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इस्लाम मिटाने में हमे सहयोग दें

कुलदीप इस्लाम के हाथों लुट-पिट कर, अपनी पैत्रिक भूमि, सम्पत्ति और नारियां अल्लाह के अनुयायियों को सौंप कर - अंततः जान बचा कर पाकिस्तान से भागे शरणार्थी हैं. यहूदियों की जर्मनी से अपने पूर्वजों की लुटी सम्पत्ति की मांग की भांति, इन्होने पाकिस्तान से अपनी धरती और सम्पत्ति की मांग कभी नहीं की. हमेशा इस्लाम और अल्लाह से समझौते की बात करते हैं, जिसके लिए इस्लाम में कोई स्थान नहीं.

 

हम आर्यावर्त सरकार और अभिनव भारत के लोग आमने सामने की लड़ाई लड़ रहे हैं. हमारे १२ अधिकारी मक्का, मालेगांव आदि के विष्फोट में विभिन्न जेलों में बंद हैं. हमारे पूर्वजों ने ईसा को अपना राजा स्वीकार नहीं किया. उलटे १८५७ से ही ब्रिटिश सरकार के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया. हमें इसी अपराध के लिए १९४७ से ही दंडित किया जा रहा है. भारतीय संविधान का संकलन षड्यंत्र है. अनुच्छेद २९(१).का संकलन आर्य यानी तथाकथित हिन्दू जाति का नरसंहार करने के लिए किया गया है. जब तक सोनिया का रोम राज्य स्थापित नहीं हो जाता, सभी को मिटाया जायेगा. चाहे हिंदू मरे या मुसलमान अन्ततः ईसा का शत्रु मारा जायेगा.

ईसाइयत और इस्लाम ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, उन्होंने वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति निगल रही है.

यह मीडिया की ही महिमा है कि ४ मस्जिदों में विष्फोट करके हम भगवा आतंकवादी हैं और मात्र कश्मीर में १०८ मंदिर तोड्ने वालों की संरक्षक सोनिया आतंकवादी नहीं.

भारतीय संविधान का अनुच्छेद २९(१) जाति हिंसक, बलात्कारी व दासता पोषक है. देखें:-

अल्पसंख्यक-वर्गों के हितों का संरक्षण- "२९(१)- भारत के राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के निवासी नागरिकों के किसी अनुभाग को, जिसकी अपनी विशेष भाषा, लिपि या संस्कृति है, उसे बनाये रखने का अधिकार होगा." भारतीय संविधान भाग ३ मौलिक अधिकार.

भारतीय संविधान का अनुच्छेद ३९(ग) भ्रष्टाचारी है. देखें:-

"३९(ग)- आर्थिक व्यवस्था इस प्रकार चले कि जिससे धन व उत्पादन के साधनों का सर्वसाधारण के लिए अहितकारी संकेन्द्रण न हो;" भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्व. अनुच्छेद ३९(ग).

 

ईसा अपने लक्ष्य को कभी नहीं छिपाता. केवल उन्हें ही जीवित रहने का अधिकार है, जो ईसा का दास बने. (बाइबल, लूका १९:२७) और अल्लाह व उसके इस्लाम ने मानव जाति को दो हिस्सों मोमिन और काफ़िर में बाँट रखा है. धरती को भी दो हिस्सों दार उल हर्ब और दार उल इस्लाम में बाँट रखा है. (कुरान ८:३९) काफ़िर को कत्ल करना व दार उल हर्ब भारत को दार उल इस्लाम में बदलना मुसलमानों का मजहबी अधिकार है.

ईसाइयत और इस्लाम ने जहां भी आक्रमण या घुसपैठ की, उन्होंने वहाँ की मूल संस्कृति को नष्ट कर दिया. लक्ष्य प्राप्ति में भले ही शताब्दियाँ लग जाएँ, ईसाइयत और इस्लाम आज तक विफल नहीं हुए. ईसा १० करोड़ से अधिक अमेरिकी लाल भारतीयों और उनकी माया संस्कृति को निगल गया. अब ईसा की भेंड़ सोनिया काले भारतीयों और उनकी वैदिक संस्कृति को निगल रही है.

इराक के सद्दाम रहे हों या ओसामा अथवा उनका इस्लाम, ईसा उनका दोहन कर रहा है. ओबामा मुसलमान भी हैं और ईसाई भी.

घर फूटे काकर भल भयऊ| रावण बालि दुओ घर गयऊ||

अतएव इस्लाम को मिटने में अब देर नहीं लगेगी.

इनका लक्ष्य वैदिक सनातन धर्म मिटाना है. जिस दिन वैदिक सनातन धर्म मिटा, इस्लाम मिट जायेगा.

जिसने भी भारतीय संविधान में निष्ठा की शपथ ली है, मानवता का शत्रु है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३९(ग) ने नागरिकों से सम्पत्ति रखने का अधिकार २६ जनवरी, १९५० से ही छीन लिया है. वोट द्वारा भी नागरिक इस अधिकार को नहीं बदल सकते. स्वयं लोकसभा व सर्वोच्च न्यायलय भी कुछ नहीं कर सकती.

 

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