Fraud Nmo Election



मुजहना MUJAHANA weekly

77, Khera Khurd, Delhi-110082 (BHARAT)

R.N.I. REGISTRATION No.68496/97

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Mujahana• Bilingual-Weekly• Volume 19 Year 19 ISSUE 07B, Feb. 07- Feb. 13, 2014. This issue is Muj14W07B Fraud Nmo Election


Published every Thursday for Manav Raksha Sangh, Registered Trust No 35091 by Ayodhya Prasad Tripathi, at 77, Khera Khurd, Delhi – 110082. ``Phone +91-9868324025.; +(91) 9152579041 . Printed by Ayodhya Prasad Tripathi at 77 Khera Khurd, Delhi-110082. Editor: Ayodhya Prasad Tripathi. Processed on Desk Top Publishing & CYCLOSTYLED by Ayodhya Prasad Tripathi.  Email: aryavrt39@gmail.com; Web site: http://aaryavrt.blogspot.com and http://www.aryavrt.com



FRAUD NMO ELECTION

 CONGRESS PARTY'S (SONIA) INSANITY IN AN AGE OF MODI’S WISDOM

Dr. Babu Suseelan

In recent Months, the question of insanity  created by the anti-National Congress Party  for the last 65 plus years has become the center of a great deal of discussion in India and by  NRI professionals all over the world. Indian academicians, secular intellectuals in India seldom discuss or seek answers by studying insane Islamic assault on sane, civilized, Hindus. It is not a subject of intense intellectual study in India.

डाक्टर साहब! स्वयं को अपमानित करना छोड़ दीजिए| फिरोज-उल-लुगात में हिंदू का अर्थ ‘हिंदुस्तान का रहने वालाचोरलुटेरागुलामकाला” हैक्या आप को ‘हिंदू’ होने में लज्जा नहीं?

एक अनोखी जानकारी हमें पिछले ४ फरवरी, २०१४ को ब्रिटिश विदेश मंत्री विलियम हेग द्वारा पुष्टि किए जाने के बाद मिली है, “1984 में भारत के अमृतसर के स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को निकालने के लिए चलाए गए "ऑपरेशन ब्लू स्टार" में ब्रिटेन की भूमिका रही है| अतएव इंडिया में शासन एलिजाबेथ का ही है| यानी उपनिवेश से मुक्ति लिए बिना नमो कुछ भी नहीं कर सकते| विशेष विवरण के लिये नीचे की लिंक पर क्लिक करें:-

http://www.aryavrt.com/aapresn-blu-star

यानी सारे सिक्ख आतंकवादी हैं| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के मस्जिद विध्वंसक और अज़ान विरोधी भी आतंकवादी हैं|

लेकिन भारतीय संविधान आतंकवादी नहीं है| क्योंकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) के अनुसार ईसाइयत और इस्लाम को अपनी संस्कृतियों को बनाये रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार है| नागरिक के पास सम्पत्ति नहीं रहने दी जायेगी[भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) और लुप्त अनुच्छेद ३१]. सम्पत्ति समाज की ही रहेगीलूट का माल अल्लाह (कुरान ८:१४१  ६९) और ईसाई (बाइबलव्यवस्था विवरण २०:१४) का बना रहेगाइसे भ्रष्टाचार भी नहीं माना जायेगादंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन जनता के सम्पत्ति के लुटेरे लोकसेवकों का नियंत्रण राज्यपालों के हाथ में बना रहेगाजब तक सोनिया को हिस्सा मिलेगालोक सेवकों की नौकरी पक्की रहेगीलूट शिष्टाचार बना रहेगाजब सोनिया को हिस्सा नहीं मिलेगालूट भ्रष्टाचार बन जायेगा|

आइये पढ़ें कि इनकी संस्कृतियाँ क्या हैं?

