ChunavAyog se Savdhan

चुनावआयोग से सावधान


राज्य के स्थापना का उद्देश्य प्रजा के जान-माल की रक्षा करना है. गणतन्त्र अपने उद्देश्य की पूर्ति में विफल है| अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार गणतंत्र का उन्मूलन करेगी|

मै एक सनातनी ब्राह्मण हूँ. अल्लाह की पूजा नहीं करता और न ईसा को अपना राजा स्वीकार करता हूँ| अतः सोनिया ने मेरी सारी सम्पत्ति लूट ली है| मेरे १० अधिकारी जेल में हैं|

अंग्रेजों की कांग्रेस का संकलित घातक भारतीय संविधान, जिसकी चुनाव आयोग प्रत्याशियों को शपथ दिलवा रहा है, उन तथाकथित अल्पसंख्यक(?) ईसाइयत और इस्लाम का संरक्षक है, {भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)} जिन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ kiiकी, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| कौन नहीं जानता कि दोनों ही विश्व की सर्वाधिक आबादी और दूसरी सर्वाधिक आबादी हैं| ईसाई व मुसलमान दोनों ही जेहोवा और अल्लाह के दास हैं| मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं. वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो." (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना) बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये." (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). स्पष्टतः वैदिकसनातनधर्म मिटाना दोनोंका घोषितकार्यक्रम है. चुनावआयोग दोनों का सहायक है| प्रमाण भारतीय संविधान में ही उपलब्ध है, १९५० से आज तक किसी ने भारतीय संविधान व दंप्रसंकीधाराओं १९६ व १९७ का विरोध नहीं किया| इन्हें नीचे उद्धृत कर रहा हूँ:-

"३९(ग)- आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेन्द्रण न हो;" भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग).

१९७. न्यायाधीशों और लोकसेवकों का अभियोजन- (१) जब किसी व्यक्ति पर, जो न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट या ऐसा लोकसेवक है या था जिसे सरकार द्वारा या उसकी मंजूरी से ही उसके पद से हटाया जा सकेगा, अन्यथा नहीं, किसी ऐसे अपराध का अभियोग है जिसके बारे में यह अभिकथित हो कि वह उसके द्वारा तब किया गया था जब वह अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में कार्य कर रहा था या जब उसका ऐसे कार्य करना तात्पर्यित था, तब कोई भी न्यायालय ऐसे अपराध का संज्ञान - ... सरकार की पूर्व मंजूरी से ही करेगा, अन्यथा नहीं; ...

संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) के अनुसार नागरिक की स्थिति किसान के बैल की रह गई है| एफडीआई तो देश के हित में है, लेकिन नागरिक के पास सम्पत्ति और पूँजी रखने का अधिकार देश हित में नहीं! दंप्रसं की धारा १९७ के अनुसार नागरिक की सम्पत्ति और पूँजी लूटना तब तक अपराध नहीं है, जब तक सोनिया को उसका हिस्सा मिले. अपराध वह तभी माना जा रहा है, जब सोनिया चाहती है| यह कैसा लोकतंत्र है? क्या मीडिया बताएगी? मेरा आरोप है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ने वाले योगगुरू, अन्ना, पूर्व केंद्रीयमंत्री डा० सुब्रमण्यम स्वामी और श्री श्री रविशंकर सभी सोनिया द्वारा पोषित अथवा भयादोहित अपराधी हैं| जिन्हें लोकसेवकों के भ्रष्टाचार तो दिखाई देते हैं, लेकिन संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) का भ्रष्टाचार दिखाई ही नहीं देता!

इस प्रकार नागरिक के पास न जीने का अधिकार है और न सम्पत्ति व पूँजी रखने का| चुनावआयोग लुटेरे भारतीय संविधान का संरक्षण कर रहा है| चुनाव का बहिष्कार कीजिए|

क्या मै जान सकता हूँ कि क्यों मधु कोड़ा, नरेन्द्र मोदी और येदियुरप्पा को सोनिया के रोम राज्य ने अपराधी माना है, लेकिन मायावती को अपराधी नहीं मान रही है? क्या आप को नहीं लगता स्वयं भारतीय संविधान ही निकृष्टतम भ्रष्टाचारी है? और दंप्रसं की धारा १९७ सोनिया को एकाधिकार देती है कि वह जिसे चाहे उसे जेल में ठूस दे?

बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी धूर्तों अथवा मूर्खों का दल है| अगर इनमे एक भी सचरित्र, बुद्धिमान व वैदिक सनातन धर्म प्रेमी होता तो काले कानूनों संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) व दंप्रसं की धारा १९७ के उन्मूलन के लिए आंदोलन करता| ज्ञातब्य है कि मुलायम व मायावती को सोनिया ने अपने मातहत राज्यपाल महामहिम बनवारी से दंप्रसं की धारा १९७ के अधीन संरक्षण दिलवाया हुआ है और लूट में हिस्सा खा रही है| बेटा राहुल गाँधी उर्फ राउल विन्ची प्रदेश में घूम घूम कर प्रदेश को स्वर्ग बनाने के वादे कर रहा है| अगर मुलायम व मायावती को दंप्रसं की धारा १९७ के अधीन महामहिम राज्यपाल द्वारा दिया गया संरक्षण आज वापस हो जाये तो वे दोनों (मुलायम व मायावती) सीबीआई द्वारा जेल भेज दिए जायेंगे| सोनिया व राहुल नंगे हो जायेंगे| उप्र भाजपा की मुट्ठी में आ जायेगा|

अगर भारतीय जनता पार्टी वैदिक सनातन धर्म का इतना भला भी नहीं कर सकती, तो देश व वैदिक सनातन धर्म की शत्रु है और जनता इन धूर्त पार्टियों व इनके रोम राज्य को समुद्र में डुबो दे| अन्यथा मानव जाति ही डायनासोर की भांति मिट जायेगी|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

 

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AyodhyaP Tripathi,
Jan 28, 2012, 8:37 PM
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