Dalit Hindi

दलित

दलितों के जनक कौन?

वैदिक राज्यों में दलित और भिखारी नहीं होते थे| दलितों के जनक ईसाई और इस्लामी शासक हैं| इसलिए, इंडिया के दलितों को ईसाइयत और इस्लाम को खदेड़ देना चाहिए अन्यथा ये आतताई दलितों को उसी प्रकार निगल जायेंगे, जैसे ईसाई अमेरिका के लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गये|

सच तो यह है कि इंडिया का प्रत्येक नागरिक दलित है, लेकिन वह स्वयं को दलित मानने के लिए तैयार नहीं है|

यदि दलितों को विश्वास न हो तो आगे पढ़ें:-

जड़ (निर्जीव) और चेतन परमाणु उर्जा

जिसे आज के वैज्ञानिक परमाणु कहते हैं| उसे हमारे ही नहीं – ईसाइयों व मुसलमानों के  पूर्वज भी ब्रह्म कहते थे| आज का परमाणु ऊर्जा विज्ञान निर्जीव परमाणु ऊर्जा विज्ञान है| जब कि हमारे पूर्वजों का विज्ञान जैविक परमाणुओं के भेदन पर आधारित था| हमारा ज्ञान और विज्ञान आज के जड़ परमाणु उर्जा के ज्ञान से अत्यधिक विकसित था| आज की परमाणु उर्जा जड़ परमाणुओं के भेदन पर आश्रित है| लेकिन महाभारत काल में अश्वस्थामा के ब्रह्मास्त्र के संधान और लक्ष्य भेदन के प्रकरण से स्पष्ट होता है कि ब्रह्मास्त्र स्वचालित नहीं थे| एक बार छोड़ देने के बाद भी उनकी दिशा और लक्ष्य भेदन को नियंत्रित किया जा सकता था| इतना ही नहीं लक्ष्य पर वार कर ब्रह्मास्त्र छोड़ने वाले के पास वापस भी आ जाते थे| उनके मलबों को ठिकाने लगाने की समस्या नहीं थी| विकिरण से जीवन को होने वाली हानि की समस्या नहीं थी| विद्या मात्र ब्रह्मविद्या है और ज्ञान मात्र ब्रह्मज्ञान| ब्रह्म प्रत्येक जीव को बिना भेद-भाव वीर्य के रूप में चेतन परमाणु देता है| वीर्यरक्षा के बिना ब्रह्मज्ञान सम्भव नहीं| ईश्वर ने सारा ज्ञान ब्रह्मकमल में दे रखा है| ब्रह्म ज्ञान की शिक्षा गुरुकुलों में निःशुल्क दी जाती थी| मल ही बल है और वीर्य ही जीवन| वीर्य अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का दाता, स्वतंत्रता, परमानंद, ओज, तेज और स्मृति का जनक है| वीर्य ईश्वरीय उर्जा का अनंत स्रोत है| हर वीर्यहीन व्यक्ति दलित है| गुरुकुलों को मैकाले ने मिटा कर मानव मात्र को दलित बन दिया| आर्यावर्त सरकार गुरुकुलों और गौ संवर्धन को पुनर्स्थापित करेगी| क्या आप मानवता के हित में गुरुकुलों को पुनर्स्थापित करने में हमारी सहायता करेंगे?

भारतीय संविधान की शपथ लेने वाले वैदिक सनातन धर्म और मानव जाति की रक्षा नहीं कर सकते| क्या आप दास संस्कृतियों ईसाइयत और इस्लाम को मिटाने में अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार को सहयोग देंगे?

वीर्यवान सांड को बांधा भी नहीं जा सकता| दास (बैल) बनानेकेलिए किसान सांड़को वीर्यहीन करदेताहै| वीर्यहीन होते ही वह बैल बन कर किसान के लिए अन्न पैदा करता है, जिसे किसान स्वयं खा जाता है और बैल को भूसा खिलाता है| दास बनानेहेतु पैगम्बरोंने बलात्कार, खतना कुमारी मरियम को मजहबसे जोड़दिया|