अब्रह्मी संस्कृतियों के विश्वास के अनुसार दास विश्वासियों द्वारा अविश्वासियों को कत्ल कर देना ही अविश्वासियों पर दया करना और स्वर्गजहाँ विलासिता की सभी वस्तुएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैंप्राप्ति का पक्का उपाय हैचर्चों व मस्जिदों से ईसाई व मुसलमान को अविश्वासियों को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है|

मृत्यु का फंदा और परभक्षी भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) इन्हीं अब्रह्मी संस्कृतियों को अपनी अब्रह्मी संस्कृतियों को बनाये रखने का असीमित मौलिक मजहबी अधिकार देता हैईमाम मुसलमानों को आप के हत्या और नारियों के बलात्कार की शिक्षा देता हैबदले में न्यायालय, (भारतीय संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर), मुसलमानों को हज अनुदान ( http://indiankanoon.org/doc/709044/ ) और ईमामों को आप के कर के पैसे से वेतन दिलवाने के लिए, (भारतीय संविधानतीसरी अनुसूचीप्रारूप ४ व ८), विवश कर दिए गए हैं| (एआईआरएससी१९९३प० २०८६).

इन्हीं अब्रह्मी संस्कृतियों के परिरक्षणसंरक्षण और प्रतिरक्षण के लिए राष्ट्रपति और राज्यपाल भारतीय संविधान के अनुच्छेदोंक्रमशः ६० व १५९ के अधीनशपथ लेने के लिए विवश कर दिए गए हैं|

अतएव यदि नमो के पास बुद्धि होती तो चुनाव न लड़ते| पहले ब्रिटिश उपनिवेश से मुक्ति के युद्ध में अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग देते| गुरुकुलों को पुनर्जीवित करते| देश की भावी पीढ़ी को ब्रह्मचारी बनाते|

Blaming Hindus for the madness of Islamic invaders and European Christian colonialists and the British atrocities on our culture and the nation, on our religion and people are not an investigation or study for our academicians, intellectuals, media or corrupt and criminal politicians. Rather to review India’s contributions in science, mathematics, trigonometry, metallurgy,  music, arts, literature, dance and life sciences, the congress government in New Delhi and many regional state governments are interested in imitating the decadence of the west.

खगोल, ज्योतिष, वैदिक गणित आदि जैसे उपलब्धियों का आधार हमारे निःशुल्क शिक्षा केंद्र गुरुकुल हैं| क्या नमो दास बनाने वाले मैकाले के महंगे यौन शिक्षा के स्कूल व इस्लामी बलात्कार के शिक्षाकेंद्र मकतब व मस्जिद को समाप्त कर ब्रह्मज्ञान और वीर्यरक्षा की निःशुल्क शिक्षा देकरसम्प्रभु ब्रह्मचारी बनाने वाले शिक्षाकेंद्र गुरुकुलों कोपुनर्स्थापित करने में हमें सहयोग देंगे?

Many books, journals, PERIODICALS IN India and the media and the criminal politicians blame our past culture, our civilization of criminal behavior of Converted Christians and Muslims. Our congress party and the Italian mafia leaders look at our past in the light of present day Terrorism created by Jihadi Muslims and Converted Christians.

आप भले ही न मानें, आप दास हैं| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश हैदासों के नागरिक अधिकार नहीं होते| स्वामी को स्वयं को सर्वश्रेष्ठ स्थापित करना है| अँगरेज़ वही कर रहा है| पहले अपनी स्थिति का मूल्यांकन करें| क्या नमो मानवजाति को ब्रिटिश उपनिवेश से मुक्ति दिलाएंगे? याद रखें! आस्ट्रेलिया, कनाडा जैसे अन्य देश भी वहीं खड़े हैं - जहाँ हम हैं|

चुनाव द्वारा हम दासता से मुक्ति नहीं पा सकते| आप की स्वतंत्रता अभी निलम्बित है| यदि आप इसे नहीं लेंगे तो अवधि पूरी होने पर आप ब्रिटेन को सत्ता हाथ में लेने से कैसे रोक पाएंगे? इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश हैसाध्वी प्रज्ञा ने स्वतंत्रता के उस युद्ध को प्रारम्भ कर दिया हैजिसे १५ अगस्त१९४७ से छल से रोका गया है| {भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम१९४७अनुच्छेद ६ (ब)(।।) भारतीय संविधान व राष्ट्कुल की सदस्यता}. समस्याएं और भी हैं, हम जिनका समाधान चाहते हैं| जिनके कारण हमारे ९ अधिकारी २००८ से जेलों में बंद हैंजिन लोगों को अपना जीवनअपनी आजादी और अपनी नारियों का और अपना सम्मान चाहिएवे हमे सहयोग दें तो हम अब्रह्मी संस्कृतियों को नहीं रहने देंगे|

We are losing our religion, culture, and our sacred country to Muslims and Christians. The Marxists, Islamists and the Vatican agents have made an unholy alliance to divide and rule our nation of more than a billion HINDUS. The anti-national congress party headed by the Italian catholic lady and her half Indian daughter and son and Catholic son in law is against MODI and the nationalist BJP. The conversion gang, the Jihadi terrorists and our alienated, foreign owned media are responsible for the assault on our way of life, religion, culture, and the nation.  How vicious is the pseudo secular media’s assault on Dharma’s underpinning of India? It is ugly enough, dishonest enough, and dangerous enough that a professed anti Hindu- an uneducated Italian born Catholic and the head of the duck dynasty has risen to India’s defense.

