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Mhan snsad snvidhan

Dated: Wednesday, August 31, 2011
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President Secretariat, New Delhi – 110004

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प्रकाशनार्थ

महान संसद संविधान

सम्पादक महोदय, दैनिक जागरण.

आप के सम्मानित दैनिक के माध्यम से मै आप के पाठकों का ध्यान संसद और भारतीय संविधान की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ|

क्यों बना भारतीय संविधान?

अम्बेडकर ने यह दावा कभी नहीं किया कि उन्होंने भारतीय संविधान बनाया। इसके विपरीत अम्बेडकर ने २ सितम्बर, १९५३ को राज्य सभा में कहा, "भारतीय संविधान मेरी इच्छा के विरुद्ध, मुझसे लिखवाया गया| ... अतएव इस संविधान को आग लगाने की जिस दिन जरूरत पड़ेगी, मैं पहला व्यक्ति रहूंगा जो इसे आग लगाउॅंगा। ... भारतीय संविधान किसी का भला नहीं करता|" अम्बेडकर का उपरोक्त वक्तव्य राज्य सभा की कार्यवाही का हिस्सा है; जिसे कोई भी पढ़ सकता है| एक बात और समझने की है कि भीमराव अम्बेडकर संविधान सभा की ड्राफिटंग कमैटी के चेयरमैन थे| जब संकलनकर्ता ही भारतीय संविधान को जलाना चाहते थे, तो आप भारतीय संविधान पर क्यों विश्वास करते हैं?

उत्तर है, मानव मात्र को दास बनाने के लिए, अन्यथा कत्ल करने के लिए|

ईसा की संस्कृति

अर्मगेद्दन के पश्चात ईसा जेरूसलम को अपनी अंतर्राष्ट्रीय राजधानी बनाएगा| बाइबल के अनुसार ईसा यहूदियों के मंदिर में ईश्वर बन कर बैठेगा और मात्र अपनी पूजा कराएगा| हिरण्यकश्यप की दैत्य संस्कृति न बची और केवल उसी की पूजा तो हो न सकी, अब ईसा की बारी है| विशेष विवरण नीचे की लिंक पर पढ़ें,

http://www.countdown.org/armageddon/antichrist.htm

अल्लाह की संस्कृति

अल्लाह व उसके इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है| धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है| (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब धरती को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी अधिकार है| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). चुनाव द्वारा इनमें कोई परिवर्तन सम्भव नहीं|

वैदिक सनातन संस्कृति

यहूदी या मुसलमान किसको पसंद करेंगे?

 ईश्वर को, जो उस के रग रग में सदा उस के साथ है, या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो सातवें आसमान पर बैठा है और अपने अनुयायियों से मिल ही नहीं सकता? ईश्वर को, जो उस को आरोग्य, ओज, तेज, सिद्धि, निधि और स्मृति का स्वामी बनाता है या जेहोवा अथवा अल्लाह को, जो उसका खतना करा कर दास बनाता है? ईश्वर को, जो उस को किसी भी देवता के उपासना की स्वतंत्रता देता है अथवा जेहोवा अथवा अल्लाह को, उस के उपासना की स्वतंत्रता छीनता है?

 हर मुसलमान यहूदी यह याद रखे कि उसको दास बनाया गया है| वस्तुतः मूसा और मुहम्मद नामक पैगम्बरों ने उसको दास बनाने के लिए उसका खतना करा कर उसके ब्रह्म को उससे छीनने का घृणित और अक्षम्य अपराध किया है| वे तो मर गए लेकिन अपनी वरासत शासकों और पुरोहितों को सौंप गए हैं| अगर उन्होंने अब भी पैगम्बरों द्वारा गढे गए जेहोवा और अल्लाह का परित्याग नहीं किया तो मानव जाति बचेगी नहीं|

