FDI in Hindi

एफडीआईवैदिक सनातन संस्कृति के ताबूत की अंतिम कील|

एफडीआई वैदिक सनातन संस्कृति के ताबूत की अंतिम कील|

इंडिया के लोगों को तब आपत्ति नहीं हुई:-

जब परभक्षी भारतीय संविधान का संकलन हुआ|

जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन कर लुटेरी, नारियों के बलात्कारी और खूनी संस्कृतियों ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रख लिया गया| ईसाइयों व मुसलमानों सहित किसी नागरिक के पास जीवित रहने का अधिकार ही न रहा|

जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ प्रदत्त सम्पत्ति के मौलिक अधिकार का विलुप्तिकरण हुआ!

जब संसद ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ का संशोधन कर ईसाइयों व मुसलमानों सहित नागरिकों के सम्पत्ति का मौलिक अधिकार छीना|

जिस अधिकार को अँगरेज़ और संविधान सभा के लोग न छीन पाए, उसे भ्रष्ट सांसदों और जजों ने मिल कर लूट लिया (ए आई आर १९५१ एस सी ४५८) और अब तो इस अनुच्छेद को भारतीय संविधान से ही २०--१९७९ से मिटा दिया गया है| जब तक भारतीय संविधान है, आप के पास सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार ही नहीं है|

जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) का संकलन कर ईसाइयों व मुसलमानों सहित नागरिकों की सकल सम्पदा और उत्पादन के साधन लूट लिए गये|

जब नागरिकों की खानें, कारखाने, जमीनें और रेल-संचार आदि सेवाएं लूट ली गईं|

राज्य के स्थापना का उद्देश्य प्रजा के जान-माल की रक्षा करना है|

लेकिन अभी भी जगनमोहन रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री येद्दियुरप्पा, मधु कोड़ा, मायावती, मुलायम, पूर्व राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी, टाटा, बिड़ला, अम्बानियों आदि के पास धन भी है और उत्पादन के साधन भी| संविधान ने नागरिकों को भेंड सोनिया का भेंड बना रखा है| भेंड सम्पत्ति नहीं रखते| माँ, बहन, बेटी नहीं पहचानते| अतएव सोनिया मायावती और मुलायम को भी लूट लेगी और दोनों को जेल में डाल देगी| देश में ऐसा कोई कानून नहीं जो सोनिया को देश के नागरिकों को लूटने से रोक सके!

कौन हैं सोनिया?

इंडिया में गणतंत्र नहीं जेसुइट सोनिया केलिए, सोनिया द्वारा चुनागया सोनियातंत्र है| सोनिया सहित इंडिया के नागरिक ईसा की भेंड़े हैं| इंडिया के नागरिक के पास न जीने का अधिकार है और न पूँजी व सम्पत्ति रखने का| भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) व ३९(ग). बाइबल के अनुसार ईसा को इंडिया में गणतन्त्र स्वीकार नहीं है| अतएव इंडिया का हर नागरिक ईसा का शत्रु है| सोनिया उसे कत्ल करा देगी| ऐसा ही ईसा के आदेशों के संकलन बाइबल का आदेश है, “परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७).

सर्वविदित है कि महामहिम प्रेसिडेंट प्रणब दा का मनोनयन सोनिया ने किया| प्रधानमंत्री, सभी राज्यपाल व सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैंफिर चुनाव की नौटंकी किसलिए? यदि सोनिया को ही देश का सुपर प्रधानमंत्री बनना था तो विक्टोरिया में क्या बुराई थी? एलिजाबेथ में क्या बुराई है? क्यों बहाए हमारे पूर्वजों ने रक्त?

इंडिया में सरकार का मतलब ईसा की भेंड़ सोनिया है| ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया| अब सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति को निगल रही है| सोनिया के सहयोग से अर्मगेद्दन के पश्चात ईसा जेरूसलम को अपनी अंतर्राष्ट्रीय राजधानी बनाएगा| बाइबल के अनुसार ईसा यहूदियों के मंदिर में ईश्वर बन कर बैठेगा और मात्र अपनी पूजा कराएगा| हिरण्यकश्यप की दैत्य संस्कृति न बची और केवल उसी की पूजा तो हो न सकी, अब ईसा की बारी है|

देश की छाती पर सवार जेसुइट सोनिया ने निम्नलिखित शपथ ली हुई है:-

“… मै यह भी प्रतिज्ञा करती हूँ कि जब भी अवसर आएगा, मै खुले रूप में पंथद्रोहियों से, फिर वे प्रोटेस्टैंट हों या उदारवादी, पोप के आदेश के अनुसार, युद्ध करूंगी और विश्व से उनका सफाया करूंगी और इस मामले में मै न उनकी आयु का विचार करूंगी, न लिंग का, न परिस्थिति का| मै उन्हें फांसी पर लटकाऊंगी, उन्हें बर्बाद करूंगी, उबालूंगी, तलूंगी और (उनका) गला घोटूंगी| इन दुष्ट पंथ द्रोहियों को जिन्दा गाडून्गी| उनकी स्त्रियों के पेट और गर्भाशय चीर कर उनके बच्चों के सिर दीवार पर टकराऊँगी, जिससे इन अभिशप्त लोगों की जाति का समूलोच्छेद हो जाये| और जब खुले रूप से ऐसा करना सम्भव न हो तो मै गुप्त रूप से विष के प्याले, गला घोटने की रस्सी, कटार या सीसे की गोलियों का प्रयोग कर इन लोगों को नष्ट करूंगी| ऐसा करते समय मै सम्बन्धित व्यक्ति या व्यक्तियों के पद, प्रतिष्ठा, अधिकार या निजी या सार्वजनिक स्थिति का कोई विचार नहीं करूंगी| पोप, उसके एजेंट या जीसस में विश्वास करने वाली बिरादरी के किसी वरिष्ठ का जब भी, जैसा भी निर्देश होगा, उसका मै पालन करूंगी|”

http://www.reformation.org/jesuit_oath_in_action.html

(२ फरवरी १८३५ को ब्रिटिश संसद में दिया लार्ड मैकाले का भाषण)-

"मैंने भारत की ओर-छोर की यात्रा की है पर मैंने एक भी आदमी ऐसा नहीं देखा जो भीख मांगता हो या चोर हो। मैंने इस मुल्क में अपार संपदा देखी है। उच्च उदात्त मूल्यों को देखा है। इन योग्यता मूल्यों वाले भारतीयों को कोई कभी जीत नहीं सकता यह मैं मानता हूं, तब तक; जब तक कि हम इस मुल्क की रीढ़ ही ना तोड़ दें, और भारत की रीढ़ है उसकी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत।