जहां आर्यों ने सभी देशों और मजहबों के पीडितों को शरण दियावहीं अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम के लोगों को अल्पसंख्यक घोषित कर वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका हैउन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ कीवहाँ की मूल संस्कृति और मूल निवासियों को नष्ट कर दियालक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँअब्रह्मी संस्कृतियों आज तक विफल नहीं हुएअमेरिका आज भी हैलेकिन लाल भारतीय और उनकी माया संस्कृति मिट गईबेबीलोनअफ्रीका और आष्ट्रेलिया आदि आज भी हैं – लेकिन वहाँ के आदिवासी और उनकी संस्कृति मिट गईसोनिया वैदिक सनातन संस्कृति मिटाएगीजजों और लोकसेवकों का मांस खाएगी और लहू पीयेगी| (बाइबलयूहन्ना ६:५३).  इंडिया तो रहेगालेकिन वैदिक सनातन संस्कृति और भारत के मूल निवासी न रहेंगे|

अतएव अब्रह्मी संस्कृतियों को धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं हैअविश्वासियों को भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अधीन प्राइवेट प्रतिरक्षा का कानूनी अधिकार प्राप्त हैअब्रह्मी संस्कृतियों को मिटाए बिना अविश्वासियों की रक्षा सम्भव नहीं हैयह युद्ध मात्र हम लड़ सकते हैंअतः नमो, चुनाव छोड़ कर, बचना हो तो हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के बागियों को सहयोग दें|

हमने बाबरी ढांचा गिराया हैहम मालेगांव व अन्य मस्जिदों में विष्फोट के अभियुक्त हैंहमारे ९ अधिकारी २००८ से जेलों में बंद हैंजिन लोगों को अपना जीवनअपनी आजादी और अपनी नारियों का और अपना सम्मान चाहिएवे हमे सहयोग दें - तो हम अब्रह्मी संस्कृतियों को नहीं रहने देंगेनमो कुछ न कर पाएंगे| क्यों कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम१९४७ और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का १९४७ से आज तक एक भी विरोधी का किसी को ज्ञान नहीं है! जानते हैं क्योंक्यों कि अब्रह्मी संस्कृतियों का एक भी आलोचक जीवित नहीं छोड़ा जातागैलेलियो हों या आस्मा बिन्त मरवान या संविधान के संकलनकर्ता अम्बेडकर अथवा साध्वी प्रज्ञा - सबके विरोध को दबा दिया गया|

http://society-politics.blurtit.com/23976/how-did-galileo-die-

http://www.aryavrt.com/asma-bint-marwan

http://www.aryavrt.com/asama-binta-maravana

एक ओर वैदिक सनातन धर्म की निःशुल्क गुरुकुल शिक्षा प्रणाली हैजिसकी शिक्षा अहम् ब्रह्मास्मि हैजिस का तात्पर्य यह निर्देशित करता है कि मानव यानी प्रत्येक व्यक्ति स्वयं संप्रभु है। उसका व्यक्तित्व अत्यन्त महिमावान है - इसलिए हे मानवों! आप चाहे मुसलमान हो या ईसाई अथवा कोई भीअपने व्यक्तित्व को महत्त्व दो। आत्मनिर्भरता पर विश्वास करो। कोई ईश्वरपंडितमौलवीपादरी और इस तरह के किसी व्यक्तियों को अनावश्यक महत्त्व न दो। तुम स्वयं शक्तिशाली हो - उठोजागो और जो भी श्रेष्ठ प्रतीत हो रहा होउसे प्राप्त करने हेतु उद्यत हो जाओ। जो व्यक्ति अपने पर ही विश्वास नही करेगा - उससे दरिद्र और गरीब मनुष्य दूसरा कोई न होगा। यही है अहम् ब्रह्मास्मि का अन्यतम तात्पर्य और दूसरी ओर हैं (अ)ब्राह्मी संस्कृतियां जो खतना और इन्द्र की भांति मेनकाओं का प्रयोग कर दास बनाती हैं|