 जेहोवा यहूदियों का व इस्लाम मुसलमानों का शत्रु|

जेहोवा और अल्लाह मनुष्य को दास बना कर लूटने के लिए मुखौटे हैं|

धृतराष्ट्र के न्यायपालिका ने जुए में हारने के बाद पांडवों को निर्णय दिया था कि दास के अधिकार नहीं होते| खतने पर अपने शोध के पश्चात १८९१ में प्रकाशित अपने ऐतिहासिक पुस्तक में चिकित्सक पीटर चार्ल्स रेमोंदिनो लिखते हैं कि पराजित शत्रु को जीवन भर पुंसत्वहीन कर (अधीन कर) दास के रूप में उपयोग करने के लिए शिश्न के अन्गोच्छेदन या अंडकोष निकाल कर बधिया करने (जैसा कि किसान सांड़ के साथ करता है) से खतना करना कम घातक है| सैतानों मूसा और मुहम्मद ने, किसान के सांड की भांति, यहूदियों व मुसलमानों को दास बनाने के लिए खतना को मजहब से जोड़ दिया है| यहूदी और मुसलमान गाजे बाजे के साथ स्वेच्छा से अपने ब्रह्मतेज को गवां देते हैं और जीवन भर रोगी, अशक्त और दास बन कर जीते हैं|

पूरा विवरण देखें:- http://en.wikipedia.org/wiki/Peter_Charles_Remondino

इतना ही नहीँ, मुसलमान स्वेच्छा से अपनी कब्र खोद रहे है। इस्लाम अपने अनुयायियों का ही शत्रु है। इस्लाम का अल्लाह अपने अनुयायी मुसलमानों से वादे जन्नत की करता है, लेकिन १४०० से अधिक वर्षो से मुसलमानों को कब्र में सड़ा रहा है और आगे कयामत तक सड़ाएगा। मुसलमान यह न भूलें कि ईसाई वैदिक सनातन संस्कृति को मिटाने के लिए उनका दोहन कर रहे हैं|

यो यो यां यां तनुं भक्तः श्रध्यार्चितुमिच्छति|

तस्य तस्याचलां श्रधां तामेव विदधाम्यहम|| (गीता :२१)

जो जो भक्त जिस जिस देवता की श्रद्धापूर्वक पूजा करना चाहता है, उस-उस देवता के प्रति मै उसकी श्रद्धा को दृढ़ कर देता हूँ| (गीता :२१).

आप उपासना की स्वतंत्रता चाहेंगे या दासता?

‘‘अरक्षितारं राजानं बलिषडभागहारिणम्।

तमाहुः सर्वलोकस्य समग्रमलहारकम्”।।3.308।।

यानी बिना रक्षा किए हुए राजा उपज का छठा भाग कर लेता है तो वह समग्र पापों का भागी है।

आप सम्पत्ति का स्वामित्व चाहेंगे, या बैल की भांति सोनिया का भूसा खायेंगे?

मे स्तेनो जनपदे कर्दर्यो मद्यपो नानाहिताग्निर्नाविद्वान्न स्वैरी स्वैरिणी कुतो

छान्दोग्योपनिषद, पंचम प्रपाठक, एकादश खंड, पांचवां श्लोक

अर्थ: कैकेय देश के राजा अश्वपति ने कहा, “मेरे राज्य में कोई चोर नहीं है, कंजूस नहीं, शराबी नहीं, ऐसा कोई गृहस्थ नहीं है, जो बिना यज्ञ किये भोजन करता हो, ही अविद्वान है और ही कोई व्यभिचारी है, फिर व्यभिचारी स्त्री कैसे होगी?”

वैदिक राज्य में चोर, भिखारी और व्यभिचारी नहीं होते थे| स्वयं मैकाले ने फरवरी १८३५ को इस बात की पुष्टि की है| लोकतंत्र में कोई सम्पत्ति और पूँजी रख ही नहीं सकता| {भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग)}. सभी चोर व भिखारी हैं| निर्णय करें! आप को राजतन्त्र चाहिए या लोकतंत्र?

भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) जाति हिंसक, बलात्कारी व दासता पोषक है| भारतीय संविधान का संकलन कर सोनिया को मानव जाति को भेंड़ बनाने और न बने तो कत्ल करने का असीमित मौलिक अधिकार दिया गया है| देखें:-

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- इंडिया के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा|" भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) भाग ३ मौलिक अधिकार|

भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) भ्रष्टाचारी है, जिसकी शर्त है,

"३९(ग)- आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेन्द्रण न हो;" भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग).

