Censor of SocialWebsites

 

सोसलवेबसाइटपर जजका प्रतिबंध

Delete anti-religious posts: Court to networking sites

HT Correspondent, Hindustan Times
New Delhi, December 24, 2011

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First Published: 12:13 IST(24/12/2011)
Last Updated: 01:53 IST(25/12/2011)


A worker at Google in Shanghai walks near their reception desk in their Shanghai. Google Inc may pull out of China because of censorship and cyber attacks on rights activists.

A Delhi Court on Saturday ordered 22 social networking sites, including Facebook, Google, Yahoo and Microsoft, to remove all "anti-religious" or "anti-social" contents in the next one-and-a-half-month and file compliance reports by February 6, 2012. Additional Civil Judge Mukesh Kumar

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passed the order on a suit filed by Mufti Aijaz Arshad Qasmi seeking to restrain the websites from circulating objectionable and defamatory contents.

Kumar had on December 20 issued summonses to the social networking sites and asked them to remove objectionable photographs, videos or texts that might hurt religious sentiments.

The order comes a day after a criminal court issued summonses to the sites for facing trial for allegedly webcasting objectionable contents. The court had also directed the Centre to take "immediate appropriate steps" and file a report by January 13.

http://www.hindustantimes.com/Images/HTEditImages/Images/25-12-pg8c.jpgRepresentatives of Yahoo India Pvt Ltd and Microsoft on Saturday told the court that they had not got copies of the order and complaint against them and pleaded the judge to provide the same. Qasmi's counsel told the court that he would supply the relevant documents to them.

Monitoring contents on the Internet, particularly those generated by users, has been a controversial issue and IT minister Kapil Sibal had recently raised the issue with representatives of some of these companies and discussed ways to ensure such contents are not posted.

The websites - asked to remove objectionable contents - include Facebook India, Facebook, Google India Pvt Ltd, Google Orkut, Youtube, Blogspot, Microsoft India Pvt Ltd, Microsoft, Zombie Time, Exboii, Boardreader, IMC India, My Lot, Shyni Blog and Topix.

A Google spokesperson told HT: "We comply with valid court orders wherever possible, consistent with our long standing policy. We're yet to receive the details of this order and can't comment on this specific case."

Yahoo, Microsoft and Facebook could not be reached for comments.

 

6 फरवरी तक हटाने होंगे आपत्तिजनक कंटेंट

25 Dec 2011, 0745 hrs IST,नवभारत टाइम्स  

आर्टिकल

प्रमुख संवाददाता 
नई दिल्ली॥ फेसबुक, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट सहित 22 सोशल नेटवर्किंग साइटों को मोहलत देते हुए दिल्ली की अदालत ने इन्हें आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए 6 फरवरी तक का वक्त दिया है। अडिशनल सिविल जज ने 20 दिसंबर को अपने आदेश में सोशल नेटवर्किंग साइट्स को नोटिस जारी किए थे। अदालत ने इन्हें अपने आदेश के पालन के लिए डेढ़ महीने का वक्त दिया था। 

मामले की सुनवाई के दौरान 22 साइटों में से दो के प्रतिनिधि अदालत में पेश हुए और उन्होंने कहा कि हमें शिकायत की कॉपी नहीं मिली है। इस दौरान शिकायती के वकील संतोष पांडेय ने अदालत को बताया कि वह शिकायत की कॉपी संबंधित पक्षों को उपलब्ध करा देंगे। पांडेय ने मीडिया को बताया कि नेटवर्किंग साइटों को 6 फरवरी तक अदालत के आदेश का पालन कर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। उन्हें बताना होगा कि अदालत के आदेश के अनुसार आपत्तिजनक और नकारात्मक सामग्री को हटाने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं।

सिविल कोर्ट में इस मामले में शिकायत की गई थी, जिसके बाद 20 दिसंबर को अदालत ने 22 नेटवर्किंग साइटों को धर्म विरोधी और समाज विरोधी या असामाजिक सामग्री को वेबसाइट पर दिखाने से मना किया था। कोर्ट ने कहा था कि इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है।

अदालत का यह आदेश ऐसे वक्त आया है जब इंटरनेट पर मौजूद आपत्तिजनक सामग्री का मामला गरमाया हुआ है। टेलिकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने हाल ही में सोशल नेटवर्किंग साइटों की स्क्रीनिंग तक की बात कही थी। हालांकि बाद में उन्होंने इससे इनकार किया था।

सावधान ६ फरवरी २०१२ आ रही है|

 

हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के सदस्य वेब साइटों के आपत्ति जनक सामग्रियों के प्रकाशन पर प्रतिबन्ध का स्वागत करते हैं और मांग करते हैं कि मस्जिद व अजान बंद की जाये| कुरान पर प्रतिबंध लगाया जाये|

क्यों कि काबा आर्यों का ज्योतिर्लिंग है, अजान ईशनिन्दा है, मस्जिदसेनावास हैं व कुरान सारी दुनिया में फुंक रही है.

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी 


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