एक ओर वैदिक सनातन धर्म का राजतन्त्र हैजिसमे मैकाले को १८३५ तक एक भी चोर या भिखारी न मिला और दूसरी ओर हैं अब्रह्मी संस्कृतियां और प्रजातंत्र जो अपने अनुयायियों में अपराध बोध को मिटा देते हैं। ज्यों ही कोई व्यक्ति इन मजहबों या कार्लमार्क्स के समाजवाद अथवा प्रजातंत्र में परिवर्तित हो जाता हैउसके लिए लूटहत्याबलात्कारदूसरों को दास बनानागाय खानाआदमी खाना आदि अपराध नहीँ रह जाताअपितु वह जीविकामुक्तिस्वर्ग व गाजी की उपाधि का सरल उपाय बन जाता है।

जहां सनातनियों ने सभी देशों ओर मजहबों के पीडितों को शरण दियावहीं अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम के लोगों को अल्पसंख्यक घोषित कर वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका हैउन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ कीवहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दियालक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँअब्रह्मी संस्कृतियों आज तक विफल नहीं हुए|

http://www.aryavrt.com/Home/aryavrt-in-news

http://www.aryavrt.com/malegaon-notice-crpc160

किसान सांड़ को वीर्यहीन कर दास बना लेता है और (अ)ब्राह्मी संस्कृतियां खतना और इन्द्र की भांति मेनकाओं का प्रयोग कर दास बनाती हैंमनुष्य को दास बनाने का सर्वोत्तम मार्ग हैउसको वीर्यहीन करनाखतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो ने लिखा है कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (वीर्यहीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक हैपीटर जी यह बताना भूल गए कि दास बनाने के लिए खतने से भी कम घातक वेश्यावृत्ति और समलैंगिक सम्बन्ध को संरक्षण देना हैइसी प्रकार मूसा से लेकर सोनिया तक मानवमात्र को वीर्यहीन कर रहे हैं|

http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

बाइबलउत्पत्ति १७:११

और तुम अपने चमड़ी का मांस खतना करेगाऔर यह वाचा मेरे और तुम्हारे betwixt की निशानी होगी.

http://2nobib.com/index.php?title=Genesis_17/hi

यहाँ विश्वामित्र और मेनका का प्रसंग प्रासंगिक हैइंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग कियामूसा (बाइबलयाशयाह १३:१६) व मुहम्मद (कुरान २३:६) ने तो इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं|. इतना ही नहीं ईसा ने बेटी (बाइबलकोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह की छूट दी हैअल्लाह ने मुहम्मद का निकाह उसकी पुत्रवधू जैनब (कुरान३३:३७-३८) से किया और ५२ वर्ष के आयु में ६ वर्ष की आयशा से उसका निकाह किया|

आप की कन्या को बिना विवाह बच्चे पैदा करने के अधिकार का संयुक्त राष्ट्र संघ कानून पहले ही बना चुका है| [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणाअनुच्छेद २५(२)]. “विवाह या बिना विवाह सभी जच्चे-बच्चे को समान सामाजिक सुरक्षा प्रदान होगी|”]. लव जेहादबेटी व पुत्रवधू से विवाहसहजीवन व समलैंगिक मैथुन और सगोत्रीय विवाह को कानूनी मान्यता मिल गई हैबारमें दारू पीने वाली बालाओं का सम्मान हो रहा है! विवाह सम्बन्ध अब बेमानी हो चुके हैंजजों ने सहजीवन (बिना विवाह यौन सम्बन्ध) और सगोत्रीय विवाह (भाई-बहन यौन सम्बन्ध) को कानूनी मान्यता दे दी हैसोनिया के सत्ता में आने के बाद सन २००५ से तीन प्रदेशों केरलगुजरात और राजस्थान में स्कूलों में यौन शिक्षा लागू हो गई हैशीघ्र ही अमेरिका की भांति इंडिया के विद्यालयों में गर्भ निरोधक गोलियां बांटी जाएँगीजजों की कृपा से आप की कन्याएं मदिरालयों में दारू पीने और नाच घरों में नाचने के लिए स्वतन्त्र हैंउज्ज्वला - नारायण दत्त तिवारी और आरुषि - हेमराज में जजों के फैसलों ने आने वाले समाज की दिशा निर्धारित कर दी हैआप वैश्यावृत्ति से अपनी नारियों को बचा न पाएंगे|