यहाँ विश्वामित्र और मेनका की कथा प्रासंगिक है| वीर्यवान को पराजित नहीं किया जा सकता और न अधीन ही किया जा सकता है| इंद्र ने वीर्यवान विश्वामित्र को पराजित करने के लिए मेनका का उपयोग किया| किसान दास बना कर खेती के योग्य बैल बनाने के लिए सांड़ का बंध्याकरण करता है| किसान को सांड़ को वीर्यहीन करना पड़ता है, लेकिन लूट और यौनाचार के लोभ में यहूदी और मुसलमान धर्म की आड़ में स्वेच्छा से वीर्यहीन बनने के लिए खतना कराते हैं| ईसाई का ईसा तो स्वयं जारज है| कुमारी माताएं प्रायः प्रत्येक घर में मिलती हैं| इंद्र की भांति सोनिया दास बनाने के लिए व्यभिचार को राज्यपालों  द्वारा संरक्षण दिला रही है|

शासक, समाजवाद, ईसाइयत और इस्लाम यहूदी और मुसलमान का खतना अथवा यौन शिक्षा अथवा मुक्त यौन सम्बन्ध की आजादी के बहाने आप को वीर्य हीन बना कर दास बना रहे हैं व ईसाई को भेंड़ बना रहे हैं| प्रजा तंत्र के ठग आप की नसबंदी कराते हैं| दैवी शक्तियाँ, परमानन्द और निरोग जीवन चाहिए तो गुरुकुलों को पुनर्जीवित करिये|

ईसाई दलितों को मिटाना चाहते हैं| दलित सावधान हो जाएँ|

ध्यान देने वाली बात यह है कि इंडिया पर सन ७१२ में मुहम्मद इब्न कासिम का पहला आक्रमण हुआ था| स्वयं मैकाले के कथनानुसार सन ७१२ से १८३५ तक इंडिया लुटता रहा और नारियों का बलात्कार होता रहा| लेकिन गुरुकुलों के कारण हमारा चरित्र बना रहा| चरित्र रक्षा के कारण इंडिया में मैकाले को एक भी चोर या भिखारी/दलित नहीं मिला|

लूट और नारी बलात्कार के प्रलोभन पर ही तो ईसाइयत और इस्लाम का अस्तित्व है|

चरित्र के ईसाइयत और इस्लामी मापदंड

ईसाइयत और इस्लाम में आस्था व्यक्त (दासता स्वीकार) करिये, इंडिया को ईसा का राज्य बनाइए| (बाइबल, लूका १९:२७). दार-उल-हर्ब इंडिया को दार-उल-इस्लाम बनाइए| (कुरान, सूरह अल अनफाल ८:३९). चाहे जिस नारी का बलात्कार कीजिये| [(बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६)]  जिसकी भी चाहें सम्पत्ति लूटिये [(बाइबल, व्यवस्थाविवरण २०:१४) व (कुरान ८:१, ४१ व ६९)] और जिसे भी चाहिए अपनी तरह दास बनाइए| न बने तो कत्ल कर दीजिए| मूर्खों और दासों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग का दरवाजा सदा के लिए खुला है| {(बाइबल, उत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५)}. वहभी भारतीयसंविधान के अनुच्छेदों २९(१) व ३९(ग) और दंप्रसं की धाराओं १९६ व १९७ के संरक्षण में|

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स्पष्टतः अंग्रेजों की कांग्रेस द्वारा संकलित भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६ की असाधारण सामरिक योजना ने वैदिक सनातन संस्कृति के समूल नाश में अभूतपूर्व बड़ी सफलता प्राप्त की है| जहाँ भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) ईसाइत और इस्लाम के सभी मिशन और जिहाद को, वैदिक सनातन संस्कृति के विरुद्ध आक्रमण को संरक्षणपोषण व संवर्धन देता है, वहीं राष्ट्रपति और राज्यपाल की नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेदों ६० व १५९ के अधीन भारतीय संविधान और कानूनों के संरक्षणपोषण व संवर्धन के शपथ लेने के बाद होती है| दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६, जिसका नियंत्रण राष्ट्रपति और राज्यपाल के पास सुरक्षित है, वैदिक सनातन संस्कृति के रक्षार्थ किये गये किसी भी विरोध को बड़ी चतुराई से निष्क्रिय कर देती है| ईसाई और मुसलमान को तो उनके मजहब ही वीर्यहीन कर शासक के वश में कर चुके हैं, हम वैदिक सनातन संस्कृति के अनुयायियों को शासक एन केन प्रकारेण वीर्यहीन कर वश में कर रहे हैं|