आप चाहे जो हों, बलात्कारियों, लुटेरों और हत्यारों के विरुद्ध शिकायत भी नहीं कर सकते|

दंड प्रक्रिया संहिता

धारा १९६. राज्य के विरुद्ध अपराधों के लिए और ऐसे अपराध करने के लिए आपराधिक षडयंत्र के लिए अभियोजन – (१) कोई न्यायालय, -

भारतीय दंड संहिता (१८६० का ४५) के अध्याय ६ के अधीन या धारा १५३(क), धारा २९५(क) या धारा ५०५ की उपधारा (१) के अधीन दंडनीय किसी अपराध का; अथवा ऐसा अपराध करने के लिए आपराधिक षडयंत्र का; अथवा         

भारतीय दंड संहिता (१८६० का ४५) की धारा १०८(क) में यथावर्णित किसी दुष्प्रेरण का, संज्ञान केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार की पूर्व अनुमति से ही किया जायेगा, अन्यथा नहीं| ...."

१९७. न्यायाधीशों और लोकसेवकों का अभियोजन- “(१) जब किसी व्यक्ति पर, जो न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट या ऐसा लोकसेवक है या था जिसे सरकार द्वारा या उसकी मंजूरी से ही उसके पद से हटाया जा सकेगा, अन्यथा नहीं, किसी ऐसे अपराध का अभियोग है जिसके बारे में यह अभिकथित हो कि वह उसके द्वारा तब किया गया था जब वह अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में कार्य कर रहा था या जब उसका ऐसे कार्य करना तात्पर्यित था, तब कोई भी न्यायालय ऐसे अपराध का संज्ञान - ... सरकार की पूर्व मंजूरी से ही करेगा, अन्यथा नहीं; ...”

आप चाहे जो हों, बलात्कारियों, लुटेरों और हत्यारों के विरुद्ध शिकायत भी नहीं कर सकते| सोनिया बलात्कारियों, लुटेरों और हत्यारों को संरक्षण देने के लिए अनुच्छेद ६० व १५९ के अधीन राष्ट्रपति और राज्यपालों का भयादोहन कर रही है|

जहां हिंदुओं ने सभी देशों ओर मजहबों के पीडितों को शरण दिया, वहीं अंग्रेजों की कांग्रेस ने भारतीय संविधान का संकलन कर जिन विश्व की सर्वाधिक आबादी ईसाइयत और दूसरी सर्वाधिक आबादी इस्लाम को अल्पसंख्यक स्वीकार कर वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए इंडिया में रोका है, उन्होंने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया| लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए| भारतीय संविधान के अनुच्छेद २९(१) से अधिकार प्राप्त कर, (यह अनुच्छेद दोनों को पूजा स्थल तोड़ने, हत्या, लूट, धर्मान्तरण और नारी बलात्कार का असीमित मौलिक अधिकार देता है) ईसाइयत व इस्लाम मिशन व जिहाद की हठधर्मिता के बल पर वैदिक संस्कृति को मिटा रहे हैं| मंदिर तोड़ रहे हैं| चढ़ावों को लूट रहे हैं| वे हठधर्मी सिद्धांत हैं, "परन्तु मेरे उन शत्रुओं को जो नहीं चाहते कि मै उन पर राज्य करूं, यहाँ लाओ और मेरे सामने घात करो|" (बाइबल, लूका १९:२७) और "और तुम उनसे (काफिरों से) लड़ो यहाँ तक कि फितना (अल्लाह के अतिरिक्त अन्य देवता की उपासना) बाकी न रहे और दीन (मजहब) पूरा का पूरा (यानी सारी दुनियां में) अल्लाह के लिए हो जाये|" (कुरान, सूरह  अल अनफाल ८:३९). (कुरान, बनी इस्राएल १७:८१ व कुरान, सूरह अल-अम्बिया २१:५८). (बाइबल, व्यवस्था विवरण १२:१-३). स्पष्टतः वैदिक सनातन धर्म मिटाना दोनों का घोषित कार्यक्रम है| ऊपर उद्धृत दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं १९६ व १९७ के संरक्षण के कारण आप चाहे जो हों, बलात्कारियों, लुटेरों और हत्यारों के विरुद्ध शिकायत भी नहीं कर सकते|