इसलिए मैं यह प्रस्ताव करता हूं कि भारत की पुरानी शिक्षा व्यवस्था को हम बदल दें। उसकी संस्क्रति को बदलें ताकि हर भारतीय यह सोचे कि जो भी विदेशी है, वह बेहतर है। वे यह सोचने लगें कि अंग्रेजी भाषा महान है अन्य देशी भाषाओं से। इससे वे अपना सम्मान खो बैठेंगे। अपनी देशज जातीय परंपराओं को भूलने लगेंगे और फिर वे वैसे ही हो जाएंगे जैसा हम चाहते हैं, सचमुच एक आक्रांत एवं पराजित राष्ट्र।“ -लार्ड मैकाले

सोनिया जनता को लोकसेवकों के माध्यम से लूट रही है| लेकिन इससे भी सम्पत्ति के संकेन्द्रण का संकट बना हुआ है| इस संकट पर नियंत्रण के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ का संकलन किया गया है| प्रेसिडेंट व राज्यपालों के माध्यम से उपरोक्त धारा १९७ का नियंत्रण सोनिया के पास है| सोनिया के लिए यह भी अपर्याप्त है| सोनिया की अर्मगेद्दन द्वारा गैर ईसाई को मिटा कर, धरती पर केवल ईसा की पूजा कराने की योजना है| अब सोनिया को अर्मगेद्दन द्वारा केवल ईसा की पूजा करवानी है| हमारे अतिरिक्त सोनिया को कौन रोक लेगा?

Http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

अर्मगेद्दन का मार्ग है टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि की सम्पत्तियां लूट लेना| इसके लिए सोनिया एफडीआई लाई है| एफडीआई का विरोध टाटा, बिड़ला, अम्बानी तो कर नहीं सकते| विरोध मात्र हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग कर सकते हैं, क्योंकि अब हमारे पास खोने के लिए कुछ नहीं है| लेकिन हमको टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि सहयोग भी नहीं कर सकते| अतएव रजवाड़ों, खानों, कारखानों आदि को लूटने के बाद अब अम्बानियों, टाटा, बिरला आदि के लूट का नम्बर है| जागरण सहित मीडिया की लूट में थोड़ा विलम्ब होगा|

मैं अरबपति हूँ| लेकिन भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के सहयोग से सोनिया ने मात्र मुझको ही नहीं बल्कि हुतात्मा राम प्रसाद बिस्मिल तक को भिखारी बना दिया है| न्यायपालिका सोनिया की मातहत है| मुझे ख़ुशी है कि शीघ्रातिशीघ्र मेरी भांति मुलायम, मायावती, टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि भी मुझ जैसे भिखारियों के श्रेणी में आ जायेंगे| मधु कोड़ा, जगनमोहन आदि जेल में हैं| शीघ्र मुलायम और मायावती भी जेल जायेंगे| विशेष विवरण नीचे की लिंक पर पढ़ें,

http://www.aryavrt.com/ahc-rg-12806y

http://www.aryavrt.com/pension-sat-appeal

Http://www.aryavrt.com/muj12w44-abrahmic-sanskritiyan

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन कर वैदिक सनातन धर्म मिटाने का प्रबंध १९४९ में ही हो चुका है| अजान ईशनिंदा है| मस्जिद सेना वास हैं| मस्जिदों से आप के हत्या और आप के नारियों के बलात्कार की शिक्षा दी जाती है| गैर-मुसलमान को कत्ल करने से मुसलमान जन्नत पायेगा| (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). अपना अस्तित्व चाहें तो ईसाइयत और इस्लाम का बहिष्कार करें|

तब लूटा समाजवाद के नाम पर अब लूटेंगे आर्थिक सुधार के नाम पर| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) से प्राप्त अधिकार से जिस प्रकार राजे रजवाड़े लूटे गये, उनका प्रिवीपर्स लूटा गया, नागरिकों के खानें, कारखाने और रेल, संचार आदि सेवाएं लूटी गईं, उसी भांति भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) व एफडीआई से प्राप्त अधिकार से सोनिया सभी की सम्पत्तियां और व्यापार-उद्योग लूटकर विदेशियों के हाथों बेच देगी| न राजे रजवाड़े कुछ कर पाए और न अम्बानी, बजाज, बिरला, जैसे तमाम हिन्दू सोनिया का कुछ बिगाड़ पाएंगे| अभी आत्मरक्षा के प्रयत्न में अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग जेलों में हैं| अभी हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल के स्मारक की भूमि लूटी गई है| अभी सोनिया मंदिरों के चढ़ावे और सम्पत्तियां लूट रही है| अभी राज्यपाल तिवारी ने स्तीफा दिया है| अभी मधु कोड़ा और येदियुरप्पा जेल गये हैं| इसी प्रकार अब मुलायम और मायावती जेल जायेंगे| अम्बानी, बजाज, बिरला, आदि के कारखाने और सम्पत्तियां सोनिया लूट लेगी|

