beti se dushkarm

बेटी से दुष्कर्म

हम बेटी से दुष्कर्म में फ्रांसीसी राजनयिक पास्कल माजुरियर के गिरफ्तारी का स्वागत करते हुए सोनिया सरकार से मांग करते हैं कि ईसाइयत और इस्लाम को समूल नष्ट किया जाये|

हमारा ईश्वर जारज और प्रेत नहीं है| जारज हमारे लिए अपमानजनक सम्बोधन हो सकता है, लेकिन अंग्रेजों का शासक परिवार सम्मानित जारज है| इतना ही नहीं ईसाइयों का मुक्तिदाता ईसा ही जारज है| हम वैदिक सनातन धर्म के अनुयायी कुमारी माताओं को संरक्षण और सम्मान नहीं देते| हमारे इंडिया में ईसाई घरों में भी कुमारी माताएं नहीं मिलतीं| हमारी कन्याएं १३ वर्ष से भी कम आयु में बिना विवाह गर्भवती नहीं होतीं| हमारे यहाँ विद्यालयों में गर्भ निरोधक गोलियाँ नहीं बांटी जाती| इससे वीर्यहीनता के प्रसार और देश के नागरिकों को बैल बनाने में सोनिया को कठिनाई हो रही है|

आप की कन्या को बिना विवाह बच्चे पैदा करने के अधिकार का संयुक्त राष्ट्र संघ कानून पहले ही बना चुका है. [मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा. अनुच्छेद २५()]. जज शीघ्र ही कुमारी माताओं को इनाम देने का आदेश पारित करेंगे. क्योंकि जजों द्वारा सहजीवन (बिना विवाह यौन सम्बन्ध) और सगोत्रीय विवाह (भाई-बहन यौन सम्बन्ध) को कानूनी मान्यता मिल गई है. आप की कन्याएं मदिरालयों में दारू पीने और नाच घरों में नाचने के लिए स्वतन्त्र हैं. समलैंगिक सम्बन्ध और कन्याओं को पब में शराब पीने और नंगे नाचने का अधिकार, सगोत्रीय विवाह के कानून तो जजों ने ही पास किये हैं| गांड मारिये और मराइए और जजों के गुण गाइए|

नीचे मैं राम चरित मानस की पंक्तियाँ उद्धृत कर रहा हूँ,

अनुज बधू भगिनी सुत नारी| सुनु सठ कन्या सम चारी|

इन्हहिं कुदृष्टि बिलोकइ जोई| ताहि बधें कछु पाप होई||”

राम चरित मानस, किष्किन्धाकाण्ड; ;

अर्थ: [श्री रामजी ने कहा] हे मूर्ख! सुन, छोटे भाई की स्त्री, बहिन, पुत्रवधू और कन्या चारों समान हैं| इनको जो कोई बुरी दृष्टि से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता|

सोनिया का ईसा बुरी दृष्टि की कौन कहे, सीधे बेटी (बाइबल, , कोरिन्थिंस :३६) से विवाह करने वाले दास ईसाइयों को अनंत जीवन देता है| अल्लाह तथाकथित पैगम्बर मुहम्मद का पुत्रवधू (कुरान, ३३:३७-३८) से निकाह करा चुका है| धरती के किसी नारी के बलात्कार के बदले स्वर्ग पाने वाले (बाइबल, याशयाह १३:१६) (कुरान २३:) दास और भेंड़ ईसाई मुसलमान और सोनिया के मातहत और उपकरण लोकसेवक वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए सम्मानित भद्र पुरुष बन गए हैं! सभी गोलबंद होकर अजान द्वारा और आप की नारियों का बलात्कार कर आप को अपमानित और वीर्यहीन कर रहे हैं?

वैदिक सनातन धर्म के उपरोक्त उद्धरण के अनुसार किसी भी ईसाई या मुसलमान का वध पाप नहीं है| क्या सोनिया ईसाई मजहब का परित्याग करेगी? यदि नहीं तो आप सोनिया का वध करने के लिए क्या उपाय कर रहे हैं? क्या आप ईसाइयत और इस्लाम को मिटाने में आर्यावर्त सरकार की सहायता कर सकते हैं?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद () जाति हिंसक, बलात्कारी दासता पोषक है. ईसाइयत और इस्लाम को आप की हत्या का अधिकार देता है| देखें:-

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९()- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा." भारतीय संविधान का अनुच्छेद () भाग मौलिक अधिकार.

यदि कोई सोचता है कि वह अपनी युवा हो चुकी कुंवारी बेटी (प्रिया) के प्रति उचित नहीं कर रहा है और यदि उसकी कामभावना तीव्र है, तथा दोनों को ही आगे बढ़ कर विवाह कर लेने की आवश्यकता है, तो जैसा वह चाहता है, उसे आगे बढ़ कर वैसा कर लेना चाहिए. वह पाप नहीं कर रहा है. उन्हें विवाह कर लेना चाहिए. (बाइबल, कोरिन्थिंस :३६)

देखें नीचे उद्धृत लिंक पर:-

अल्लाह ने मुहम्मद के बेटे जैद  की पत्नी से मुहम्मद का निकाह कराया.

३७. याद करो ( नबी), जबकि तुम उस व्यक्ति से कह रहे थे जिस पर अल्लाह ने अनुकम्पा की, और तुमने भी जिस पर अनुकम्पा की कि, ‘अपनी पत्नी को अपने पास रोके रखो और अल्लाह का डर रखो, और तुम अपने जी में उस बात को छिपा रहे हो जिसको अल्लाह प्रगट करने वाला हैतुम लोगों से डरते हो, जबकि अल्लाह इसका ज्यादा हक रखता है कि तुम उससे डरो.’ अतः जब जैद उससे अपनी जरूरत पूरी कर चुका तो हमने उसका तुमसे निकाह कर दिया, ताकि इमानवालों पर अपने मुंह बोले बेटों की पत्नियों के मामले में कोई तंगी रहे जबकि वे उनसे अपनी जरूरत पूरी कर लें. अल्लाह का फैसला तो पूरा हो कर ही रहता है. (कुरान सूरा ३३, अल-अहजाब आयत ३७)

३८. नबी पर उस काम में कोई तंगी नहीं जो अल्लाह ने उसके लिए ठहराया हो. यही अल्लाह का दस्तूर उन लोगों के बारे में भी रहा है जो पहले गुजर चुके हैं-और  अल्लाह का काम तो जंचा-तुला होता है.” (कुरान ३३:३८).

अजान ईशनिंदा है, जिसके लिए इस्लाम में मृत्यु दंड है| मुसलमान अजान और नमाज़ बंद करें| मस्जिद सेना वास हैं| मस्जिदों से मुसलमानों को काफिरों को कत्ल करने की शिक्षा दी जाती है| नागरिकों के पास भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ अधीन प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार है| हिंसा का एकाधिकार राज्य के पास होता है| आर्यावर्त सरकार की स्थापना आत्मरक्षा में ईसाइयत और इस्लाम को मिटाने के की गई है| आप सहयोग दें तो हम ईसाइयत और इस्लाम का धरती से सफाया कर देंगे|


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