वैदिक सनातन धर्म किसी भी अन्य धर्म के लिए कोई निहित शत्रुता के बिना एक ऐसी संस्कृति है. जो केवल वसुधैव कुटुम्बकम के बारे में बात करती है. इसके आचारमूल्य और नैतिकता सांप्रदायिक नहीं - सार्वभौमिक हैंवे पूरी मानव जाति के लिए हर समय लागू हैंइसका दर्शन मलेशियाइंडोनेशियाफिलीपींसथाईलैंडम्यांमारजापानचीनअफगानिस्तान और कोरिया में फैल गया थाएक बार अमेरिका में चीन के राजदूत ने कहा, “भारत एक भी सैनिक बाहर भेजे बिना तमाम देशों पर विजय प्राप्त करने वाला दुनिया में एकमात्र देश है"

खतना और वेश्यावृत्ति द्वारा वीर्य का क्षरण कराने वाले जेहोवाईसा और अल्लाह को हम ईश्वर क्यों मानेंहम अल्लाह को ईश्वर मानने के लिए तैयार नहीं हैंअज़ान व नमाज को पूजा मानने के लिए तैयार नहीं हैंहम अज़ान का विरोध कर रहे व मस्जिदजहां से हमारे ईश्वर की निंदा की जाती है और अविश्वासियों को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती हैको नष्ट कर रहे हैंआइये इस धर्म युद्ध में हमारा साथ दीजिएअपने पर नहीं तो अपने दुधमुहों और अपनी नारियों पर तरस खाइए| (कुरान २३:६). हम जो भी कर रहे हैंभारतीय  दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त प्राइवेट प्रतिरक्षा में कर रहे हैंजो भी हमारे विरोधी हैंमानवता के शत्रु हैं|

मानवजाति के बचने का मार्ग है - हर नवयुवक को वीर्यवान बनाना| क्या नमो स्वयं को सम्प्रभु ब्रह्मचारी बनाने वाले शिक्षा केंद्र गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने में आर्यावर्त सरकार को सहयोग देंगेमार्ग चुनाव नहीं गुरुकुल हैं|

वीर्य महिमा के समर्थन में मुझे वर्तमान में एक ही प्रमाण देना हैशेर दूसरे शेर को रहने ही नहीं देताफिर भी जंगल का कोई जानवर शेर का मुकाबला नहीं कर सकताशेर से कई गुने भारी हाथी सदैव झुण्ड में चलते हैंफिर भी अकेले शेर से परास्त होते हैंक्योंकि हाथी वीर्यहीन व कामी होता है और शेर वर्ष में एक बार सम्भोग करता है - अतः वीर्यवान|

ब्रह्म है मानव के रोम-रोम में उपलब्ध चेतन परमाणुयह सर्वशक्तिमानसर्वज्ञसर्व-व्याप्तवह शक्ति है जिससे सब कुछयहाँ तक कि ईश्वर भी उत्पन्न होते हैं।

व्यक्ति का यह सर्वशक्तिमान चेतन परमाणु वीर्य में निहित हैआतताई अब्रह्मी संस्कृतियां खतना या वैश्यावृति के संरक्षण द्वारा व्यक्ति के इसी वीर्य को नष्ट कर उसे दास बना चुकी हैंईसाइयों ने कुमारी माओं को महिमामंडित कर और वैश्यावृति को सम्मानित कर मानवमात्र को वीर्यहीन कर दिया हैइन मजहबों ने संप्रभु मनुष्य को दास व रुग्ण बना दिया है|