बचना हो तो अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिये|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) का संकलन कर वैदिक सनातन धर्म मिटाने का प्रबंध १९४९ में ही हो चुका है| अजान ईशनिंदा है| मस्जिद सेना वास हैं| मस्जिदों से आप के हत्या और आप के नारियों के बलात्कार की शिक्षा दी जाती है| गैर-मुसलमान को कत्ल करने से मुसलमान जन्नत पायेगा| (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). सोनिया बाइबल के आदेश (बाइबल, लूका १९:२७) और भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त असीमित मौलिक अधिकार से अर्मगेद्दन द्वारा मात्र ईसा की पूजा करवाने के लिए इंडिया के हर नागरिक को कत्ल करेगी| अपना अस्तित्व चाहें तो ईसाइयत और इस्लाम को मिटाने में आर्यावर्त सरकार को सहयोग दें| ईसाइयत और इस्लाम मिटाना और मस्जिद और चर्च तोड़ना हमारा कानूनी अधिकार है| धरती पर एक से बढ़ कर एक त्रिकालदर्शी, योद्धा, चिन्तक, समाज सुधारक और बुद्धिमान पैदा हुए, लेकिन, मालेगांव व अन्य मस्जिदों पर विष्फोट के अभियुक्त और जेल में निरुद्ध, जगतगुरु श्री अमृतानंद के अतिरिक्त किसी ने भी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध नहीं किया| उनके आशीर्वाद से हम आप के लिए लड़ रहे हैं|

जिसने भी भारतीय संविधान में आस्था व निष्ठा की अथवा परिरक्षण, प्रतिरक्षण और संरक्षण की शपथ ली है, उसे किसी शत्रु की आवश्यकता नहीं है और न ही किसी को श्राप देने की आवश्यकता है| ऐसे व्यक्ति ने अपने व मानव जाति के शत्रुओं ईसाइयत और इस्लाम के अनुयायी उन ईसाइयों और मुसलमानों को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश का असीमित मौलिक अधिकार दे दिया है, जिन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया|

हम कौन हैं?

हमने बाबरी ढांचा गिराया है| क्यों कि विवाद का मूल बिंदु है कि अपराध स्थल मस्जिद धरती पर क्यों रहें? मस्जिद बचाने वाले अपराधी हैं|

हमारे ९ अधिकारी मक्का, मालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं| मनुष्य के पुत्र का मांस खाने वाली और लहू पीने वाली सोनिया (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) द्वारा हम इसलिए सताए जा रहे हैं कि हम आपको दासता के बंधन से मुक्त करना चाहते हैं| हम नहीं चाहते कि सोनिया, आप के भाइयों का, भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ से प्राप्त एकाधिकार के बल पर भयादोहन कर, आप का घर लुटवा ले| आप के दुधमुहें बच्चों को पटक कर मरवा डाले| आप की नारियों का आप की आँखों के सामने बलात्कार कराए और अंत में आप को कत्ल करा दे| (बाइबल, याशयाह १३:१६). [कुछ ईसाई लोग कहते हैं की बाइबल का पुराना नियम ईसाइयों पर लागू नहीं है| उन्हें बाइबल का नया नियम २४:४४ पढ़ना चाहिए| अधिक विवरण के लिए निम्नलिखित लिंक पढ़ें:-

http://www.aryavrt.com/jesus-and-lawofmoses

और वह भी जजों के समर्थन से! (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४)!

हमारा अपराध यह है कि हम अजान को ईशनिंदा मानते हैं| मस्जिद को खूनियों का प्रोत्साहक मानते हैं|

हमारा अपराध यह है कि हम जानना चाहते हैं कि नारियों की लूट व उनके बलात्कार को निंदनीय न मानने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान ४:२४; २३:६; ३३:५० व ७०:३०). मुहम्मद की अपनी ही पुत्रवधू जैनब के साथ मुहम्मद का निकाह कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, ३३:३७-३८). लुटेरा व हत्यारा अल्लाह ईश्वर कैसे है? मूर्ति भंजन कराने वाला अल्लाह ईश्वर कैसे है? (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरान, सूरह अल-अम्बिया २१:५८). हत्या, लूट, बलात्कार, धर्मान्तरण और राष्ट्रांतरण की संहिता कुरान धर्मपुस्तक कैसे है?

इसी प्रकार सबको अपने अधीन कराने वाला, (बाइबल, लूका १९:२७), मनुष्य के पुत्र का मांस खाने व लहू पीने की शिक्षा देने वाला (बाइबल, यूहन्ना ६:५३), तलवार चलवाने वाला (बाइबल, मत्ती १०:३४), धरती पर आग लगवाने वाला (बाइबल, लूका १२:४९), परिवार में शत्रुता पैदा कराने वाला {(बाइबल, मत्ती १०:३५-३६) व (बाइबल, लूका १२:५१-५३)}, बेटी से विवाह कराने वाला (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) व मनुष्य को भेंड़ बनाने वाला ईशा ईश्वर का पुत्र कैसे है?

हमने बाबरी ढांचा पूर्व प्रधानमंत्री पूज्य श्री नरसिंहराव और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याणसिंह के आशीर्वाद से गिराया था| हम अपराधी संस्कृतियों ईसाइयत और इस्लाम को धरती पर नहीं रहने देना चाहते| इस आशय के मैने सर्वोच्च न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, सीबीआई न्यायालय लखनऊ व रायबरेली और लिब्रहान आयोग को ६ शपथपत्र दिए थे, जो किसी भी न्यायालय के पत्रावली पर उपलब्ध नहीं हैं| फिर भी हमारी प्रेस को दी गई भेंटवार्ता की विडियो क्लिपिंग यूट्यूब पर नीचे की लिंक पर उपलब्ध है,

http://www.youtube.com/watch?v=yutaowqMtd8

बाबरी के लिए व्यथित लोग दया के पात्र हैं| यदि ईसाइयत और इस्लाम है, तो धरती पर मानव जाति  ही नहीं बचेगी! क्यों कि मुसलमान गैर-मुसलमान को कत्ल करेगा (कुरान ८:३९) और ईसाई जो ईसा को राजा न माने. (बाइबल, लूका १९:२७). उसे कत्ल करेगा| इस प्रकार जो भी ईसाइयत और इस्लाम, बाइबल और कुरान और भारतीय संविधान का समर्थक है, मानवता का शत्रु है.

