईसाइयत और इस्लाम की दृढ़तापूर्वक रक्षा भी की है| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४).

मस्जिद सैतान का घर है| यहाँ पर काफिरों के नरसंहार की शिक्षा दी जाती है और अज़ान यानी ईशनिंदा का प्रसारण किया जाता है| काबा आर्यों का ज्योतिर्लिंग है| इसके परिसर की ३५९ मूर्तियों को तोड़ कर काबा का नामकरण किया गया है|

मैं नीचे की पंक्तियों में मीडिया और संघ सरकार के ज्ञान के लिए मस्जिदों से प्रसारित होने वाली अज़ान और दिए जाने वाले खुत्बों को अक्षरशः उद्धृत कर रहा हूँ|

~अजान~

मस्जिदों से प्रसारित होने वाली पूरे अजान को नीचे पढ़ें और बताएं कि इनमे धार्मिक सद्भाव का शब्द कौन सा है?

●  अल्लाहु अकबर-अल्लाहु अकबर (दो बार), अर्थात् अल्लाह सबसे बड़ा है।

●  अश्हदुअल्ला इलाह इल्ल्अल्लाह (दो बार), अर्थात् मैं गवाही देता हूं कि अल्लाह के सिवाय कोई पूज्य, उपास्य नहीं।

●  अश्हदुअन्न मुहम्मदुर्रसूलुल्लाह (दो बार), अर्थात् मैं गवाही देता हूं कि (हज़रत) मुहम्मद (सल्ल॰) अल्लाह के रसूल (दूत, प्रेषित, संदेष्टा, नबी, Prophet) हैं।

●  हय्या अ़लस्-सलात (दो बार), अर्थात् ‘(लोगो) आओ नमाज़ के लिए।

●  हय्या अ़लल-फ़लाह (दो बार), अर्थात् ‘(लोगो) आओ भलाई और सुफलता के लिए।

●  अस्सलातु ख़ैरूम्-मिनन्नौम (दो बार, सिर्फ़ सूर्योदय से पहले वाली नमाज़ की अज़ान में), अर्थात् नमाज़ नींद से बेहतर है।

●  अल्लाहु अकबर-अल्लाहु अकबर (एक बार), अर्थात् अल्लाह सबसे बड़ा है।

●  ला-इलाह-इल्ल्अल्लाह (एक बार), अर्थात् कोई पूज्य, उपास्य नहीं, सिवाय अल्लाह के।

मस्जिदों से ईमामों के खुतबों को ध्यानपूर्वक सुनिए|

ईमामों को कुरान में वर्णित अल्लाह के आदेशों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की भी आवश्यकता नहीं| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर आप के कर से प्राप्त १० अरब रुपयों में से वेतन लेकर ईमाम बदले में कुरान के सूरह अनफाल (८) की सभी मुसलमानों को सीधी शिक्षा देते हैं| (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६). अजान द्वारा ईमाम स्पष्ट रूप से गैर-मुसलमानों को चेतावनी देते हैं कि मात्र अल्लाह की पूजा हो सकती है| अल्लाह के आदेश से ईमाम कहता है, "काफ़िर मुसलमानों के खुले दुश्मन हैं|" (कुरान ४:१०१). कुछ खुतबे कुरान के सूरह अनफाल (८) में स्पष्ट दिए गए हैं| अल्लाह निश्चय रूप से कहता है कि उसने मुसलमानों को जिहाद के लिए पैदा किया है, "युद्ध (जिहाद) में लूटा हुआ माल, जिसमे नारियां भी शामिल हैं, अल्लाह और मुहम्मद का है|" (कुरान ८:१, ४१ व ६९). "जान लो जो भी माल लूट कर लाओ, उसका ८०% लूटने वाले का है| शेष २०% अल्लाह, मुहम्मद, ईमाम, खलीफा, मौलवी, राहगीर, यतीम, फकीर, जरूरतमंद आदि का है|" (कुरआन ८:४१). लूट ही अल्लाह यानी सत्य है| लूट में विश्वास करने वाले विश्वासी हैं| "गैर-मुसलमानों के गले काटो, उनके हर जोड़ पर वार करो और उनको असहाय कर दो| क्यों कि वे अल्लाह के विरोधी हैं," (कुरआन ८:१२). "जो भी अल्लाह और मुहम्मद के आदेशों का उल्लंघन करता है, वह जान ले कि अल्लाह बदला लेने में अत्यंत कठोर है|" (कुरआन ८:१३). "काफ़िर के लिए आग का दंड है|" (कुरआन ८:१४). "जब काफिरों से लड़ो तो पीठ न दिखाओ|" (कुरआन ८:१५). "तुमने नहीं कत्ल किया, बल्कि अल्लाह ने कत्ल किया|" (कुरआन ८:१७). "मुसलमानों को लड़ाई पर उभारो|" (कुरआन ८:६५). तब तक बंधक न बनाओ, जब तक कि धरती पर खून खराबा न कर लो| (कुरआन ८:६७). जो भी लूट का माल तुमने (मुसलमानों ने) प्राप्त किया है, उसे परम पवित्र मान कर खाओ| (कुरआन ८:६९). सत्य स्पष्ट है| काफिरों को आतंकित करने व समाप्त करने के लिए मुसलमानों में जोश पैदा करते हुए अल्लाह कहता है, “जब तुम काफिरों से लड़ो, तो उनको इस तरह परास्त करो कि आने वाले समय में उन्हें चेतावनी मिले| काफ़िर यह जान लें कि वे बच नहीं सकते| (कुरआन ८:६०). जो मुसलमान नहीं वह काफ़िर है| कत्ल से कुफ्र बुरा है (कुरान २:१९१). इस्लाम है तो काफ़िर कि मौत पक्की|