इस्लाम के अल्लाह ने मुसलमानों पर युद्ध अनिवार्य कर दिया है| (कुरान २:२१६) और ईसा तलवार चलवाने (बाइबल, मत्ती १०:३४) और आग लगवाने आया है| (बाइबल, लूका १२:४९). अल्लाह और ईसा का विरोध ईशनिंदा है, जिसके लिए मृत्यु दंड है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) हामिद के अल्लाह और सोनिया के ईसा को अपनी लूट, कत्ल और नारी बलात्कार की संस्कृति को बनाये रखने का असीमित मौलिक अधिकार देता है| भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) सोनिया और हामिद को आप की सम्पत्ति और पूँजी को लूटने का अधिकार देता है| न्यायपालिका ईसाइयत और इस्लाम को संरक्षण देने के लिए विवश है| (एआईआर, कलकत्ता, १९८५, प१०४). भारतीय संविधान के अनुच्छेद ६० के अधीन राष्ट्रपति और अनुच्छेद १५९ के अधीन राज्यपाल शपथ/प्रतिज्ञान लेता है, “मैं ... पूरी योग्यता से संविधान और विधि का परिरक्षण, संरक्षण और प्रतिरक्षण करूँगा|” वैदिक सनातन धर्म कैसे बचेगा?

दया के पात्र मीडिया कर्मियों, विधायकों, सांसदों, जजों, राज्यपालों और लोक सेवकों के पास भारतीय संविधान ने कोई विकल्प नहीं छोड़ा है| वर्तमान परिस्थितियों में सोनिया द्वारा सबका भयादोहन हो रहा है| लोक सेवक लूटें तो जेल जाएँ और न लूटें तो जेल जाएँ| या तो वे स्वयं अपनी मौत स्वीकार करें, अपनी नारियों का अपनी आखों के सामने बलात्कार कराएँ, शासकों (सोनिया) की दासता स्वीकार करें व अपनी संस्कृति मिटायें अथवा नौकरी न करें| इनके अपराध परिस्थितिजन्य हैं, जिनके लिए भारतीय संविधान उत्तरदायी है| भारतीय संविधान ने इनकी पद, प्रभुता और पेट को वैदिक सनातन धर्म के समूल नाश से जोड़ दिया है| ऐसे भारतीय संविधान को रद्दी की टोकरी में डालना अपरिहार्य है| हम अभिनव भारत और आर्यावर्त सरकार के लोग ईसाइयत और इस्लाम को इंडिया में रखने वाले भारतीय संविधान को रद्द करने की मुहिम में लगे हैं| सोनिया के देश पर आधिपत्य को स्वीकार करते ही प्रत्येक नागरिक ईसा की भेंड़ है| अगर हम जीवित रहना चाहते हैं, तो हमारे पास लोकतंत्र, इस्लाम और ईसाई मजहब को समाप्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है|

भारतीय संविधान कुटरचित, परभक्षी और आतताई अभिलेख है| {भारतीय संविधान के  अनुच्छेद २९(१) व ३९(ग)}. भारतीय संविधान हत्यारे, आतताई, स्वार्थी, कामी, धनलोलुप मुस्लिम व ईसाई आतंकवादियों को, संवैधानिक व कानूनी कवच दे कर, वैदिक संस्कृति व आर्य जाति को समाप्त करने के लिए संकलित किया गया है| सांसद इसी संविधान में आस्था व निष्ठा की शपथ लेते हैं|

पाठक का सामना किसी ऐसे दास समूह से हो जाए, जिसके देवता का पेशा चोरी का कार्य (कुरआन ८:१, ४१ व ६९) है. जिसने अपने अनुयायी मुसलमानों पर युद्ध अनिवार्य कर दिया है| (कुरआन  २:२१६). आतंक (कुरआन ८:१२) और नारियों के बलात्कार (कुरआन  ४:२४ व २३:६) की छूट दे रखी है| जिस समूह का पूज्य देवता सगर्व कहता है कि वह हत्यारा है| (कुरआन ८:१७). लूट के माल का स्वामी है, (कुरआन ८:१) लूट के माल को पवित्र बताता है, (कुरआन ८:६९), मुसलमान समाज में लूट का बंटवारा करता है, (कुरआन ८:४१) प्रतिज्ञाऐ तोड़ता है, (कुरआन  ६६:२) जिसने मुहम्मद का निकाह मुहम्मद की ही पुत्रवधू से कराया था | (कुरआन,३३:३७-३८). जो मुसलमानों द्वारा गैर-मुसलमान नारियों का बलात्कार निंदनीय नहीं मानता है (कुरआन २३:६) अपितु इन कुकर्मो को करने वाले मुसलमानों को स्वर्ग भेजता है, जहाँ ऐसे अपराधी मुसलमानों को हूरे व गिलमे मिलेंगे, (यानी अल्लाह और उसके अनुयायी असामाजिक तत्व हैं. जिन्हें धरती पर रहने का अधिकार नहीं है) तो क्या आप चुप बैठे रहेंगे? मुझे दुःख है कि आप चुप ही नहीं बैठे हैं, बल्कि लूट व यौन सुख के लोभ में और मुजाहिदों के हाथों मौत के भय से सच्चाई को सामने नहीं आने दे रहे हैं | आप मानवद्रोही क्यों नहीं हैं? भारतीय संविधान मुसलमान और ईसाई को समर्थन व संरक्षण दे रहा हैं| अतएव आतंकवादी मुसलमान, कसाब या अफजल नहीं, अल्लाह व मस्जिद का पौषक भारतीय संविधान हैं| अपराध करने वाले से अपराध सहन करने वाला अधिक अपराधी होता है. अतः अपराधी भारतीय संविधान का बहिष्कार करने में हमारा सहयोग करें|