अहम् ब्रह्मास्मि का तात्पर्य यह निर्देशित करता है कि मानव यानी प्रत्येक व्यक्ति स्वयं संप्रभु है। उसका व्यक्तित्व अत्यन्त महिमावान है - इसलिए हे मानवों! आप चाहे मुसलमान हो या ईसाईअपने व्यक्तित्व को महत्त्व दो। आत्मनिर्भरता पर विश्वास करो। कोई ईश्वरपंडितमौलवीपादरी और इस तरह के किसी व्यक्तियों को अनावश्यक महत्त्व न दो। तुम स्वयं शक्तिशाली हो - उठोजागो और जो भी श्रेष्ठ प्रतीत हो रहा होउसे प्राप्त करने हेतु उद्यत हो जाओ। जो व्यक्ति अपने पर ही विश्वास नही करेगा - उससे दरिद्र और गरीब मनुष्य दूसरा कोई न होगा। यही है अहम् ब्रह्मास्मि का अन्यतम तात्पर्य।

The ant-Hindu Congress party and many regional party are corrupt. These corrupt politicians are subtly attempting to continue Christian colonization, divide and rule policy and loot our wealth.  These anti-Hindu politicians exist only to serve the explicit purpose of marginalizing and mocking Hindu India into irrelevance. Their motive is to divide us and loot our wealth.

भ्रष्ट तो भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) है|

मै डेनिअल वेबस्टर के कथन से पूरी तरह सहमत हूँ“हमको मिटाने के लिए किसी भी राष्ट्र के पास शक्ति नहीं हैहमारा विनाशयदि आएगातो वह दूसरे प्रकार से आएगावह होगा सरकार के षड्यंत्र के प्रति जनता की लापरवाही| ... मुझे भय है कि जनता अपने उन लोकसेवकों पर अत्यधिक विश्वास करेगीजिन्हें स्वयं अपने ही सर्वनाश के लिए (एलिजाबेथद्वारा) हथियार बना लिया गया है|

जाहिराबिलकिस और इशरत जहाँ मामलों का स्वतः संज्ञान लेने वाले जज क्या सचिन और गौरव का मामला लेने का साहस कर सकते हैं?

अज़ान को जो भी सांप्रदायिक कहेगाउसे दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ से प्राप्त अधिकार से राष्ट्रपति/राज्यपाल भारतीय दंड संहिता की धाराओं १५३ व २९५ के अंतर्गत जेल भेजवा देगा|

एक प्रमुख अंतर यह भी है कि जहां अब्रह्मी संस्कृतियों को अन्य संस्कृतियों को मिटाने में लंबा समय लगा वहीँ वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए वैदिक सनातन संस्कृति को २६ नवम्बर१९४९ को संविधान बना कर अब्रह्मी संस्कृतियों के हाथों में सौँप दिया गया है|

आज सत्ता के शिखर पर वे ही लोग हैंजिन्होंने देश के टुकड़े किये और कराएवैदिक पंथियों के पूर्वजों का नरसंहार कियानंगा कर माँबहन व बेटियों का जुलूस निकालाउनको बाजारों में बेचा और बलात्कार कियाउन्हें इंडिया में मात्र रखा ही नहीं गया हैबल्कि उन्हें वे विशेष सुविधाएँ दी गई हैंजो स्वयं वैदिक पंथियों को प्राप्त नहीं हैं|

The Marxists criminals, The Jihadi terrorists and the conversion gang, and Congress party representing our colonial masters will continue to judge and mock Indian citizens until Hindu values are totally eradicated.

Hindus around the world should take a good, hard look at the way our enemies have been able to undermine our eternal Vedic values. Hindus in India should participate the general election in 2014 and the most important contributions citizens can make is to preserve our culture, practice our religion and promote our values for us and for our next generation. For hundreds of years, we have been enslaved, oppressed, and discriminated by European Christian colonialists. We have been acting like zombies  and imitating useless and meaningless and discarded life styles, habits, and values of the west.

राज्यतंत्र ही हमारी समस्या का समाधान हैचुनाव नहीं| यदि भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) नहीं मिटेगा तो मानव जाति मिट जायेगी और यदि भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) नहीं मिटता तो भ्रष्टाचार समाप्त नहीं हो सकतालोकसेवक दप्रसं की धारा १९७ से शासित हैं|   

It is possible to kick out the colonial congress culture from our country now. If not now, when? Our enemies with their money, manpower and betrayers, and pseudo- secular crowd may influence our corrupt politicians to keep us in slavery and create cognitive confusion.

The lack of courage is not part of Hindu consciousness. Our Islamic enemies and Christian evangelists may try to continue to create helplessness, hopelessness, and feelings of inadequacy, unworthiness and pain of rejection. 