बाबरी विध्वंस के ४९ अभियुक्त बने और १७ वर्षों तक लिब्रहान आयोग जाँच की नौटंकी करता रहा| हमने १५ जनवरी २००१ को शपथपत्र दिया कि ढांचा हमने गिराया है, उसे चुरा लिया| जनता का ८ करोड़ रुपया डकार गया| लेकिन हमारे मंदिरों को तोड़ने वाला कोई अभियुक्त नहीं और न कोई जाँच आयोग| मानवता की हत्या के केंद्र ४ मस्जिदों के विष्फोट के लिए हम भगवा आतंकवादी हैं! हम जानना चाहते हैं कि १०८ मंदिर तोड्वाने वाली सोनिया सरकार कौन है? आतंकवादी भगवा धारी हैं या सरकार? हमारे मंदिरों पर सोनिया सरकार का कब्जा है, क्या किसी मस्जिद या चर्च पर भी सोनिया सरकार का कब्जा है?

हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई| मैंने पत्रक मुसलमानों भारत छोड़ोऔर ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था| जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया| बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ| अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं| मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी| वह अभियोग १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चल रहा है| इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है| मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ|

हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग इसलिए लड़ रहे हैं कि आप धूर्त पुरोहितों और शासकों के दास न बनें| मुसलमान और ईसाई आप की आँखों के सामने आप की नारियों का बलात्कार न करने पायें| आप के घर न लूट लिए जाएँ और आप कत्ल न कर दिए जाएँ| मैं आतताई अल्लाह व जेहोवा को भगवान मानने के लिए तैयार नहीं हूँ| और न कुरान व बाइबल को धर्म पुस्तक स्वीकार करता हूँ| मै भारतीय संविधान, कुरान व बाइबल को मानवता का शत्रु मानता हूँ| जो ऐसा नहीं मानता, वह दया का पात्र है|

भारतीय संविधान ने तो २६ नवंबर, १९४९ से ही नीचे उद्धृत ऐलान कर रखा है और आज तक कोई विरोध भी न कर सका| अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार ने विरोध किया और उसके ९ अधिकारी जेल में हैं!

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा|" भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) भाग ३ मौलिक अधिकार|

भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) भ्रष्टाचारी है| देखें:-

"३९(ग)- आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेन्द्रण न हो;" भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्व| अनुच्छेद ३९(ग).

उपरोक्त अनुच्छेद के अनुसार जिसके पास भी सम्पत्ति या पूँजी है, वह अपराधी है| टाटा व अम्बानी के पास सम्पत्ति व पूँजी इसलिए है कि वे जनता को लूट कर सोनिया तक हिस्सा पहुंचाते हैं

क्या ईसाई व मुसलमान सहित नागरिक चुनाव द्वारा संविधान के अनुच्छेद २९(१) व ३९(ग) को बदल सकते हैं? मुसलमानों सहित सभी गैर ईसाई नागरिक सोनिया के ईसा के शत्रु हैं| क्यों कि वे ईसा को राजा नहीं मानते| (बाइबल, लूका १९:२७). सोनिया उन को कत्ल करा देगी और उन की सारी सम्पत्ति और पूँजी उनसे छीन लेगी|

http://www.aryavrt.com/Home/chunav-dhokha-hai

क्या आप को ऐसी आतताई और गो-नरभक्षी (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) औरत के शासन में रहने में लज्जा नहीं आती? क्या आप खूंखार और लुटेरे भारतीय संविधान का विरोध करेंगे? यदि नहीं, तो क्या आप जीवित हैं?

१९७. न्यायाधीशों और लोकसेवकों का अभियोजन- “(१) जब किसी व्यक्ति पर, जो न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट या ऐसा लोकसेवक है या था जिसे सरकार द्वारा या उसकी मंजूरी से ही उसके पद से हटाया जा सकेगा, अन्यथा नहीं, किसी ऐसे अपराध का अभियोग है जिसके बारे में यह अभिकथित हो कि वह उसके द्वारा तब किया गया था जब वह अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में कार्य कर रहा था या जब उसका ऐसे कार्य करना तात्पर्यित था, तब कोई भी न्यायालय ऐसे अपराध का संज्ञान - ... सरकार की पूर्व मंजूरी से ही करेगा, अन्यथा नहीं; ...”

भारतीय संविधान, जिसके अनुच्छेद ३९(ग) के संरक्षण, संवर्धन व पोषण की राज्यपालों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन शपथ ले कर, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ द्वारा जो राज्यपाल भ्रष्ट लोक सेवकों को संरक्षण देने के लिए विवश हैं और जजों ने भी जिस अनुच्छेद ३९(ग) को बनाये रखने की शपथ ली है, (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८), से निकृष्ट भ्रष्टाचारी कौन हो सकता है?