इंडिया में कोई लोकतंत्र नहीं है. इंडिया में सोनिया के लिए, सोनिया द्वारा चुना गया सोनियातंत्र है. सर्व विदित है कि प्रेसिडेंट प्रनब दा का मनोनयन सोनिया ने किया. प्रधानमंत्री का मनोनयन सोनिया ने ही किया है. सभी राज्यपालों का मनोनयन सोनिया ही करती है और सभी कांग्रेसशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री सोनियाद्वारा मनोनीत हैं|

इंडिया आजाद कभी नहीं हुआ| इंडिया आज भी ब्रिटिश उपनिवेश है| भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, १९४७ व {भारतीय संविधान, अनुच्छेद ६ (ब)(।।)} और इंडिया राष्ट्रकुल का सदस्य भी हैआप सोनिया के दास हैं| चुनाव द्वारा भी आप भारतीय संविधान के अनुच्छेदों २९(१) व ३९(ग) को नहीं बदल सकते|

भारतीय संविधान, जिसके अनुच्छेद ३९(ग) के संरक्षण, संवर्धन व पोषण की राज्यपालों ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद १५९ के अधीन शपथ ले कर, दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ द्वारा जो राज्यपाल भ्रष्ट लोक सेवकों को संरक्षण देने के लिए विवश हैं और जजों ने भी जिस अनुच्छेद ३९(ग) को बनाये रखने की शपथ ली है, (भारतीय संविधान, तीसरी अनुसूची, प्रारूप ४ व ८), से निकृष्ट भ्रष्टाचारी कौन हो सकता है?

छल जिसे कोई नहीं बताता|

हमारे पूर्वजों ने ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं किया| उलटे १८५७ से ही ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया| हमें इसी अपराध के लिए ई० सन १८५७ से ही दंडित किया जा रहा है| २६ नवम्बर १९४९ को हमारे साथ छल हुआ था| संविधान सभा के लोग अंग्रेजों के सत्ता हस्तांतरण के बाद जनता के चुने प्रतिनिधि नहीं थे| क्यों कि पहला चुनाव ही १९५२ में हुआ| संविधान का संकलन कर उसे जनता के सामने नहीं रखा गया और जनमत संग्रह हुआ| हम आज भी ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं करते| फिर हम इंडिया के लोगों ने संविधान को आत्मार्पित कैसे किया? हम अभिनव भारत और आर्यावर्त के लोगों ने यही पूछने का दुस्साहस किया है| इससे बड़ा दुस्साहस यह किया है कि हमने आर्यावर्त सरकार का गठन कर लिया है| इस प्रकार हमने सोनिया के रोम राज्य को चुनौती दी है| बंदा बैरागी, सिक्खों के दसो गुरुओं, गुरु गोविन्द सिंह के पुत्रों, भाई सती और मती दास की भांति हम सोनिया द्वारा सताए जा रहे हैं| (बाइबल, लूका १९:२७). इससे भी भयानक बात यह है कि आज हमें तब की भांति मुसलमान नहीं सता रहे, बल्कि जीविका, पद व प्रभुता के लिए वे सता रहे हैं, जिनकी जान, संस्कृति, सम्पत्ति और नारियों की रक्षा के लिए हम लड़ रहे हैं|