फिल्म इतिहासकारों के ऐतिहासिक प्रमाण से स्पष्ट है कि आज से मात्र १०० वर्ष पूर्व दादा साहेब फाल्के को वेश्याओं ने भी फिल्मों में काम करने से मना कर दिया था| लेकिन आज फिल्मों में काम करने वाली तमाम नारियां सम्माननीय सांसद और मुख्यमंत्री हैं| नारायण दत्त तिवारी बनाम उज्ज्वला व आरुषी बनाम नूपुर तलवार न्यायिक परीक्षण, गौहाटी के बार बाला को संरक्षण आदि आने वाले समाज को चेतावनी है कि हमें अपनी बेटियां नौकरों और लव जेहादियों को सौंप देनी पड़ेगी| हमें चरित्रहीनता में ईसाइयों को पीछे छोड़ देना पड़ेगा| शीघ्र ही बाप बेटी के यौन सम्बन्ध को अनैतिक नहीं माना जायेगा| कुमारी माएं हमारे घरों को शोभायमान करेंगी! सहजीवन, समलैंगिक सम्बन्ध और भाई बहन के विवाह को तो न्यायपालिका ही कानूनी मान्यता दे चुकी है| आप की कन्या को बिना विवाह बच्चे पैदा करने के अधिकार का कानून संयुक्त राष्ट्र संघ पहले ही बना चुका है| [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा| अनुच्छेद २५(२)]. विवाह या बिना विवाह सभी जच्चे-बच्चे को समान सामाजिक सुरक्षा प्रदान होगी|”] जज शीघ्र ही कुमारी माताओं को इनाम देने का आदेश पारित करेंगे| यौन शिक्षा का कानून भी बन चुका है|

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भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से अधिकार प्राप्त कर, (यह अनुच्छेद दोनों को पूजा स्थल तोड़ने, हत्या, लूट, धर्मान्तरण और नारी बलात्कार का असीमित मौलिक अधिकार देता है) ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं| मंदिर तोड़ रहे हैं| मन्दिरों के चढ़ावों को लूट रहे हैं| किसी नागरिक के पास सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार नहीं है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग).

वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरान, सूरह अल-अम्बिया २१:५८). (बाइबल, व्यवस्था विवरण १२:१-३)].

नेताओं, सुधारकों, संतों, मीडिया, इस्लामी मौलवियों, मिशनरी और लोकसेवकों द्वारा जानबूझ कर मानवता को धोखा दिया जा रहा हैं| सच छुपा नहीं है, न ही इसे जानना मुश्किल है| मानव उन्मूलन की कीमत पर आतंकित और असहाय मीडिया जानबूझकर अनभिज्ञ बनी हुई है| मुसलमानों और ईसाइयों द्वारा तब तक जिहाद और मिशन जारी रहेगा, जब तक हम उनके साधन और प्रेरणास्रोत को नष्ट न कर दें| उनके साधन पेट्रो डालर और मिशनरी फंड और प्रेरणास्रोत कुरान (कुरान ८:३९) और बाइबल (बाइबल, लूका १९:२७) है|

स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है| जब वैदिक सनातन संस्कृति मिट जाएगी तो अर्मगेद्दन के लिए ईसा इस्लाम को भी मिटा देगा|

आज से २०१४ वर्ष पूर्व ईसाइयत नहीं थी और न १४३५ वर्ष पूर्व इस्लाम था। किसी भी मुसलमान व ईसाई को यह भी नहीं मालूम कि उनके पूर्वज कौन थे? उनका मूल धर्म क्या था? जिस प्रकार आज वे आतंक, लूट व वासना के लोभ में शासकों व पुरोहितों के दास बने हुए हैं, उसी प्रकार उनके पूर्वजों को भी अपना मूल धर्म छोड़ना पड़ा था। इसके अतिरिक्त इन आतताई संस्कृतियों ने उन्हें वीर्यहीन करने का जघन्य अपराध किया है| क्या मुसलमान व ईसाई इस्लाम व ईसाइयत से अपने पूर्वजों का और उनको वीर्यहीन करने का बदला लेना नहीं चाहेंगे, ताकि मानव जाति को बचाया जा सके? सम्पादक.

 

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AyodhyaP Tripathi,
Jun 16, 2013, 11:07 PM
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