जनता को लूटना जजों और लोकसेवकों का संवैधानिक कर्तव्य है| जज तारीख पर १० रूपये भेंट लेते हैं, इलाहाबाद उच्च न्यायलय का रजिस्ट्रार तारीख देने के लिए १००० रूपये वसूलता है, चौराहे पर ट्राफिक पुलिस वसूली करता है, जज व लोकसेवक जनता को लूटने के लिए लोकसेवकों को सहयोग देते हैं, ऐसे कार्यों को, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन तब तक भ्रष्टाचार नहीं माना जाता जब तक लोकसेवक लूट में सोनिया व उसके मातहतों को हिस्सा देते हैं, उनको दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन सोनिया अपने द्वारा मनोनीत राज्यपालों से संरक्षण दिलवाती है| हिस्सा न मिले तो सोनिया संरक्षण वापस करवा लेती है| अतएव भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहें तो संविधान के उपरोक्त अनुच्छेद ३९(ग) को संविधान से हटाने, अनुच्छेद ३१ को पुनर्जीवित करने और धारा १९७ को भी हटाने में हमारी मदद करें|

कितने लोगों को पता है कि मुलायम ने सोनिया को प्रधानमंत्री बनने से रोका थे? मुलायम का मतलब समाजवादी दल है और मायावती का मतलब बहुजन समाजवादी दल| दोनों ही सच्चरित्र व्यक्ति हैं| भारतीय संविधान ने दोनों को डाकू बनने के लिए विवश किया है| संवैधानिक विवशता के कारण दोनों ने सोनिया के दबाव में उत्तर प्रदेश को लूटा है और सोनिया को हिस्सा दिया है| दोनों को ही अपने मातहत राज्यपाल बनवारी के माध्यम से सोनिया ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन संरक्षण देकर अपने अधीन किया हुआ है| असली अपराधी तो सोनिया है, लेकिन सोनिया को बंदी बनाने का देश में कोई कानून नहीं है| यह शतरंज के शह और मात का खेल है| सोनिया के मनोनीत मातहत बनवारी ने मायावती और मुलायम को धमकाया कि अगर सोनिया सरकार पर आंच आई तो दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन दिया गया संरक्षण वापस ले लूँगा| जेल चले जाओगे| अतएव भयादोहन के कारण दोनों संकट मोचक दल सोनिया की सेवा में हाजिर हो गए हैं| लेकिन दोनों यह अच्छी तरह जान लें कि  एफडीआई लागू होने के बाद सोनिया, नेताओं मुलायम व मायावती के साथ-साथ उद्योगपतियों और व्यापारियों की सम्पत्तियां छीन लेगी| जो विरोध करेगा सोनिया, भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) व एफडीआई से प्राप्त कानूनी अधिकार से, उसको उसी प्रकार जेल भेजवा देगी, जैसे आत्मरक्षा में लड़ने वाले हमारे ९ अधिकारी जेल में हैं| याद रखिये! मस्जिद, जिनको नष्ट करना हर काफ़िर का मानवाधिकार है, जहां से गैर-मुसलमान के इष्ट देवों की निंदा की जाती है और गैर-मुसलमान को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है, को नष्ट करना हर नागरिक का भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ के अंतर्गत कानूनी अधिकार है| आप के इस कानून को कोई नहीं छीन सकता| लेकिन हमारे ऊपर अपराध स्थल मस्जिदों को नष्ट करने का ही आरोप है!

याद रखिये! करों को अंततः सर्वहारा ही देता है| लेकिन ईर्ष्यावश सर्वहारा इस पेंच को नहीं जानते| वैदिक सनातन संस्कृति उपज के छठे भाग से अधिक कर को पाप कहती है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) भी है और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ भी| लेकिन दोनों ही अधूरे हैं| अभी भी अम्बानी, बजाज, बिरला, जैसे तमाम हिन्दुओं के पास सम्पत्ति और पूँजी है| लूटने के लिए आज भी सोनिया मुलायमों, उद्योगपतियों और व्यापारियों पर आश्रित है| जिन ग़रीबों की आड़ में सोनिया नागरिकों को लूटती है, उन गरीबों को उद्योगपति और व्यापारी विवश होकर लूटते हैं| फिर भी वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने में सोनिया को कठिनाई हो रही है|

जब तक वैदिक सनातन धर्म का राज्य रहा-भारत सोने की चिड़िया रहा| जब से ईसा के चेलों का साम्राज्य विस्तारवादी राज्य आया आज तक दुनियां की दासता नहीं मिटी| कारण नागरिक के सम्पत्ति के अधिकार (मनुस्मृति ८:३०८) और उपासना की स्वतंत्रता (गीता ७:२१) का छिनना है|

बचना हो तो अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग दीजिये|

इसका उपाय है एफडीआई का विरोध| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) और २९(१) का उन्मूलन| अनुच्छेद ३१ को प्रभावी बनाना| यह कार्य मात्र अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग ही कर सकते हैं| लेकिन कोई खुल कर हमारी सहायता करने की गलती न करे| हमारी गुप्त सहायता करे|

व्यक्तियों पर अभियोग चलाने से जनता को कुछ नहीं मिलेगा| भ्रष्टाचार की जड़ भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग), अनुच्छेद ३१ से मिला सम्पत्ति का मौलिक अधिकार, जिसे २०-६-१९७९ को मिटाया गया, और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ है|

इस प्रकार स्वयं मैकाले के कथनानुसार १८३५ ई० तक मैकाले को पूरे इंडिया में एक भी भिखारी या चोर नहीं मिला क्यों कि तब वैदिक सनातन धर्म आधारित राजतंत्र था| पढ़ें मुफ्त मेरी पुस्तक अजान’|

http://www.aryavrt.com/azaan

आज इंडिया में सभी चोर और भिखारी हैं| फिर भी मैकाले ने गुरुकुल नष्ट कर वह सफलता अर्जित नहीं की, जिसकी पृष्ट भूमि सोनिया तैयार कर रही है| गुवाहाटी में बार बाला के अधिकारों की रक्षा, नॉएडा में तलवार दम्पत्ति का उत्पीड़न और उज्ज्वला का दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा महिमा मण्डन वैदिक सनातन संस्कृति पर कुठाराघात है और किसी के पास यह साहस नहीं कि विरोध कर सके| क्यों कि सती रूपकुंवर मामले में ऐसा कानून बना, जिसने सती का महिमा मण्डन ही अपराध बना दिया| सती अपराधिनी हो चुकी है|

आज हमारी पूज्यनीयाएं जोधाबाई, रोशन अडवाणी, सुहासिनी हैदर हैं| सुहासिनी हैदर के पिता श्री सुब्रमणियास्वामी तो असली हिन्दू हितों के संरक्षक बन चुके हैं|