आप अकेले यह युद्ध नहीं लड़ सकते| धरती पर एक से बढ़ कर एक त्रिकालदर्शी, योद्धा, चिन्तक, समाज सुधारक और बुद्धिमान पैदा हुए, लेकिन, मालेगांव अन्य मस्जिदों पर विष्फोट के अभियुक्त और जेल में निरुद्ध, जगतगुरु श्री अमृतानंद के अतिरिक्त किसी ने भी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध नहीं किया. उनके आशीर्वाद से हम आप के लिए लड़ रहे हैं| क्या आप हम लोगों की सहायता करेंगे, ताकि सोनिया आप की आँखों के सामने आप की सम्पत्ति और घर लूट ले, आप के दुधमुंहे आप की आँखों के सामने पटक कर मार डाले जाएँ, नारियों का सोनिया बलात्कार करा पाए और आप कत्ल हों? (बाइबल, याशयाह १३:१६).

भारतीय संविधान का संकलन षड्यंत्र है| अनुच्छेद २९(१)  भारतीय संविधान का संकलन आर्य यानी तथाकथित हिन्दू जाति का संहार करने और वैदिक सनातन धर्म को मिटाने के लिए किया गया है|

ईसाइयत और इस्लाम में आस्था व्यक्त (दासता स्वीकार) करिये, चाहे जिस नारी का बलात्कार कीजिये| [(बाइबल, याशयाह १३:१६) व (कुरान २३:६)]  जिसकी भी चाहें सम्पत्ति लूटिये [(बाइबल, व्यवस्थाविवरण २०:१४) व (कुरान ८:१, ४१ व ६९)] और जिसे भी चाहिए अपनी तरह दास बनाइए| न बने तो कत्ल कर दीजिए| मूर्खों और दासों के वैश्यालय व मदिरालय नामक स्वर्ग का दरवाजा सदा के लिए खुला है| {(बाइबल, उत्पत्ति २:१७) व (कुरान २:३५)}| वहभी भारतीयसंविधान के अनुच्छेदों २९(१) व ३९(ग) और दंप्रसं कीधाराओं १९६ व १९७ केसंरक्षण में|

मैं भी एक असफल लोक सेवक हूँ| लूट कर अपने अधिकारीयों को हिस्सा न दे सका - इसलिए कभी नौकरी न कर सका| १९८४ में ही नौकरी से निकाल दिया गया| १९९४ को मेरे पक्ष में निर्णय हुआ| लेकिन आज तक न मुझे नौकरी दी गई और न पेंशन ही दी जा रही है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) से अधिकार प्राप्त कर दंड प्रक्रिया संहिता की धारा १९७ के संरक्षण में सोनिया ने मेरी व हुतात्मा रामप्रसाद बिस्मिल की गोरखपुर, उत्तर प्रदेश स्थित भूमि, राजस्व अभिलेखों में जालसाजी करा कर लूटी हुई है| १९८९ से आज तक अपराध सिद्ध होते हुए भी किसी राजस्व कर्मी के विरुद्ध कोई जज कार्यवाही न कर सका| बदले में भूमि देने का आदेश आज तक प्रभावी होते हुए भी न्यायपालिका मुझे भूमि न दिलवा सकी| विवरण के लिए नीचे की लिंक को क्लिक करें,

http://www.aryavrt.com/pension

 http://www.aryavrt.com/nl-petition-transfered

कानून के अभाव में भी पटेल ने देश के राजाओं के राज्य लूट लिए| भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३१ के लुप्त होने के बाद और अनुच्छेद ३९(ग) के प्रभावी रहते हुए स्वयं राज्यपाल, अम्बानी, टाटा आदि पूंजीपति और मुख्यमंत्री अखिलेश सोनिया के हाथों लुटने से अपनी सम्पत्तियां, सम्मान और जीवन कैसे बचायेंगे?

मैं अरबपति व्यक्ति हूँ, लेकिन पांडवों और राणाप्रताप की भांति भिक्षावृत्ति के लिए विवश हूँ| आप का क्या होगा? एक बार फिर अम्बेडकर को दुहराता हूँ, “इस संविधान को आग लगाने की जिस दिन जरूरत पड़ेगी, मैं पहला व्यक्ति रहूंगा जो इसे आग लगाउॅंगा। भारतीय संविधान किसी का भला नहीं करता|” अम्बेडकर तो रहे नहीं, क्या उनके दलित वारिस भारतीय संविधान को जलाने में मेरी सहायता करेंगे?