Fanatic Islamists want to create a Dar-Ul-Islam in INDIA, Christian EVANGELISTS HAVE A MASTER PLAN TO RULE India FOR EVER. Both ARE Working  together with Marxist  criminals  Maoist murderers, Tamil converted Christian Tigers, and Jihadi beheaders to spread mayhem and  TO CREATE PERPETUAL WAR WITH Hindus. Our enemies know Hindu vulnerability,  Our media mocks, malign, marginalize our traditional Vedic values, and to create with  pseudo secularists- politically correct hell in India. The leftist media are not your friend. The congress party and their antichrist gang are assaulting our sacred heritage, our culture, country and our rich religious heritage.

आज के वैदिक पंथियों की भांति यहूदी  एक कमजोर कौम थी

वैदिक सनातन संस्कृति और यहूदी मजहब में वैसे तो कोइ समानता नहींलेकिन फिर भी आज दोनों धर्म व मजहब समान धरातल पर खड़े दिखते हैं. यहूदी मजहब से जहां इस्लाम और इसाइयत दोनों का ही उद्भव हुआवहीं वैदिक सनातन संस्कृति तो खुद ही बहुत सारे धर्मों का समागम हैऔर भी कई दूसरे धर्मों का जन्म उससे हुआ.

दोनों ही धर्म व मजहब पुराने हैं लेकिन जहां यहूदी मजहब अब धरातल से लगभग मिट चुका है (आज इसके सिर्फ 1 करोड़ बीस लाख मानने वाले ही दुनिया में हैं) वहां वैदिक सनातन संस्कृति अब भी प्रबल रूप से जीवित है (लगभग एक अरब मानने वाले). दोनों ही धर्म व मजहब अब मुख्य रूप से एक राष्ट्र में सिमट चुके हैं और दोनों पर ही अब्रामिक मजहब (इस्लाम और इसाइयत) की टेढ़ी नजर हैयदि बौद्धों को मिला लें तो हम विश्व के सबसे बड़े जनसंख्या वाले लोग होंगे|

दोनों ही धर्म व मजहब का जोर प्रसार और लोगों को अपने धर्म में शामिल करने पर नहीं है.

किसी जमाने में यहूदी बेहद कमजोर कौम हुआ करती थी. यह कौम पूरे युरोप में बिखरी हुई थी और अमेरिका में अपना प्रभाव बनाना शुरु ही किया था. संख्या में कमलेकिन आर्थिक रूप से संपन्न और पढ़े-लिखे लोगों की यह कौम बहुत से ईसाइयों की आंखों में खटकती थी. पूर्वाग्रह की हद क्या होगी - यह इससे ही समझ सकते हैं कि शेक्सपीयर तक ने अपने नाटक मर्चेन्ट आफ वेनिस में यहूदी व्यापारीयों को खुल कर कोसा था. याद है आपको शाइलॉकये भी याद करिये कि जोर उसके उस खास वर्ग के होने पर बहुत था.

असल में ईसाइयत का यहूदियों से पुराना बैर हैउनके नबी (जीसस) को भी आखिर यहूदियों के कहने पर ही शूली पर चढ़ाया गया था. बहुत दिनों तक ईसाई यहूदियों द्वारा दमित भी रहेलेकिन रोमन राजा के ईसाई मजहब अपनाने के बाद ईसाइयत का जोर युरोप में जो हुआ वह अब तक चालू है. धीरे-धीरे यहूदी और युरोप के बाकी मजहब हाशिये पर चले गये. यहूदी भी इस नई व्यवस्था में मिल गये. अब वह न शासक रहे न शोषकवर्ण व्यवस्था में भी उनका स्थान दोयम थालेकिन अपनी मेहनत लगन और अक्ल से वह समाज में आगे रहे.

लेकिन उनके पास न सामरिक शक्ति थीना राजनैतिकऔर यह बात उन्हें बहुत महंगी पड़ी. द्वितीय विश्वयुद्ध में 30 लाख यहूदियों को हिटलर और दूसरे यहूदी विरोधियों ने मार दिया और यहूदी कुछ नहीं कर पाये. यहूदी एक कमजोर कौम थी - जिसपर जो चाहेजैसा चाहे अत्याचार कर सकता था. हिटलर ने यहूदियों को शहर से दूर अलग इलाकों में रहने पर मजबूर किया और हर यहूदी को अपनी पहचान के लिये खास मार्क पहनना होता था (स्टार) जिस तरह आज तालिबानी पाकिस्तान में इस्लाम को न मानने वालों को पहनना होता है.