THE COMMISSION OF SATI (PREVENTION) ACT, 1987

अनुसुइया, मदालसा और पद्मिनी का अन्य रानियों के साथ जौहर अथवा बंटवारे के समय पंजाबी समाज की नारियों की आत्महत्याओं के कथानक अब महत्वहीन हो चुके हैं|

सोनिया को परेशानी यह है कि हमारा ईश्वर जारज और प्रेत नहीं है| जारज हमारे लिए अपमानजनक सम्बोधन हो सकता है, लेकिन अंग्रेजों का शासक परिवार सम्मानित जारज है| इतना ही नहीं ईसाइयों का मुक्तिदाता ईसा ही जारज है| हम वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी कुमारी माताओं को संरक्षण और सम्मान नहीं देते| हमारे इंडिया में ईसाई घरों में भी कुमारी माताएं नहीं मिलतीं| हमारी कन्याएं १३ वर्ष से भी कम आयु में बिना विवाह गर्भवती नहीं होतीं| हमारे यहाँ विद्यालयों में कन्याओं में गर्भ निरोधक गोलियाँ नहीं बांटी जाती| इससे वीर्यहीनता के प्रसार और देश के नागरिकों को बैल/भेंड़ बनाने में सोनिया को कठिनाई हो रही है|

नीचे मैं राम चरित मानस की पंक्तियाँ उद्धृत कर रहा हूँ,

अनुज बधू भगिनी सुत नारी| सुनु सठ कन्या सम ए चारी|

इन्हहिं कुदृष्टि बिलोकइ जोई| ताहि बधें कछु पाप न होई||”

राम चरित मानस, किष्किन्धाकाण्ड; ;

अर्थ: [श्री रामजी ने कहा] हे मूर्ख! सुन!! छोटे भाई की पत्नी, बहिन, पुत्रवधू और कन्या ए चारों समान हैं| इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता|

सोनिया का ईसा बुरी दृष्टि में विश्वास नहीं करता| दास व भेंड़ ईसाई को सीधे बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह करने की छूट देता है और अल्लाह मुसलमान का स्वयं पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह कराता है| धरती के किसी गैर-ईसाई नारी के बलात्कार का जेहोवाह दास और भेंड़ ईसाई को अधिकार दे चुका है (बाइबल, याशयाह १३:१६) व अल्लाह दास मुसलमान को किसी गैर-मुसलमान नारी का बलात्कार निंदनीय नहीं मानता| सोनिया के मातहत और उपकरण लोकसेवक, ईसाई व मुसलमान वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए सम्मानित भद्र पुरुष हैं! ईसाई व मुसलमान अजान द्वारा ईश्वर की ईशनिंदा कर रहे और आप की नारियों का बलात्कार कर आप को अपमानित और वीर्यहीन कर रहे हैं? क्या सोनिया का वध पाप है?

निर्णय आप के हाथों में!

वैदिक सनातन संस्कृति बनाम ईसाइयत और इस्लाम

ईसाइयत और इस्लाम में आस्था व्यक्त (दासता स्वीकार) करिये, चाहे जिस नारी का बलात्कार कीजिये. [(बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६)]  जिसकी भी चाहें सम्पत्ति लूटिये [(बाइबल, व्यवस्थाविवरण २०:१४) व (कुरान ८:१, ४१ व ६९)] और जिसे भी चाहिए अपनी तरह दास बनाइए. न बने तो कत्ल कर दीजिए. मूर्खों और दासों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग का दरवाजा सदा के लिए खुला है. {(बाइबल, उत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५)}. वहभी भारतीयसंविधान के अनुच्छेदों २९(१) व ३९(ग) और दंप्रसं कीधाराओं १९६ व १९७ केसंरक्षण में| यानी की स्वयं ईसाई व मुसलमान भी सुरक्षित नहीं|

इसके विपरीत,

मातृवत पर दारेषु, पर द्रव्येषु लोष्ट्वत|

आत्मवत सर्व भूतेषु, यः पश्यति सः पंडितः||

वैदिक सनातन संस्कृति में दूसरे स्त्री माँ है| दूसरे का धन मिटटी है| सभी प्राणियों में आप की ही आत्मा है|

न मे स्तेनो जनपदे न कर्दर्यो न मद्यपो नानाहिताग्निर्नाविद्वान्न स्वैरी स्वैरिणी कुतो

छान्दोग्योपनिषद, पंचम प्रपाठक, एकादश खंड, पांचवां श्लोक|

अर्थ: कैकेय देश के राजा अश्वपति ने कहा, “मेरे राज्य में कोई चोर नहीं है, कंजूस नहीं, शराबी नहीं, ऐसा कोई गृहस्थ नहीं है, जो बिना यज्ञ किये भोजन करता हो, न ही अविद्वान है और न ही कोई व्यभिचारी है, फिर व्यभिचारी स्त्री कैसे होगी?”

धर्मएव हतो हन्ति धर्मो रक्षति रक्षतः

तस्माद्धर्मो न हन्तब्यो मानो धर्मो ह्तोऽवधीत.

अर्थ: रक्षा किया हुआ धर्म ही रक्षा करता है, और अरक्षित धर्म मार डालता है, अतएव अरक्षित धर्म कहीं हमे न मार डाले, इसलिए बल पूर्वक धर्म की रक्षा करनी चाहिए. (मनु स्मृति ८:१५).

जो भी पन्थनिरपेक्ष है-आत्मघाती और अपराधी है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से प्राप्त अधिकार से अपने मजहब का पालन करते हुए उसकी हत्या या तो ईसाई (बाइबल, लूका १९:२७) करेगा अथवा मुसलमान (कुरान २:१९१).