धूर्त मुहम्मद रचित लुटेरों, हत्यारों और बलात्कारियों की संहिता कुरान के महामूर्ख अल्लाह का कथन है कि पृथ्वी चपटी है| (७९:३०) सूर्य कीचड़ युक्त जलस्रोत में डूब रहा था| (कुरान १८:८६). इसके अतिरिक्त ७३:१४ व १८ के कथन भी पढ़ें| अल्लाह महान व सर्वज्ञ कैसे है? मुसलमान बताएं|

भारतीय संविधान से पोषित इन यानी ईसाइयत, इस्लाम, समाजवाद व लोक लूट तंत्र ने मानव मूल्यों व चरित्र की परिभाषाएं बदल दी हैं। आज विश्व की कोई नारी सुरक्षित नहीं है (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६) न किसी का जीवन सुरक्षित है। (बाइबललूका १९:२७) व (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). सम्पति पर व्यक्ति का अधिकार नहीं रहा।  [(बाइबल ब्यवस्था विवरण २०:१३-१४), (कुरान ८:१, ४१ व ६९) व (भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ (अब २०.६.१९७९ से लुप्त) व ३९(ग)]. किसी का उपासना गृह सुरक्षित नहीं। [(बाइबलव्यवस्था विवरण १२:१-३) (अजान व कुरआन १७:८१)]. आजादी नहीं भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व {भारतीय संविधान, अनुच्छेद ६ (ब)(।।)} आस्था की आजादी नहीं। (व्यवस्था विवरण, १३:६-११) व (कुरान ४:८९)]. यहाँ तक कि मानव की आस्थाएं और उनके देवता भी अपमान की सीमा में आ गए हैं। मूसा ने बताया कि जेहोवा ज्वलनशील देवता है (बाइबल, निर्गमन २०:३)। जेहोवा के अतिरिक्त अन्य देवता की पूजा नहीं हो सकती। ईसा ने स्वयं को मानव मात्र का राजा घोषित कर रखा है। (बाइबललूका १९:२७). जो ईसा को राजा स्वीकार न करे उसे कत्ल करने का प्रत्येक ईसाई को, भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) के अधीन, असीमित मौलिक अधिकार है। तकिय्या व कितमान के अधीन यही गंगा-यमुनी संस्कृति कही जा रही है। इसी प्रकार प्रत्येक ईमाम भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के प्रावधानों का उल्लंधन करते हुए, अजान व नमाज द्वारा गैर मुसलमानों की आस्था का अपमान करता है, काश्मिर को भारत से अलग करने की मांग करता है-फिर भी पुलिस व प्रशासन अजान व नमाज को बंद कराने की कोई कार्यवाही नहीं कर सकती, क्यों कि ईसाई व मुसलमान को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन राष्ट्रपति, राज्यपाल व जिलाधीश आत्मघात के मूल्य पर संरक्षण देने को विवश हैं। क्यों कि राष्ट्रपति व उसके राज्यपालों ने भारतीय संविधान व कानूनों को बनाए रखने की शपथ ली है। राज्यपालों की एक विशेषता और है। यह लोग जनता के चुने प्रतिनिधि नहीं होते हैं। आज कल यह लोग सुपर प्रधानमंत्री एंटोनिया माइनो उर्फ सोनिया गांधी द्वारा मनोनीत किए जा रहे हैं, जो जेसूइट है। जिसे ईसा ने भारत को अर्मगेद्दन द्वारा ईसाई राज्य बनाने का आदेश दिया हुआ है।

