घातक भारतीय संविधान

घातक भारतीय संविधान

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President Secretariat, New Delhi - 110004

Dated; Monday, January 02, 2012y

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महामहिम प्रतिभा जी,

घातक भारतीय संविधान

क्या भारतीय जन(ता)खा पार्टी बताएगी कि क्यों नरेंद्र मोदी और येदियुरप्पा अपराधी हैं और भारतीय संविधान, दस्यु सुन्दरी सोनिया व मायावती अपराधी नहीं? सम्बन्धित कानून आप व मीडिया के संज्ञान के लिए नीचे उद्धृत कर रहा हूँ,

"३९(ग)- आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेन्द्रण न हो;" भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग).

१९७. न्यायाधीशों और लोकसेवकों का अभियोजन- (१) जब किसी व्यक्ति पर, जो न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट या ऐसा लोकसेवक है या था जिसे सरकार द्वारा या उसकी मंजूरी से ही उसके पद से हटाया जा सकेगा, अन्यथा नहीं, किसी ऐसे अपराध का अभियोग है जिसके बारे में यह अभिकथित हो कि वह उसके द्वारा तब किया गया था जब वह अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में कार्य कर रहा था या जब उसका ऐसे कार्य करना तात्पर्यित था, तब कोई भी न्यायालय ऐसे अपराध का संज्ञान - ... सरकार की पूर्व मंजूरी से ही करेगा, अन्यथा नहीं; ...

संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) के अनुसार नागरिक की स्थिति किसान के बैल की रह गई है| एफडीआई तो देश के हित में है, लेकिन नागरिक के पास सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार देश हित में नहीं! दंप्रसं की धारा १९७ के अनुसार नागरिक की सम्पत्ति और पूँजी लूटना तब तक अपराध नहीं है, जब तक सोनिया को उसका हिस्सा मिले. अपराध वह तभी माना जा रहा है, जब सोनिया लूट में हिस्सा नहीं पा रही है| यह कैसा लोकतंत्र है? क्या आप बताएँगी? मेरा आरोप है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने वाले योगगुरू, अन्ना, पूर्व केंद्रीयमंत्री डा० सुब्रमण्यम स्वामी और श्री श्री रविशंकर सभी सोनिया द्वारा पोषित अथवा भयादोहित अपराधी हैं| जिन्हें लोकसेवकों के भ्रष्टाचार तो दिखाई देते हैं, लेकिन संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) का भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं देता! न दंप्रसंकीधारा१९७ में कोई बुराई दिखाई देती है|

क्या मै जान सकता हूँ कि क्यों मधु कोड़ा को सरकार ने अपराधी माना है लेकिन मायावती को अपराधी नहीं मान रही है? क्या आप को नहीं लगता स्वयं भारतीय संविधान ही निकृष्टतम भ्रष्टाचारी है? और दंप्रसं की धारा १९७ सोनिया को एकाधिकार देती है कि वह जिसे चाहे उसे जेल में ठूस दे?

बीजेपी यानी भारतीय जन(ता)खा पार्टी धूर्तों अथवा मूर्खों का दल है| अगर इनमे एक भी सचरित्र, बुद्धिमान व वैदिक सनातन धर्म प्रेमी होता तो काले कानूनों संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) व दंप्रसं की धारा १९७ के उन्मूलन के लिए आंदोलन करता| ज्ञातब्य है कि मुलायम व मायावती को दस्यु सुंदरी सोनिया ने अपने मातहत राज्यपाल महामहिम बनवारी से दंप्रसं की धारा १९७ के अधीन संरक्षण दिलवाया हुआ है और लूट में हिस्सा खा रही है| बेटा राहुल गाँधी उर्फ राउल विन्ची प्रदेश में घूम घूम कर प्रदेश को स्वर्ग बनाने के वादे कर रहा है| अगर मुलायम व मायावती को दंप्रसं की धारा १९७ के अधीन महामहिम राज्यपाल द्वारा दिया गया संरक्षण आज वापस हो जाये तो वे दोनों (मुलायम व मायावती) सीबीआई द्वारा जेल भेज दिए जायेंगे| सोनिया व राहुल नंगे हो जायेंगे| उप्र भाजपा की मुट्ठी में आ जायेगा|

अगर भारतीय जन(ता)खा पार्टी वैदिक सनातन धर्म का इतना भला भी नहीं कर सकती, तो देश व वैदिक सनातन धर्म की शत्रु है और जनता इन धूर्त पार्टियों व इनके रोम राज्य को समुद्र में डुबो दे| अन्यथा मानव जाति ही डायनासोर की भांति मिट जायेगी|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

सोमवार, 2 जनवरी 2012य

 

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