वैदिक सनातन संस्कृति पर आधारित राज्य मंदिरों को संरक्षण देते थे और सोनिया मंदिरों की सम्पत्तियां और चढ़ावे लूट रही है| किसी संत के पास साहस नहीं की सोनिया का विरोध कर सके| जगतगुरु स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ और साध्वी प्रज्ञा ने विरोध किया, अतएव योगगुरु रामदेव के सहयोग से जेल में बिना अपराध यातनाएं झेल रहे हैं|

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सोनिया के पास दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं १९६ व १९७ नामक दो विशेषाधिकार हैं| इस कानून के बल पर सोनिया इंडिया के सभी लोकसेवकों का भयादोहन कर इंडिया के नागरिकों को लुटवा कर हिस्सा भी खा रही है, नागरिकों को कत्ल करवा रही है और नारियों का बलात्कार करा रही है| जिसे भी चाह रही है, सोनिया अपराधी घोषित कर दे रही है|

जो उपलब्धि इस्लाम ई० स० ७१२ से ई० स० १८३५ तक अर्जित न कर सका, उससे अधिक ईसाइयत ने मात्र ई० स० १८३५ से ई० स० १९०५ के बीच अर्जित कर लिया| सोनिया वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने की दौड़ में सबसे आगे है| मात्र ३ वर्षों की अवधि में सोनिया ने वैदिक सनातन संस्कृति की जड़ें ही नष्ट कर दी हैं| तिरुपति बालाजी व तमाम अन्य देवस्थानों की भूमि बेच डाली| मंदिरों के चढाओं को हज अनुदान और मकतबों आदि में बाँट दिया| संतों को नारी यौन शोषण के अपराध में बंदी बनवाया| जब कि बेटी से विवाह के समर्थक ईसा और पुत्रवधू से निकाह कराने वाले अल्लाह के विरुद्ध बारम्बार लिखने के बाद भी सोनिया ने कोई कार्यवाही नहीं की| बाप-बेटी, भाई-बहन और विवाह सम्बन्ध अब बेमानी हो चुके हैं| अब सोनिया टाटा, बिड़ला, अम्बानी आदि को लूटने के लिए एफडीआई लागू कर चुकी है|

अंत में:

वैदिक सनातन संस्कृति

ईसाइयत और इस्लाम के आगमन के साथ से ही बुद्धिजीवी और कलाकार इन (ईसाइयत और इस्लाम) के दुर्व्यवहार से पीड़ित हो रहे हैं|

दरअसल, हमारे बुद्धिजीवियों का मनोविज्ञान बिल्कुल दुर्व्यवहारित पत्नी, यौन दुर्व्यवहारित बच्चे या बलात्कार की शिकार के मनोविज्ञान की तरह है| दुरुपयोग पीड़ितों की प्रतिक्रिया और हमारे बुद्धिजीवियों के बीच समानताएं देखें| हिंसा ईसाइयत और इस्लाम के आगमन के बादसे झूठ का कारण है? क्या कवयित्री आसमा बिन्त मरवान से बड़ा प्रमाण हो सकता है?

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मुसलमानों के तकिय्या, "हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं|"(?) के विभिन्नता में अज्ञानी लोग भी सुर से सुर मिला कर कहते सुने जा सकते हैं, “सभी धर्म सृष्टि रचयिता ईश्वर तक पहुँचने के अलग अलग मार्ग हैं|”

हर मुसलमान यहूदी यह याद रखे कि उसको दास बनाया गया है| मूसा और मुहम्मद ने उसको लूट और हत्या करने वाला बैल बना दिया| वस्तुतः उसके मूसा और मुहम्मद नामक पैगम्बरों ने लूट और वासना का लोभ देकर उसको दास बनाने के लिए उसका खतना करा कर उसके ब्रह्म को उससे छीनने का घृणित और अक्षम्य अपराध किया है| वे तो मर गए लेकिन अपनी वरासत शासकों और पुरोहितों को सौंप गए हैं| अगर उन्होंने अब भी पैगम्बरों द्वारा गढे गए जेहोवा और अल्लाह का परित्याग नहीं किया तो मानव जाति बचेगी नहीं|

ईश्वर ने मनुष्य को वीर्य के रुप में सारी शक्ति दी है। जेहोवा और अल्लाह मनुष्य को दास बना कर लूटने के लिए मुखौटे हैं| इनका अस्तित्व ही नहीं है| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने खतना को मजहब से जोड़ दिया है| किसान के सांड की भांति दास बनने के लिए यहूदी और मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं और जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं|

अचिंत्य और अदभुत पराक्रम, आवश्यक समग्र अनुपम मानसिक शारीरिक शक्ति, प्रशंसनीय सदगुण तथा दीर्घायुष्य केवल ब्रह्मचर्य के प्रताप से ही प्राप्त किये जा सकते हैं। इसके विपरीत यदि तुम अपने जीवन की ब्रह्मचर्य रूपी नस काट डालोगे तो तुम्हारी शारीरिक-मानसिक शक्तियों की बरबादी होगी और तुम समस्त प्रकार के दुःखों एवं अधोगति के गर्त में गिर पड़ोगे। प्रो. कृष्णराव

‘‘भोग और रोग साथी है और ब्रह्मचर्य आरोग्य का मूल है।’’ महात्मा बुद्ध

सिंह जीवन में मात्र एक बार सम्भोग करता है, इसीलिए वन का सर्वाधिक शक्तिशाली जीव है| ईशा के ३३० वर्ष पूर्व यूनानियों की सत्ता को निर्मूल करने वाले चाणक्य ने विवाह नहीं किया था|

चीन के युद्ध विशेषज्ञ ­­सन चू ने कहा है शत्रु की रणनीति जानो और बिना युद्ध लड़े ही शत्रु को शक्तिहीन और पराजित कर वश में कर लेना सर्वोत्तम है|  ब्रिटिश उपनिवेश इंडिया, जो भारत है, का हर लोकसेवक बिना लड़े ही वीर्यहीन, पराजित दास हो कर अपने ही सर्वनाश का उपकरण बन गया है| लोकसेवक अपनी सन्ततियों और वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए नियुक्त किये गए हैं| पराधीन लोकसेवक बेबस हैं|