यहूदियों ने बुरे दिन पहले भी देखे थेलेकिन हर बार वो आगे बढ़ गये और पुराने दुख भूलते गये. लोगों को यहूदियों की यह कमजोरी लगी व उन्होंने इसे कायरता समझा. ईसाई व मुसलमान समाज में यह बात प्रचलित थी कि यहूदी में हिम्मत नहीं होती. वह डरपोक होता है. जबर मुस्लिम और ईसाई दोनों ही इस कमजोर कौम को दबा-कुचल कर खुश थे.

क्यों कि यहूदियों ने एक भी युद्ध नहीं लड़ा?

क्यों कि उनकी कोई सेना नहीं थी?

क्यों कि उनका कोई राज्य नहीं था?

सब के सब यहूदी गैर सैनिक नागरिक थे जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध में पकड़-पकड़ कर मारा गयाउनके साथ कैम्पों में अमानवीय व्यवहार किया गया और गैस चैम्बरों में भर कर उन का नरसंहार किया गया.

बिना युद्ध लड़े एक कौम के 30 लाख लोगों की हत्या!

जो उस समय कुल यहूदी जनसंख्या की आधी थी!

मतलब एक कौम को आधा साफ कर दिया गया!

जिन कमजोर और बेबस यहूदियों को इतनी आसानी से मौत दी गई आज वह कहा हैं?

उनका प्रभुत्व अमेरिका की राजनीति पर है.

दुनिया का हर रैडिकल यहूदियों के नाम से कांप उठता है.

यहूदी लड़ाके दुनिया में सबसे ज्यादा खतरनाक हैं.

यहूदियों के अस्त्र-शस्त्र बहुत उन्नत हैं.

आज यहूदी ऐसी जगह रहते हैं जहां वो हर तरफ से दुश्मनों से घिरे हैं. फिर भी उनका वजूद प्रबल है. उनका हर दुश्मन उनसे घबराता है और उनके आगे पानी मांगता है.

क्यों?

क्योंकि 30 लाख लोगों को खोने के बाद यहूदियों ने फैसला किया –

दोबारा कभी नहीं.

यही उनकी जीवनशैली है – दोबारा कभी नहीं!

आज के यहूदियों में मुझे कल के हिन्दुओं का चेहरा दिखाई देता है.

क्योंकि दुनिया में यह भी इतने ही अकेले हैं - जितने कि यहूदी. रैडिकल इस्लाम और ईसाइयत का जितना दबाव हिन्दुओं पर बढ़ रहा है उसकी वजह से वैदिक सनातन संस्कृति ने जो राह पकड़ी है वह शायद उसी मोड़ पर रुकेगी जिस पर आज यहूदी हैंयदि नहीं पकड़ेगी तो मानवजाति ही मिट जायेगी|

आप भी ब्रह्मचारी बनने के लिए अपनी संतानों को गुरुकुल में शिक्षित कीजिए| मैकाले के यौनशिक्षा स्कूलों और बलात्कार की शिक्षा देने वाले मकतबों का बहिष्कार करें|

JOIN WITH MODI, MODI can and will provide the answer, offering proven, practical guidance, how freedom lovers can stop destroying our country, culture. MODI's speeches,---with unique instructions about how we can, and must fight back now to defend our nation and civilization.

हमारी समस्या का समाधान चुनाव नहीं है| नमो यदि सचमुच अपना भला चाहते हैं तो, वोट की भीख मांगना छोड़ कर, स्वयं को सम्प्रभु ब्रह्मचारी बनाने वाले शिक्षा केंद्र गुरुकुलों को पुनर्जीवित करने में आर्यावर्त सरकार को सहयोग दें|

क्या नमो दास बनाने वाले मैकाले के महंगे यौन व इस्लामी बलात्कार के शिक्षाकेंद्र मकतब व मस्जिद को समाप्त कर ब्रह्मज्ञान और वीर्यरक्षा की निःशुल्क शिक्षा देकरसम्प्रभु ब्रह्मचारी बनाने वाले शिक्षाकेंद्र गुरुकुलों कोपुनर्स्थापित करने में हमें सहयोग देंगे?

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठीफोन ९१५२५७९०४१

दिनांक: ११ फरवरी. २०१४

 

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