Http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

भारतीय संविधान ने अनुच्छेद २९ द्वारा सुपर प्रधानमंत्री एंटोनिया माइनो उर्फ सोनिया गांधी को भारत में ईसा का राज्य स्थापित करने का मौलिक अधिकार २६ नवम्बर, १९४९ से ही दिया हुआ है। तकिय्या व कितमान की आड़ में उपरोक्त सच्चाइयों को छिपाया जा रहा है|

हर मुसलमान व ईसाई खूनी है| सोनिया कैथोलिक ईसाई है| धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्ल करने की बाइबल की आज्ञा है| (व्यवस्था विवरण, १३:६-११). व धर्मपरिवर्तन करने वाले को कत्ल करने की कुरान की आज्ञा है| (कुरान ४:८९).

२०१३ वर्ष पूर्व ईसाई नहीं थे| न १४३५ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे| अतएव धर्मत्यागी सोनिया व हामिद को उनके ही मजहब के अनुसार कत्ल करने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है| क्यों कि बाइबल, लूका १९:२७ के ईसा के आदेश से सोनिया हमे कत्ल करेगी और कुरान २१:९८ के आदेश से हामिद अंसारी कत्ल करेगा|

तकिय्या व कितमान और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ का प्रयोग कर जहां ईसाइयों व मुसलमानों को भारतीय दंड संहिता की धारा १५३ व २९५ के अधीन बचाया जा रहा है, वहीँ ईसाइयों व मुसलमानों द्वारा हमारी आस्था का अपमान कराया जा रहा है|

इस कठोर सच्चाई को जो प्रकाशित करेगा, भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ अथवा २९५ के अधीन जेल भेज दिया जायेगा| आतताई ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण हमारे ९ अधिकारी जेलों में बंद हैं| मैं स्वयं ४२ बार जेल या हवालात जा चुका हूँ| पुलिस द्वारा पिटता रहा हूँ| लेकिन ईमाम को किसी जज ने सन १८६० से आज तक जेल नहीं भेजा| दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ के अधीन बिना सोनिया या उसके मातहत राष्ट्रपति या राज्यपाल के संस्तुति के जज जेल भेज भी नहीं सकता| सोनिया ईसा के आदेश से वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए विवश है|

http://www|aryavrt|com/fatwa

कुरान जलाने वाले को कत्ल करने वाले मुसलमान सरकार के संरक्षण में अजान द्वारा हमारे ईश्वर का अपमान क्यों करते हैं? १८६० से आज तक ईमामों के विरुद्ध कार्यवाही क्यों नहीं की गई? जब कि भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधिकार से इस्लाम व मस्जिद का विरोध करने के कारण हम प्रताड़ित हो रहे हैं| हमारे पूर्वजों से भूल हुई है| उन्होंने इस्लाम की हठधर्मी को मुसलमानों पर लागू नहीं किया| हर काफ़िर आर्यावर्त सरकार को सहयोग दे| आर्यावर्त सरकार मुसलमानों की हठधर्मी मुसलमानों पर लागू करेगी| मुसलमान या तो इस्लाम छोड़ें या भारत| वैसे भी मुसलमानों ने हिंदुओं के साथ न रह पाने के आधार पर पाकिस्तान लिया है|

जो सरकार अपने संरक्षण में मंदिर तोड़वाती हो, आप के इष्ट देवताओं का अपमान कराती हो, आप की नारियों का बलात्कार कराती हो, धर्मान्तरण कराती हो और आप को आप की मातृभूमि से उजड़वाती हो, उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है| जो सरकार अपने जिलाधीश, पुलिस और सैनिक को नहीं बचा पा रही, आप को क्या बचायेगी? सोनिया के रोम राज्य को मिटाने में मदद दें|

यदि इस्लाम है तो गैर-मुसलमान के जीवित बचने का सवाल ही नहीं बचता|

हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग इस्लाम को समूल नष्ट करना चाहते हैं| जिसकी माँ ने दूध पिलाया हो, हमारी सहायता करे|

आर्यावर्त सरकार

 

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