Bhrshtachar ke janak

भ्रष्टाचार के जनक

http://in.jagran.yahoo.com/news/national/crime/NRHM-scam-FIR-6-official-death_5_18_8908470.html

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उप्र में हत्याएं संविधानकेअनुच्छेद ३९(ग) और दंप्रसंकीधारा१९७ से प्रायोजित हैं|

भारतीयसंविधानका संकलन एक धोखा है| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| {भारतीय संविधान का अनुच्छेद ६(ब)(||)} और राष्ट्रकुल का एक सदस्य भी|

जिसने भारतीय संविधान में निष्ठा की शपथ ली है, मानवता का शत्रु है.

इंडिया में जनतंत्र नहीं सोनिया केलिए, सोनिया द्वारा चुनागया सोनियातंत्र है| सरकार का मतलब सोनिया है| सर्वविदित है कि प्रेसिडेंट प्रतिभा का मनोनयन सोनिया ने किया| प्रधानमंत्री, सभी राज्यपाल व सभी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्य मंत्री सोनिया द्वारा मनोनीत हैं. भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के बल पर लोकसेवक नागरिकों को लूट रहे हैं| नागरिक, पुलिस अथवा जज लोकसेवक पर तभी कार्यवाही कर सकते हैं, जब सोनिया या उसके मनोनीत प्रेसिडेंट या राज्यपाल अनुमति दें| यानी आज जनता को लूटने का एकाधिकार सोनिया के पास है| मीडिया को इन काले कानूनों से परहेज नहीं है| मीडियाकर्मी जनताको इनकालेकानूनों से बचना - बचाना भी नहीं चाहते| मीडिया कर्मी सोनिया के इस एकाधिकार को छिपाने का अपराध करते हैं|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) ने नागरिकों से जीवन और अनुच्छेद ३९(ग) ने सम्पत्ति रखने का अधिकार २६ जनवरी, १९५० से ही छीन लिया है. चुनाव धोखा है| वोट द्वारा भी नागरिक अ० २९(१) व ३९(ग) को नहीं बदल सकते. स्वयं लोकसभा व सर्वोच्च न्यायलय भी कुछ नहीं कर सकती.

http://www.aryavrt.com/chunavayog-se-savdhan

भारतीय संविधान ने राज्यपालों व लोकसेवकों की पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है| दया के पात्र मीडिया कर्मियों, विधायकों, सांसदों, जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास भारतीय संविधान ने नागरिकों को लूटने के अतिरिक्त {भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग)} कोई विकल्प नहीं छोड़ा है. वर्तमान परिस्थितियों में दंप्रसंकीधारा१९७ के अधीन सोनिया द्वारा सबका भयादोहन हो रहा है| लोक सेवक लूटें तो जेल जाएँ और न लूटें तो जेल जाएँ| या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें. इनके अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है| ऐसे भारतीय संविधान को रद्दी की टोकरी में डालना अपरिहार्य है| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रखने वाले भारतीय संविधान को रद्द करने की मुहिम में लगे हैं| सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही प्रत्येक नागरिक ईसा की भेंड़ है. अगर आप जीवित रहना चाहते हैं, तो आप के पास लोकतंत्र, इस्लाम और ईसाई मजहब को समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. सुभास की भांति मै आप से खून नहीं मांगता, मात्र भारतीय संविधान को मिटाने के लिए हर प्रकार का सहयोग चाहता हूँ|

भारतीय संविधान, जिसके अनुच्छेद ३९(ग) के संरक्षण, संवर्धन व पोषण की राज्यपालों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन शपथ ले कर, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ द्वारा जो राज्यपाल भ्रष्ट लोक सेवकों को संरक्षण देने के लिए विवश हैं और जजों ने भी जिस अनुच्छेद ३९(ग) को बनाये रखने की शपथ ली है, (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८), से निकृष्ट भ्रष्टाचारी कौन हो सकता है?

कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन ईसाइयत और इस्लाम को उनकी हत्या, लूट और बलात्कार की संस्कृतियों को बनाये रखने का मौलिक अधिकार दे कर इंडिया में रोका है, {भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१)}, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से अधिकार प्राप्त कर ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं. वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो." (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना)  बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये." (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है.

कोंग्रेस प्रेसिडेंट राहुल की माँ सोनिया मायावती व मुलायम को दंप्रसं की धारा १९७ के अधीन संरक्षण दिला कर लूट में हिस्सा खा रही है और बेटा उप्र को स्वर्ग बनाने की बात कर रहा है| सोनिया का मनोनीत राज्यपाल बनवारी मायावती व मुलायम को दंप्रसं की धारा १९७ में दिया गया संरक्षण आज ही वापस ले लें तो दोनों जेल में सड़ जायेंगे| तीन किले तो यूं ही धरासाई हो जायेंगे| बाकी बची भाजपा, तो स्वयं अपनों से ही डरी सहमी है| मायावती वैसे भी भाजपाइयों की बहन है| फिर मायावती को जेल भेजने के लिए भाजपा आंदोलन तो कर नहीं सकती|

मनुष्य निर्मित मजहबों को अपराधों के साथ घालमेल कर और स्वयं को शैतानों जेहोवा और अल्लाह का मध्यस्थ बताने वाले धूर्त पैगम्बरों को जजों ने पूज्य बना रखा है. (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). सदाबहार झूठे, देश हत्यारे पाकपिता गाँधी को बाप बना रखा है. हजारों निरपराध नागरिकों की प्रतिदिन हत्याएं, लूट व नारियों का बलात्कार ईमाम, पुरोहित व शासक से धन येंठ कर मीडिया के इस उद्घोषणा के साथ जारी है कि ईसाइयत और इस्लाम शांति और प्रेम के मजहब हैं. कुरान गैर-मुसलमान को अपराधी मानता है और बाइबल गैर-ईसाई को. किसी को इस बात की लज्जा नहीं है कि उसका शासक व पैगम्बर खूनी, शांति का शत्रु, लुटेरा व नारियों के बलात्कार का समर्थक है. आर्थिक ठगिनी प्रतिभा और जेसुइट सोनिया उर्फ एंटोनिया माइनो सत्ता के शिखर पर बैठी हैं. हद तो यहाँ तक आ पहुंची है कि किसी को भी कुरान व बाइबल के सम्बन्ध में प्रश्न पूछने का अधिकार न इस्लाम (कुरान ५:१०१-१०२) व ईसाइयत देते हैं, न लोकतंत्र (दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९६) और न न्यायपालिका (एआईआर, कलकत्ता, १९८५,  प१०४). जो सबके गरिमा का हनन करते हैं, उन ईमामों के गरिमा और जीविका की रक्षा के लिए, भारतीय संविधान के अनुच्छेद २७ का उल्लंघन कर वेतन देने का आदेश न्यायपालिका ने ही पारित किया है. (एआईआर, एससी, १९९३, प० २०८६) यानी अजान प्रायोजित व संरक्षित है. मै आप लोगों की आत्मघाती विवशता में मानव जाति का विनाश देख रहा हूँ.

ईसाइयत और इस्लाम में आस्था व्यक्त (दासता स्वीकार) करिये, चाहे जिस नारी का बलात्कार कीजिये. [(बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६)]  जिसकी भी चाहें सम्पत्ति लूटिये [(बाइबल, व्यवस्थाविवरण २०:१४) व (कुरान ८:१, ४१ व ६९)] और जिसे भी चाहिए अपनी तरह दास बनाइए. न बने तो कत्ल कर दीजिए. मूर्खों और दासों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग का दरवाजा सदा के लिए खुला है. {(बाइबल, उत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५)}. वहभी भारतीयसंविधान के अनुच्छेदों २९(१) व ३९(ग) और दंप्रसं कीधाराओं १९६ व १९७ केसंरक्षण में|

अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

 

 

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