Arrest real culprits

वास्तविक अपराधी

जहां भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ से प्राप्त सम्पत्ति के मौलिक अधिकार को सांसदों और जजों ने मिलकर नागरिकों से लूट लिया और अनुच्छेद ३९() व्यक्ति को सम्पत्ति पूँजी रखने का अधिकार नहीं देता, वहीं दंप्रसं की धारा १९७ ने सत्ता का केन्द्रीयकरण सोनिया के हाथों में कर दिया है. सोनिया के मनोनीत लुटेरों के विरुद्ध कहीं सुनवाई नहीं हो सकती| यह कहना गलत है कि कानून सबके लिए एक समान है अथवा कानून अपना कार्य करता है| सोनिया द्वारा दंप्रसं की धारा १९७ भयादोहन के लिए उपयोग में लाई जा रही है| लोकसेवक, पुलिस, नागरिक जज सभी दंप्रसं की धारा १९७ से पीड़ित हैं| आज अपराधी वह है जिसे सोनिया अपराधी माने| यही कारण है कि जहां येदियुरप्पा और मधु कोड़ा जेल गए, वहीं मुख्य मंत्री मुलायम व मायावती किसानों, लोकसेवकों और यहाँ तक कि रामप्रसाद बिस्मिल जैसे उन हुतात्माओं तक की जमीनें लूट चुके हैं, जिसके बलिदान के कारण वे मुख्य मंत्री व राज्यपाल बने, जेल नहीं भेजे जा रहे हैं| चुनाव द्वारा भी जनता सोनिया की लूट से मुक्ति नहीं पा सकती|

गौ-नरभक्षी (बाइबल, यूहन्ना ६:५३) एलिजाबेथ ने गरीब के नाम पर लूटा और गरीब सहित सबको कर्जदार बना दिया!

सत्ता के हस्तांतरण के दिन यानी १५ अगस्त, १९४७ को इंडिया पर एक पैसा विदेशी कर्ज नहीं था और खजाने में १५५ करोड़ रूपये थे| आज गरीब सहित प्रति व्यक्ति ८६००० रूपये से अधिक का कर्जदार है| यह स्थिति तब है जब भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) के अधिकार से एलिजाबेथ ने जमीनें और जमींदारी लूटी| सोना लूटा| बैंक लूटे| पूँजी और उत्पादन के साधन लूटे| अब लूटने के लिए विदेशों से ५००० हजार से अधिक कम्पनियां बुला ली हैं| एक ईस्ट इंडिया कम्पनी को इंडिया आज तक झेल रहा है| अभी भी मुक्ति नहीं मिली है| ए कम्पनियां आप का क्या हाल करेंगी? ज्ञातब्य है कि माननीय प्रधानमंत्री नमो ने एफडीआई की सीमा और कत्लखानों का अनुदान बढ़ा दिया है| अब स्वामी कोई न रहा! नमो ने मेक इन इंडिया घोषित कर सबको दास बना दिया.

न्यायपालिका, राज्यपाल व सोनिया ने न्यायपालिका को प्रभावित कर गोरखपुर उ०प्र० स्थित हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल की और मेरी भूमि लूटी हुई है| क्या मैं जान सकता हूँ कि मायावती और मुलायम को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के अधीन संरक्षण दिलाने वाली सोनिया और संरक्षण देने वाले राज्यपाल बनवारी के विरुद्ध कब कार्यवाही होगी? इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य जज रफात, पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम, मायावती, और सोनिया के विरुद्ध क्यों कार्यवाही नहीं हो रही है और श्री बाजपेई के विरुद्ध कार्यवाही हो रही है?

http://www.aryavrt.com/muj11w15c-jan-lokpal

Comments