हर मुसलमान व ईसाई खूनी है| सोनिया कैथोलिक ईसाई है| धर्मपरिवर्तन के लिए उकसाने वाले को कत्ल करने की बाइबल की आज्ञा है| (व्यवस्था विवरण, १३:६-११). व धर्मपरिवर्तन करने वाले को कत्ल करने की कुरान की आज्ञा है| (कुरान ४:८९). २०११ वर्ष पूर्व ईसाई नहीं थे| न १४३१ वर्ष पूर्व मुसलमान ही थे| अतएव धर्मत्यागी सोनिया व हामिद को उनके ही मजहब के अनुसार कत्ल करने का हमे भारतीय दंड संहिता की धारा १०२ से प्राप्त अधिकार है| क्यों कि बाइबल, लूका १९:२७ के ईसा के आदेश से सोनिया हमे कत्ल करेगी और कुरान २१:९८ के आदेश से हामिद अंसारी कत्ल करेगा|

हम ईसाइयत और इस्लाम के विरोधी हैं| हमारे ९ अधिकारी ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण मक्का, मालेगांव आदि के विष्फोट में बंद हैं| आप सहयोग दें, तो हम अभिनव इंडिया और आर्यावर्त के लोग आतताई ईसाइयत और इस्लाम व उनके चर्च व मस्जिदें नहीं रहने देंगे| हमने बाबरी ढांचा गिराया है. क्यों कि यदि  आतताई ईसाइयत और इस्लाम धरती पर रहेंगे तो कोई मंदिर नहीं बच सकता| किसी नारी की मर्यादा नहीं बच सकती|

http://www.aryavrt.com/malegaon-notice-crpc160


चूंकि ईसाइयत और इस्लाम दोनों को ही वैदिक सनातन धर्म को मिटाना है, अतएव हमने कुरान के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका स० १५/१९९३ प्रस्तुत की थी, जो निरस्त कर दी गई| मैंने पत्रक मुसलमानों भारत छोड़ोऔर ईश्वर अल्लाह कैसे बना?’ प्रकाशित किया और बांटा था| जिनके आधार पर मेरे विरुद्ध थाना रूपनगर, दिल्ली से दो अभियोग क्रमशः ७८/१९९३ व १३७/१९९३ चले थे, जिनमे मुझे ३ जुलाई, १९९७ को दोषमुक्त कर दिया गया| बाइबल, कुरान और भारतीय संविधान का विरोध करने के कारण प्रेस परिषद में अभियोग चला, जिसमें मै दिनांक २५-०२-२००२ को दोषमुक्त हुआ| अभी मेरे विरुद्ध रूपनगर थाने से अभियोग ४४०/१९९६ व ४८४/१९९६ चल रहे हैं| मैंने कानपूर में पाकपिता गाँधी की प्रतिमा तोड़वा कर हुतात्मा श्री नथूराम गोडसे की प्रतिमा लगवाई थी. प्राथमिकी १२७/१९९७ थाना रूपनगर, दिल्ली से चले इस अभियोग से ६ फरवरी, २०१३ को मैं आरोप मुक्त हो गया हूँ| इसके अतिरिक्त थाना नरेला दिल्ली से प्राथमिकी स० ४०६/२००३ व १६६/२००६ ईसाइयत और इस्लाम का विरोध करने के कारण अभियोग चल रहा है| मैं अजान के विरोध के कारण चले अभियोग प्राथमिकी स० ११०/२००१ से दिनांक २६ फरवरी, २००५ को और आई एस आई एजेंट बुखारी को बंदी बनाये जाने की मांग के कारण चले अभियोग १०/२००१ से दिनांक ०४-०२-२०१० को आरोप मुक्त हो चुका हूँ|

मैं मानव जाति को बचाना व विदेशी बैंकों में जमा देश का धन वापस लाना चाहता हूँ| सोनिया राज्यपालों के माध्यम से आप को लूट रही व मानवता को मिटा रही है. किसके साथ हैं आप?

 अयोध्या प्रसाद त्रिपाठी

 

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AyodhyaP Tripathi,
Aug 31, 2011, 10:10 AM
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AyodhyaP Tripathi,
Sep 1, 2011, 2:15 AM
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