वैदिक सनातन धर्म यानी सनातन धर्म किसी भी अन्य धर्म के लिए कोई निहित दुश्मनी के बिना एक ऐसी संस्कृति है. जो केवल वसुधैव कुटुम्बकम के बारे में बात करती है. इसके आचार, मूल्य और नैतिकता सांप्रदायिक नहीं - सार्वभौमिक हैं| वे पूरी मानव जाति के लिए हर समय लागू हैं| इसका दर्शन मलेशिया, इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, म्यांमार, जापान, चीन, अफगानिस्तान और कोरिया में फैल गया था| एक बार अमेरिका में चीन के राजदूत ने कहा, “भारत एक भी सिपाही बाहर भेजे बिना तमाम देशों पर विजय प्राप्त करने वाला दुनिया में एकमात्र देश है"

धृतराष्ट्र के न्यायपालिका ने जुए में हारने के बाद पांडवों को निर्णय दिया था कि दास के अधिकार नहीं होते|

खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो लिखते हैं कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (अधीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने, किसान के सांड की भांति, यहूदियों व मुसलमानों को दास बनाने के लिए खतना को मजहब से जोड़ दिया है| यहूदी और मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं और जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं|

पूरा विवरण देखें:- http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

इतना ही नहीँ, मुसलमान स्वेच्छा से अपनी कब्र खोद रहे है। इस्लाम अपने अनुयायियों का ही शत्रु है। मुसलमानों को खतना द्वारा वीर्यहीन कर बैल की भांति दास बनाता है| इस्लाम का अल्लाह अपने अनुयायी मुसलमानों से वादे जन्नत की करता है, लेकिन १४०० से अधिक वर्षो से मुसलमानों को कब्र में सड़ा रहा है और आगे कयामत तक सड़ाएगा। मुसलमानों को पहले मुहम्मद ने मूर्ख बनाया| अब शासक और मौलवी मूर्ख बना रहे हैं| मुसलमान यह न भूलें कि ईसाई भी वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए उनका दोहन कर रहे हैं|

यहूदी या मुसलमान किसको पसंद करेंगे?

महामूर्ख यहूदी (बाइबल, उत्पत्ति :१७) या मुसलमान (कुरान :३५) किसको पसंद करेंगे? ईश्वर को, जो उस के रग रग में सदा उस के साथ है, या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो सातवें आसमान पर बैठा है और अपने अनुयायियों से मिल ही नहीं सकता? ईश्वर को, जो उस को आरोग्य, ओज, तेज, सिद्धि, निधि और स्मृति का स्वामी बनाता है या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उसका खतना करा कर दास बनाता है? ईश्वर को, जो उस को किसी भी देवता के उपासना की स्वतंत्रता देता है अथवा जेहोवा अथवा अल्लाह को, उस के उपासना की स्वतंत्रता छीनता है?

यहाँ विश्वामित्र और मेनका का प्रसंग प्रासंगिक है| वीर्यवान को पराजित नहीं किया जा सकता और न अधीन ही किया जा सकता है| मनुष्य की छोड़िये, वीर्यवान सांड़ को भी अधीन नहीं किया जा सकता| इंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग किया| मूसा और मुहम्मद ने तो इंद्र की भांति धरती की सभी नारियां मुसलमानों और ईसाइयों को सौंप रखी हैं| (बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६). इतना ही नहीं ईसा ने बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस ७:३६) से विवाह की छूट दी है मुहम्मद ने पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह किया| किसान को सांड़ को दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करना पड़ता है, लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी और मुसलमान धर्म की आड़ में स्वेच्छा से गाजे बाजे के साथ वीर्यहीन बनने के लिए खतना कराते हैं| ईसाइयों का ईसा स्वयं जारज(जार्ज) है और उस ने प्रत्येक ईसाई परिवार को वैश्यालय बना दिया है| कुमारी माताएं प्रायः प्रत्येक ईसाई घरों में मिलती हैं| इंद्र की भांति सोनिया दास बनाने के लिए व्यभिचार को राज्यपालों व जजों द्वारा संरक्षण दिला रही है|

लेकिन देश की सत्ता के शिखर पर कैथोलिक ईसाई सोनिया भी है और मुसलमान हामिद भी! दोनों के भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से रक्षित, पोषित और प्रोत्साहित हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह  अल अनफाल :३९). वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है| जब वैदिक सनातन संस्कृति मिट जाएगी तो अर्मगेद्दन के लिए ईसा इस्लाम को भी मिटा देगा|

राणाप्रताप को घास की रोटियां खानी पड़ीं और पांडवों को भीख मांगना पड़ा| फिर भी वे सभी हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोगों इतना पीड़ित नहीं थे| किसी के पास सोनिया कुछ भी नहीं छोड़ेगी| जिसके पास भी लक्ष्मी है, उसे धर्म रक्षार्थ व्यय करें| क्यों की लोकोक्ति है,

लक्ष्मी के हैं चार सुत, धर्म, अग्नि, नृप, चोर.

जेठे का निरादर करो, शेष करें भंड़ फोड़.

यदि एफडीआई आएगी तो मुलायम के साथ मायावती जेल जाएगी|

हम जगतगुरु स्वामी अमृतानंद देवतीर्थ के निर्देशन में धर्म के लिए लड़ रहे हैं| यदि आप धर्म रक्षार्थ अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार का सहयोग नहीं करेंगे तो संवैधानिक अधिकार से आप का धन सोनिया लूट लेगी|

दंड का अधिकार राज्य को होता है| जो सोनिया को दंडित कराना और वैदिक सनातन धर्म की रक्षा चाहता हो, आर्यावर्त सरकार को सहयोग दे|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी फोन +९१ ९१५२५७९०४१/९८६८३२४०२५

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